'मुझे हिस्ट्रीशीटर बताने वालों की...'; CJP आंदोलन से चर्चा में आए निलंबित पुलिस जवान शेर सिंह का नया वीडियो वायरल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन के दौरान मंच पर नजर आए उत्तराखंड पुलिस के निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उन अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है जो उन्हें 'हिस्ट्रीशीटर' बता रहे हैं।
वीडियो में क्या बोले निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह?
वायरल वीडियो में हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर जट्ट के रहने वाले शेर सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि बिना किसी ठोस आधार के किसी को भी 'हिस्ट्रीशीट' का टैग देने का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें सस्पेंड किया गया था, तब मामला अदालत में गया था, जहां वे न्यायालय से निर्दोष साबित हो चुके हैं। उनके अनुसार, इस बात के सबूत के तौर पर अदालत की कॉपी भी उनके पास मौजूद है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि समय आने पर वह उन अधिकारियों की पोल खोलेंगे जो उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
(नोट: 'लाइव हिन्दुस्तान' इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।)
कौन हैं शेर सिंह और क्या है पूरा मामला?
-
पृष्ठभूमि: शेर सिंह मूल रूप से रुड़की के पास बहादुरपुर जट्ट गांव के रहने वाले हैं और पूर्व में आईजी गढ़वाल के गनर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर वे अक्सर भीम आर्मी से जुड़े वीडियो भी साझा करते रहे हैं।
-
सस्पेंशन और गिरफ्तारी: साल 2025 में ड्यूटी में लापरवाही और जमीन के एक लेन-देन के मामले में प्रवीण वाल्मीकि गैंग की मुखबिरी करने के आरोप में एसटीएफ देहरादून ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले में वे जेल भी जा चुके हैं और तभी से उत्तराखंड पुलिस विभाग से निलंबित चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पुलिस मुख्यालय को वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) के लिए भी पत्र भेजा हुआ है।
-
पुलिस प्रशासन का रुख: इस पूरे मामले पर आईजी कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती का कहना है कि शेर सिंह के मामले में कोई भी बयान या अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पिथौरागढ़ के एसपी उत्तरदायी हैं।