वेदांता ग्रुप का यह शेयर इस साल 707% उछला, 12,817% बढ़ा कंपनी का मुनाफा

वेदांता ग्रुप का यह शेयर इस साल 707% उछला, 12,817% बढ़ा कंपनी का मुनाफा

अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह से जुड़ी ऑप्टिकल और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (Sterlite Technologies Ltd - STL) के शेयरों ने इस साल शेयर बाजार में तहलका मचा दिया है। साल की शुरुआत में जहाँ इसके शेयर महज ₹102.45 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे, वहीं अब यह उछलकर ₹827.60 के स्तर पर पहुंच चुके हैं।

इस कैलेंडर वर्ष में अब तक कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 707 प्रतिशत का अकल्पनीय मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान शेयर ने ₹1,054.45 का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ है, जबकि इसका निचला स्तर ₹84.65 रहा था। हालांकि हालिया सत्र में मुनाफावसूली के चलते हल्की नरमी देखी गई, लेकिन लंबी अवधि के चार्ट पर स्टॉक ने वित्तीय जगत के तमाम जानकारों को हैरान कर दिया है।

मुनाफे में 12,817% की ऐतिहासिक छलांग: 4 करोड़ से ₹517 करोड़ पहुंचा प्रॉफिट

कंपनी के शेयरों में आई इस जबर्दस्त तेजी की मुख्य वजह इसके चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के असाधारण वित्तीय नतीजे हैं। सालाना आधार (YoY) पर स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में 12,817 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को जहां महज ₹4 करोड़ का मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा छलांग लगाकर ₹517 करोड़ पहुंच गया है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी मुनाफे में 162% की जबर्दस्त बढ़त रही, क्योंकि जून तिमाही में कंपनी का लाभ ₹197 करोड़ था। कंपनी के इबिट्डा (EBITDA) में भी 6 गुना उछाल आया और यह ₹141 करोड़ से बढ़कर रिकॉर्ड ₹846 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।

रेवेन्यू में 145% की बढ़ोतरी और ₹35,274 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार का सबसे बड़ा आधार 5G नेटवर्क विस्तार, वैश्विक डेटा केंद्रों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी उत्पादों की भारी मांग और बेहतर मार्जिन रहे हैं।

कंपनी का परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) सितंबर तिमाही में 145 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ ₹1,034 करोड़ से बढ़कर ₹2,429 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, एकमुश्त टैरिफ रिफंड से मिले लाभ ने भी कंपनी के आंकड़ों को मजबूत सहारा दिया। कंपनी के पास वर्तमान में रिकॉर्ड ₹35,274 करोड़ की ओपन ऑर्डर बुक मौजूद है, जो आने वाले कई वर्षों के लिए रेवेन्यू की स्पष्ट विजिबिलिटी और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही के दौरान नेट डेट-फ्री (Net Debt Free) बैलेंस शीट हासिल करने की घोषणा की है।

वेदांता ग्रुप और प्रमोटर होल्डिंग का ढांचा

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड सीधे तौर पर अनिल अग्रवाल के वेदांता साम्राज्य से जुड़ी हुई है। कंपनी की प्राथमिक प्रमोटर इकाई 'ट्विन स्टार ओवरसीज लिमिटेड' है, जिसके पास स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज में 42.28 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्विन स्टार ओवरसीज का स्वामित्व वोल्कन इनवेस्टमेंट्स के पास है, जिसे अनिल अग्रवाल डिस्क्रिशनरी ट्रस्ट नियंत्रित करता है। अनिल अग्रवाल कंपनी के नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं, जबकि अंकित अग्रवाल बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) कंपनी की बागडोर संभाल रहे हैं।

ऑप्टिकल फाइबर और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में आई वैश्विक क्रांति और कंपनी के कर्जमुक्त होने से विश्लेषक इसे आने वाले समय के लिए एक रणनीतिक रूप से मजबूत स्टॉक के रूप में देख रहे हैं।