पहले ही दिन 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ यह धमाकेदार IPO, ग्रे मार्केट में ₹70 प्रीमियम पर पहुंचा भाव
प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर नए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बोली के पहले ही दिन इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और कुछ ही घंटों के भीतर यह इश्यू पूरी तरह भर गया। शाम को बोली समाप्त होने तक यह आईपीओ कुल मिलाकर 3 गुना से अधिक सब्सक्राइब होकर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, आकर्षक वैल्यूएशन और सेक्टर में लगातार बनी मजबूत मांग के चलते पहले दिन से ही बोलियों की झड़ी लग गई। संस्थागत निवेशकों (QIB) के साथ-साथ रिटेल और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (NII) दोनों ही श्रेणियों में निवेशकों ने आक्रामक अंदाज में पूंजी लगाई है, जिससे आगामी दिनों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और बड़े स्तर पर पहुंचने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रे मार्केट में ₹70 का उछाल: लिस्टिंग गेन के मिले मजबूत संकेत
प्राइमरी मार्केट में सब्सक्रिप्शन की रफ्तार के साथ-साथ अनऑफिशियल ग्रे मार्केट (Grey Market) में भी इस शेयर को लेकर जबरदस्त तेजी बनी हुई है। बाजार सूत्रों और अनऑफिशियल ट्रैकर्स के अनुसार, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) आज उछलकर ₹70 के स्तर पर पहुंच गया है।
इश्यू के प्राइस बैंड के मुकाबले ₹70 का यह प्रीमियम निवेशकों को लगभग 25 से 35 फीसदी के संभावित लिस्टिंग मुनाफे (Listing Gains) का स्पष्ट संकेत दे रहा है। ग्रे मार्केट का यह बढ़ता रुझान दर्शाता है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी और ट्रेडर स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी मजबूत लिस्टिंग को लेकर काफी आश्वस्त हैं। जिन निवेशकों ने लिस्टिंग गेन के उद्देश्य से बोली लगाई है, उनके चेहरे पर यह जीएमपी देखकर मुस्कान आ गई है।
किस कैटेगरी में मिला कितना सब्सक्रिप्शन?
पहले दिन के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो हर वर्ग के निवेशकों ने इस पब्लिक ऑफर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है:
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खुदरा निवेशक (Retail Portion): आम खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित कोटा पहले दिन सबसे तेजी से भरा और यह श्रेणी लगभग 4 से 5 गुना तक सब्सक्राइब हो चुकी है।
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गैर-संस्थागत निवेशक (NII / HNI): हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की कैटेगरी में भी आक्रामक लिवाली देखने को मिली और यह हिस्सा करीब 3 गुना सब्सक्राइब हुआ।
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क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): संस्थागत खरीदारों का कोटा आमतौर पर इश्यू के आखिरी दिन रफ्तार पकड़ता है, लेकिन इस आईपीओ में पहले दिन से ही संस्थागत स्तर पर भी संतोषजनक बोलियां दर्ज की गई हैं।
कंपनी के फंडामेंटल्स और ग्रोथ आउटलुक पर विश्लेषकों की राय
दलाल स्ट्रीट के प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों ने इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक राय व्यक्त की है। वित्तीय जानकारों का मानना है कि कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट पिछले तीन वित्त वर्षों में लगातार मजबूत चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है। इसके अलावा, कंपनी अपनी जुटाई गई पूंजी का एक बड़ा हिस्सा अपने पुराने कर्जों को चुकाने और भविष्य की विस्तार योजनाओं (CapEx) में लगाने जा रही है, जिससे आगे चलकर कंपनी के मार्जिन में और सुधार होने की संभावना है।
हालांकि, कुछ सतर्क विश्लेषकों का यह भी कहना है कि निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) देखकर ही अंधाधुंध पैसा नहीं लगाना चाहिए। बाजार में किसी भी अस्थिरता के समय जीएमपी में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए हमेशा कंपनी के बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, प्रमोटर बैकग्राउंड और इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर ही लंबी अवधि या मध्यम अवधि के लिए निवेश का फैसला करना चाहिए।