सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को सीएम थलपति विजय का बड़ा तोहफा: अधिकतम उम्र सीमा में 5 साल की भारी छूट

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को सीएम थलपति विजय का बड़ा तोहफा: अधिकतम उम्र सीमा में 5 साल की भारी छूट

तमिलनाडु में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों नौजवानों और बेरोजगार युवाओं के लिए राजधानी चेन्नई से एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ (थलपति) विजय ने सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की एकमुश्त छूट देने का बड़ा फैसला किया है। शुक्रवार को सचिवालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह छूट राज्य में आयोजित होने वाली तमाम प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। सरकारी नौकरियों के लिए लंबे समय से प्रयासरत ऐसे अभ्यर्थी जो तय आयु सीमा पार कर जाने की वजह से अवसरों से वंचित हो रहे थे, उनके लिए मुख्यमंत्री का यह निर्णय नई उम्मीद और राहत की किरण बनकर आया है।

किन पदों और परीक्षाओं पर लागू होगा नया नियम? ग्रुप-1 से ग्रुप-2 तक समझें पूरा गणित

राज्य सरकार की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह आयु छूट तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) और अन्य राज्य भर्ती बोर्डों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के सभी स्तरों पर प्रभावी होगी। प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े शीर्ष पदों यानी ग्रुप-I सेवाओं के लिए सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा को 32 वर्ष से बढ़ाकर अब 37 वर्ष कर दिया गया है। वहीं, राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यकारी व गैर-कार्यकारी पदों वाली ग्रुप-II और ग्रुप-IIA सेवाओं के लिए भी सामान्य वर्ग की ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष का विस्तार किया गया है। इस व्यवस्था से उन हजारों युवाओं को दोबारा मुख्यधारा में लौटने का मौका मिलेगा जो कोरोना काल या भर्ती चक्रों में हुई देरी के कारण परीक्षा में बैठने के अवसर गंवा चुके थे।

आरक्षित और दिव्यांग अभ्यर्थियों को दोहरा लाभ: 52 वर्ष तक कर सकेंगे आवेदन

तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले में सामाजिक न्याय और समानता का विशेष ध्यान रखा है। सरकारी बयान में रेखांकित किया गया है कि यह 5 साल की अतिरिक्त छूट पहले से मौजूद नियमों के तहत मिलने वाली श्रेणीवार रियायतों के अतिरिक्त (Over and above the extant norms) प्रदान की जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि आरक्षित वर्ग (SC, ST, MBC, BC) के जो अभ्यर्थी ग्रुप-I परीक्षा के लिए पहले 37 वर्ष तक योग्य थे, वे अब 42 वर्ष की आयु तक परीक्षा दे सकेंगे। दिव्यांग (Differently-abled) श्रेणी के सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 42 से बढ़ाकर 47 वर्ष कर दी गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह अधिकतम सीमा 47 वर्ष से बढ़ाकर 52 वर्ष तक पहुंच गई है। इसके अलावा निराश्रित विधवाओं (Destitute Widows) को भी इस संशोधित आयु सीमा का पूरा लाभ सुनिश्चित किया गया है।

पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा निर्देश: छात्रों के लंबे संघर्ष को मिली मंजिल

तमिलनाडु के प्रतियोगी छात्र संघ और विभिन्न युवा संगठन पिछले काफी समय से सरकार से भर्ती परीक्षाओं में आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। छात्रों का तर्क था कि पिछले वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और विज्ञापनों के समय पर न आने से उनकी तैयारी के महत्वपूर्ण वर्ष जाया हो गए। मुख्यमंत्री थलपति विजय ने युवाओं के इन ज्ञापनों और मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उम्र सीमा में यह पांच साल की छूट केवल एक बार की छूट नहीं होगी, बल्कि यह विशेष नीतिगत निर्देश आगामी पांच वर्षों (2031 तक) तक पूरी तरह लागू रहेगा। इससे छात्रों को अगले पांच वर्षों तक लगातार होने वाली भर्तियों में बिना किसी उम्र के दबाव के व्यवस्थित तैयारी करने का पर्याप्त समय मिलेगा।

नाश्ता योजना, लैपटॉप से लेकर किसान कर्ज माफी तक: जनहित के फैसलों की झड़ी

सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा की छूट के अलावा मुख्यमंत्री थलपति विजय के प्रशासन ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई अन्य अहम फैसलों की भी घोषणा की है। राज्य के स्कूली छात्रों के लिए पौष्टिक नाश्ता कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए उसमें और अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को जोड़ा गया है। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे कॉलेज के छात्र-छात्राओं के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए निशुल्क लैपटॉप वितरण कार्यक्रम को भी नए सिरे से गति दी जा रही है। कृषि क्षेत्र में राहत का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने प्राथमिक सहकारी कृषि ऋणों में ₹75,000 तक की पूर्ण कर्ज माफी की घोषणा की है, जबकि ₹1 लाख तक के कृषि ऋणों के लिए विशेष राहत पैकेज दिया गया है, जिसका सीधा लाभ राज्य के 13 लाख से अधिक अन्नदाताओं को मिलेगा। सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर नवजात शिशु को 1 ग्राम की सोने की अंगूठी उपहार में देने और कन्या विवाह आर्थिक सहायता योजना को भी धरातल पर उतारा जा रहा है।

युवा केंद्रित नीतियों से तमिलनाडु के सियासी गलियारों में नई हलचल

मनोरंजन जगत से राजनीति के शिखर तक का सफर तय करने वाले थलपति विजय द्वारा युवाओं और रोजगार के मोर्चे पर उठाए गए इस आक्रामक कदम ने तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों को भी गरमा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट देकर उन्होंने राज्य के सबसे बड़े और निर्णायक वोट बैंक यानी युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों के दिल में सीधी जगह बनाई है। द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक दुर्ग में युवा शक्ति, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक पारदर्शिता के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की यह रणनीति आने वाले दिनों में राज्य के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को एक नई दिशा दे सकती है। सरकारी आदेश जारी होते ही राज्य भर के परीक्षा केंद्रों, कोचिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में जश्न का माहौल देखा जा रहा है।