'जब तक सांस, तब तक जनसेवा': गुजरात में गरजे PM मोदी; विपक्ष पर बोला तीखा हमला

'जब तक सांस, तब तक जनसेवा': गुजरात में गरजे PM मोदी; विपक्ष पर बोला तीखा हमला

गुजरात के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। सार्वजनिक पद पर अपने 25 वर्ष पूरे होने का स्मरण कराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2001 में जब उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब से लेकर आज तक जनता ने उन्हें असीम स्नेह और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने जनसमूह के सामने हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक उनके शरीर में आखिरी सांस रहेगी, वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश और जनता की सेवा में जुटे रहेंगे। जनता की सेवा ही उनके लिए राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च मार्ग है।

विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'देश जब संकट में होता है, तो कुछ लोगों को खुशी होती है'

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) के भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश में डर का माहौल बनाने का प्रयास करने वाले राजनीतिक विरोधियों को आड़े हाथों लिया। विपक्ष की नकारात्मक राजनीति पर करारा जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज जब देश का प्रत्येक युवा, माताएं, बहनें और बेटियां भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दिन-रात पसीना बहा रही हैं, तब कुछ राजनीतिक गिरोहों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो देश को मुसीबत में देखकर खुश होते हैं। जब पूरी दुनिया खाड़ी संकट का सामना कर रही थी, तब इन लोगों ने केवल मोदी को बदनाम करने की नीयत से देश भर में गैस और खाद की भारी किल्लत की झूठी अफवाहें फैलाईं और किसानों के बीच दहशत पैदा करने की कोशिश की।

किसानों की ढाल बनी सरकार: वैश्विक महंगाई के बावजूद नहीं बढ़ने दी खाद की कीमतें

अन्नदाताओं के कल्याण पर विस्तृत बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने किसानों के हितों से कभी कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रासायनिक खादों और कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसका रत्ती भर भी बोझ किसानों की जेब पर नहीं पड़ने दिया।

पीएम ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों को संतुलित करने और किसानों को सस्ती दरों पर यूरिया व डीएपी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अपनी तिजोरी से 16 लाख करोड़ रुपये की भारी सब्सिडी खर्च की है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि चाहे वैश्विक स्तर पर कितने भी संकट क्यों न आएं, उनकी सरकार हमेशा किसानों की ढाल बनकर खड़ी रहेगी।

'खेती हमारी संस्कृति है': 26 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड और तकनीक से बदला कृषि का स्वरूप

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के समावेश को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारत की मूल संस्कृति है। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में खेती और पशुपालन को वैज्ञानिक पद्धतियों से सीधे जोड़ा गया है।

देशभर में 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) वितरित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को जमीन की उर्वरता और सही खाद के उपयोग की सटीक जानकारी मिल रही है। इसके साथ ही पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत अब तक छोटे किसानों के खातों में 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जा चुके हैं।

बनासकांठा के किसानों का लोहा: आलू प्रोसेसिंग से लेकर कांकरेज नस्ल के संरक्षण तक

प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के मेहनती किसानों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए अतीत के राजनीतिक बयानों पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कभी किसी नेता ने आलू से सोना बनाने की हास्यास्पद बात कही थी, लेकिन बनासकांठा के प्रगतिशील किसान अपने पसीने और आधुनिक खेती के दम पर दशकों से आलू को सोने में बदलने का वास्तविक काम कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में स्थापित हुए नए फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, देश में पहली बार कांकरेज गोवंश की नस्ल सुधार के लिए आधुनिक केंद्र की शुरुआत की गई है, जो पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कई गुना मजबूती प्रदान करेगा।