सरे में फिर भड़की आग: आतंकी निज्जर के पुराने सहयोगी की कार फूंकी, बस पर कालिख
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है। पिछले साल मारे गए कुख्यात खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पुराने और करीबी सहयोगी नरिंदर सिंह रंधावा की कार को अज्ञात हमलावरों ने आग के हवाले कर दिया। यह सनसनीखेज घटना बुधवार देर रात करीब 11:45 बजे घटी, जब रिहायशी इलाके में खड़ी रंधावा की गाड़ी में अचानक भीषण लपटें उठने लगीं। चश्मदीदों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, आग लगाने के तुरंत बाद एक संदिग्ध व्यक्ति मौके से पैदल ही अंधेरे का फायदा उठाकर भागता हुआ देखा गया। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
'टीम शहीद निज्जर' की बस को भी बनाया निशाना, स्प्रे पेंट से की तोड़फोड़
हमलावरों की हरकतें केवल कार में आग लगाने तक ही सीमित नहीं रहीं। पास ही खड़ी 'टीम शहीद निज्जर' के नाम से प्रचार में इस्तेमाल की जाने वाली एक बस पर भी स्प्रे पेंट से कालिख पोत दी गई और तोड़फोड़ की गई। यह बस निज्जर के समर्थन में चलाए जा रहे अभियानों और रैलियों के लिए उपयोग की जाती रही है। घटना के समय आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय जांचकर्ताओं का मानना है कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह या रंजिश का हाथ हो सकता है।
खालिस्तान समर्थक रैली के कुछ ही घंटों बाद हमला
यह पूरी वारदात उस समय हुई जब उससे कुछ घंटे पहले ही इलाके में खालिस्तान समर्थकों द्वारा एक रैली आयोजित की गई थी। इस रैली के आयोजन में नरिंदर सिंह रंधावा की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है। रैली खत्म होने के बाद देर रात रंधावा के ठिकाने के बाहर इस तरह की आगजनी को सीधे तौर पर इस गतिविधि से जोड़कर देखा जा रहा है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि रात 11 बजे से आधी रात के बीच संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
कनाडाई पुलिस ने जारी किया 'ड्यूटी टू वॉर्न' अलर्ट: जान को बताया गंभीर खतरा
घटना के तुरंत बाद कनाडाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों और स्थानीय पुलिस (RCMP) ने नरिंदर सिंह रंधावा को सुरक्षा को लेकर औपचारिक चेतावनी जारी की। पुलिस ने रंधावा को सूचित किया है कि उनकी जान पर 'आसन्न खतरा' (Imminent Threat) मंडरा रहा है और वे संभावित रूप से किसी अन्य हमले का शिकार हो सकते हैं। कनाडा में जब सुरक्षा एजेंसियों को किसी नागरिक की जान पर पुख्ता खतरे की खुफिया जानकारी मिलती है, तो कानूनन 'ड्यूटी टू वॉर्न' प्रोटोकॉल के तहत संबंधित व्यक्ति को सतर्क किया जाता है। इससे पहले भी निज्जर से जुड़े कई अन्य चरमपंथी सहयोगियों को पुलिस ऐसी चेतावनियां दे चुकी है।
स्थानीय पुलिस की जांच तेज, किसी भी मकसद की पुष्टि नहीं
सरे पुलिस के मेजर क्राइम इन्वेस्टिगेटर्स मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और आग लगाने के सटीक मकसद की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने आम जनता और पड़ोसियों से अपील की है कि अगर किसी के पास डैशकैम फुटेज या सुरक्षा कैमरे की रिकॉर्डिंग हो, तो वे जांच टीम से तुरंत साझा करें। दूसरी ओर, इस घटना के बाद स्थानीय चरमपंथी गुट इसे राजनीतिक रंग देने और खुद को पीड़ित बताने की कोशिशों में जुट गए हैं।
भारत की सख्त आपत्ति और कनाडा में चरमपंथियों की साजिशें
कनाडा में लगातार जारी भारत-विरोधी गतिविधियों और तथाकथित जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के आयोजनों पर भारत सरकार पहले ही कई बार कड़ा ऐतराज जता चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह किसी भी विदेशी जमीन पर होने वाली संप्रभुता विरोधी गतिविधियों की घोर निंदा करता है। निज्जर की मौत के बाद से कनाडा में अलगाववादी गुटों और स्थानीय आपराधिक नेटवर्कों के बीच वर्चस्व की जंग और हिंसक घटनाओं में इजाफा देखा गया है। कार में आगजनी की इस ताजा घटना ने एक बार फिर कनाडाई जमीन पर चरमपंथियों और उनके संदिग्ध संपर्कों की आंतरिक गुटबाजी को उजागर कर दिया है।