Kingfisher बनाने वाली United Breweries का मुनाफा 3 गुना बढ़ा, शेयर 15% उछला
भारतीय शेयर बाजार में जब लाल निशान का दबाव बना हुआ था, तब बीयर बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (United Breweries Limited - UBL) के शेयरों ने दलाल स्ट्रीट पर अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराई। किंगफिशर (Kingfisher) और हेनेकेन (Heineken) जैसे दिग्गज ब्रांड्स बनाने वाली इस कंपनी के तिमाही नतीजे सामने आते ही निवेशकों में खरीदारी की होड़ मच गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सुबह के सत्र में कंपनी का शेयर लगभग 15 प्रतिशत चढ़कर 1,316 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि लंबे समय बाद बीयर सेगमेंट में इस कदर वॉल्यूम रिकवरी और मार्जिन विस्तार देखने को मिला है, जिसने सीधे तौर पर निवेशकों के सेंटिमेंट को बुलिश कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से दबाव झेल रहे इस स्टॉक ने अचानक यू-टर्न लेकर साबित कर दिया है कि बुनियादी रूप से मजबूत कंपनियों में वॉल्यूम ग्रोथ आते ही री-रेटिंग की रफ्तार तेज हो जाती है।
दूसरी तिमाही में तिगुना हुआ शुद्ध मुनाफा, कमाई के आंकड़ों ने किया हैरान
कंपनी द्वारा जारी किए गए सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय परिणाम विश्लेषकों के अनुमानों से काफी बेहतर रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) साल-दर-साल आधार पर करीब 191 प्रतिशत बढ़कर 134.81 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बीते वित्त वर्ष की इसी समान तिमाही में महज 47 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया था। ऑपरेशंस से होने वाले राजस्व में 23.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 4,623 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,737.31 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल आय भी 24.31 प्रतिशत बढ़कर 4,664.33 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि लागत नियंत्रण के प्रभावी उपायों और कच्चे माल की महंगाई के बीच प्रीमियम पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी बढ़ने से बॉटम-लाइन पर यह शानदार असर दिखा है। इस मजबूत प्रदर्शन ने रिटेल और संस्थागत दोनों श्रेणियों के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
प्रीमियम बीयर की आंधी: Kingfisher Ultra और Heineken Silver की भारी मांग
कंपनी के शानदार नतीजों की असली रीढ़ उसका प्रीमियम प्रोडक्ट सेगमेंट रहा। भारतीय उपभोक्ताओं में अब स्टैंडर्ड बीयर से हटकर प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम ड्रिंक्स की तरफ तेजी से झुकाव देखा जा रहा है। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल वॉल्यूम में जहां 16 प्रतिशत की वृद्धि रही, वहीं प्रीमियम बीयर वॉल्यूम में 38 प्रतिशत की भारी उछाल दर्ज की गई। प्रीमियम श्रेणी में Heineken Silver ने 67 प्रतिशत और Kingfisher Ultra ने 44 प्रतिशत की शानदार वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है। बाजार के जानकारों का कहना है कि शहरीकरण, युवाओं की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और मॉडर्न ट्रेड व बार्स के विस्तार ने प्रीमियम उत्पादों की बिक्री को नई रफ्तार दी है। इस स्ट्रक्चरल प्रीमियमनाइजेशन की वजह से कंपनी का औसत रियलाइजेशन प्रति केस बेहतर हुआ है, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ ने वॉल्यूम ग्रोथ को आठ प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ दिया।
दक्षिण और पश्चिम भारत से रिकॉर्ड बिक्री, मार्जिन में 480 बेसिस प्वाइंट्स का सुधार
भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो भारत के अलग-अलग राज्यों में कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हुई है। दक्षिण भारत में कंपनी ने 24 प्रतिशत की वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की, जहां कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मांग में जबर्दस्त तेजी देखी गई। कर्नाटक में शराब नीति और आबकारी ढांचे के अनुकूल होने का सीधा लाभ कंपनी को मिला। वहीं पश्चिम भारत में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दम पर 21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। उत्तर भारत में भी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में खपत बढ़ने के चलते 10 प्रतिशत की बढ़त रही। इस भौगोलिक संतुलन और प्रीमियम मिक्स के कारण कंपनी का EBITDA 108 प्रतिशत बढ़कर 301 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन मार्जिन (EBITDA Margin) पिछले साल के 7.1 प्रतिशत से 480 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 11.9 प्रतिशत के स्तर पर जा पहुंचा, जो उद्योग जगत के लिए एक मजबूत संकेत है।
तकनीकी चार्ट्स और वैल्युएशन: क्या अब दांव लगाना समझदारी है?
यूनाइटेड ब्रुअरीज के तकनीकी चार्ट को देखें तो शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर 1,128.15 रुपये के बेहद करीब कारोबार कर रहा था, जहां से इसमें एक शार्प ब्रेकआउट देखने को मिला है। शेयर का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,845.90 रुपये रहा है, यानी मौजूदा उछाल के बाद भी यह अपने पीक से खासे डिस्काउंट पर उपलब्ध है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि कंपनी का बैलेंस शीट प्रोफाइल बेहद मजबूत है और उस पर कर्ज का दबाव नगण्य है। हालांकि, कुछ विश्लेषक यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि एक्साइज ड्यूटी में बदलाव और इनपुट कॉस्ट के जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। नए निवेशकों को किसी भी भारी एकतरफा उछाल के बाद थोड़ा कंसॉलिडेशन का इंतजार करना चाहिए और गिरावट में चरणबद्ध तरीके से एंट्री की योजना बनानी चाहिए। कुल मिलाकर, मजबूत तिमाही नतीजे, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत पकड़ और त्योहारों का सीजन इस शेयर को आने वाले समय में रडार पर रखने के लिए पर्याप्त कारण देते हैं।