'राम को एक्शन हीरो और क्लिंट ईस्टवुड बना दिया': रणबीर कपूर की 'रामायण' पर भड़के मुकेश खन्ना, वीएफएक्स और सीन्स पर उठाए तीखे सवाल
भारतीय सिनेमाई गलियारों में इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित और भव्य माइथोलॉजिकल फिल्म 'रामायण' को लेकर जबरदस्त सुगबुगाहट देखने को मिल रही है। फिल्म का प्रमोशन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरे शबाब पर है। जहां एक तरफ फिल्म के भव्य कैनवास और स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों के एक वर्ग में भारी उत्सुकता है, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना ने फिल्म में दिखाए गए किरदारों के चित्रण और प्रस्तुतिकरण पर कड़ा ऐतराज जता दिया है। 'शक्तिमान' और बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में 'भीष्म पितामह' की कालजयी भूमिका निभाने वाले मुकेश खन्ना अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने रणबीर कपूर के भगवान श्रीराम के किरदार को जिस तरह से ट्रेलर में दर्शाया गया है, उस पर खुलकर नाराजगी व्यक्त की है। उनका साफ कहना है कि फिल्ममेकर्स ने प्रभु राम की सौम्यता और मर्यादा को दरकिनार करते हुए उन्हें आधुनिक बॉलीवुड स्टार्स और हॉलीवुड के एक्शन हीरोज की तर्ज पर पेश करने की बड़ी गलती कर दी है।
भगवान राम को 'धुरंधर' और एक्शन हीरो बनाने पर मुकेश खन्ना का कड़ा ऐतराज
मुकेश खन्ना ने बातचीत के दौरान साफ शब्दों में कहा कि ट्रेलर देखने के बाद उन्हें जो सबसे ज्यादा खटका, वह भगवान श्रीराम के मूल स्वरूप के साथ किया गया बदलाव है। उन्होंने कहा कि फिल्म में राम के किरदार को एक आम एक्शन स्टार या 'धुरंधर' की तरह पेश किया जा रहा है। अभिनेता ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे मेकर्स ने उन्हें सलमान खान, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान या रजनीकांत बना दिया है। मुकेश खन्ना ने याद दिलाया कि प्रभु राम 'मर्यादा पुरुषोत्तम' हैं। उनका व्यक्तित्व शक्ति के साथ-साथ अपार धैर्य, विनम्रता और मर्यादा का प्रतीक रहा है। वह तो वह स्वरूप हैं जो मुस्कुराते हुए समुद्र के सामने भी हाथ जोड़कर रास्ता मांगते थे कि 'हट जाओ, मुझे आगे जाना है।' ऐसे शांत और दिव्य स्वरूप को आक्रामक एक्शन हीरो के खांचे में फिट करना भारतीय आस्था और पौराणिक संदर्भों के बिल्कुल विपरीत जान पड़ता है।
पेड़ पर चढ़ने और तीर चलाने वाले एक्शन सीक्वेंस पर उठे सवाल
खासतौर पर फिल्म के उन दृश्यों पर मुकेश खन्ना ने सख्त आपत्ति जताई है, जहां भगवान राम को पेड़ों पर चढ़ते, छलांग लगाते और अजीबोगरीब कोणों से तीर चलाते दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर आप भगवान राम को क्लिंट ईस्टवुड जैसा वेस्टर्न एक्शन हीरो बनाकर दिखाएंगे, तो यह मर्यादा के खिलाफ है। इतिहास और महाकाव्य साक्षी हैं कि भगवान राम ने इस तरह उछल-कूद करके लड़ाई नहीं लड़ी थी। मुकेश खन्ना ने तार्किक सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यदि भगवान राम ने अकेले ही इस तरह के हॉलीवुड स्टाइल में सुपरहीरो एक्शन के साथ युद्ध लड़ा होता, तो फिर उन्हें पूरी वानर सेना की मदद लेने की क्या जरूरत पड़ती? भगवान राम का हर कदम मर्यादा, रणनीति और सामूहिक शक्ति का प्रतीक था, न कि किसी एक व्यक्ति का स्टंट शो।
वीएफएक्स और स्पेशल इफेक्ट्स की होड़: क्या स्टार वॉर्स बन जाएगी रामायण?
फिल्म में इस्तेमाल किए जा रहे भारी भरकम विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को लेकर भी मुकेश खन्ना ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक स्पेशल इफेक्ट्स और सीजीआई का इस्तेमाल फिल्म को पश्चिमी देशों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शायद अच्छा कारोबार करने में मदद कर सकता है। विदेशी दर्शक इसकी तुलना 'स्टार वॉर्स' जैसी साइंस-फिक्शन फिल्मों से करेंगे और शायद बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन भी आ जाए, लेकिन भारत का परिप्रेक्ष्य बिल्कुल अलग है। भारत में करोड़ों लोग रामायण को सिर्फ एक सिनेमाई प्रोजेक्ट या मनोरंजन के साधन के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी गहरी आस्था, भक्ति और श्रद्धा के भाव से देखते हैं। यहां के दर्शकों को पर्दे पर भव्य स्पेशल इफेक्ट्स से ज्यादा किरदारों की सात्विकता, संवादों की गंभीरता और भावों की पवित्रता चाहिए। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स वीएफएक्स की कृत्रिमता और रणबीर कपूर के लुक को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मिस्टर बीस्ट की एंट्री से लेकर ग्लोबल रिलीज की तैयारी
मेकर्स इस फिल्म को वैश्विक स्तर पर एक नया बेंचमार्क बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुंबई में आयोजित एक बड़े प्रमोशनल इवेंट के दौरान दुनिया के सबसे अमीर और लोकप्रिय यूट्यूबर 'मिस्टर बीस्ट' की मौजूदगी ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी थी। सोशल मीडिया पर इसे मेकर्स की सोची-समझी अंतरराष्ट्रीय पीआर रणनीति माना जा रहा है, ताकि पश्चिमी युवाओं के बीच भी फिल्म को लेकर बज क्रिएट किया जा सके। 8 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है, जबकि नमित मल्होत्रा इसके निर्माता हैं। फिल्म में रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (माता सीता), रवि दुबे (लक्ष्मण) और रामानंद सागर की रामायण के मूल 'राम' यानी अरुण गोविल (राजा दशरथ) की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के दो भाग प्रस्तावित हैं, जिसमें दूसरे हिस्से में साउथ सुपरस्टार यश का रावण अवतार पूरी भव्यता के साथ देखने को मिलेगा।