PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर 'सेवा संकल्प अभियान' का आगाज: देश भर में ब्लड डोनेशन और स्वच्छता के बने रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के पावन अवसर पर आज पूरे देश में जनकल्याण, समर्पण और सामाजिक सरोकार की अद्भुत लहर देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री के जन्मदिन को किसी औपचारिक उत्सव के बजाय जनसेवा के पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 17 सितंबर से पूरे देश में महीने भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' (सेवा पखवाड़ा) का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है, जो आगामी 17 अक्टूबर तक निरंतर चलेगा। इस अभियान के तहत आज पहले ही दिन देश के कोने-कोने में विशाल रक्तदान शिविर (Blood Donation Camps), व्यापक स्वच्छता अभियान (Swachhata Abhiyan), निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आम नागरिकों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
देश भर में महा रक्तदान शिविरों का आयोजन, बना नया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रक्तदान को महादान के रूप में स्थापित करने के लिए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष ड्राइव चलाई गई:
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लाखों यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य: देश के प्रत्येक जिले, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और प्रमुख अस्पतालों में रेड क्रॉस और स्वास्थ्य विभागों के समन्वय से मेगा ब्लड डोनेशन कैंप लगाए गए हैं।
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युवाओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह: पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नई दिल्ली में विशेष रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। हजारों युवाओं, स्वयंसेवकों और जनप्रतिनिधियों ने कतारों में लगकर रक्तदान किया, जिससे देश के ब्लड बैंकों में आपातकालीन जरूरतों के लिए रक्त की उपलब्धता सुदृढ़ होगी।
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रक्तदाता सम्मान: रक्तदान करने वाले नागरिकों को डिजिटल प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें नियमित अंतराल पर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया।
'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े के तहत घाटों, रेलवे स्टेशनों और पार्कों की सफाई
स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे प्राथमिक और प्रिय संकल्पों में से एक रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए आज सुबह से ही देशव्यापी सफाई अभियान छेड़ा गया:
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सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प: प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, सरकारी कार्यालयों, ऐतिहासिक स्मारकों और सार्वजनिक उद्यानों में सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वयं झाड़ू थामकर श्रमदान किया।
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पवित्र नदियों और घाटों की सफाई: वाराणसी के गंगा घाटों, प्रयागराज के संगम तट, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन समेत धार्मिक नगरियों में जलस्रोतों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाए गए। घाटों से प्लास्टिक कचरा और सिल्ट हटाकर स्वच्छता का कड़ा संदेश दिया गया।
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सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ शपथ: देश भर के शैक्षणिक संस्थानों और पंचायतों में नागरिकों को सिंगल-यूज प्लास्टिक का बहिष्कार करने और कचरा प्रबंधन (सूखा व गीला कचरा अलग करना) अपनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
महीने भर चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की प्रमुख रूपरेखा
17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस 30 दिवसीय सेवा संकल्प अभियान के तहत कई बहुआयामी सामाजिक कार्यक्रमों की योजना तैयार की गई है:
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'एक पेड़ मां के नाम' महा-वृक्षारोपण: पर्यावरण संतुलन और हरित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देश भर में करोड़ों पौधे रोपे जाएंगे।
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निःशुल्क स्वास्थ्य व नेत्र जांच शिविर: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए मोतियाबिंद ऑपरेशन, चश्मा वितरण और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के शिविर लगाए जाएंगे।
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टीबी मुक्त भारत अभियान: तपेदिक (TB) के मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए 'निक्षय मित्र' बनकर उन्हें आवश्यक पोषण किट बांटी जाएगी।
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दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और उपकरण: शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) और ट्राइसाइकिल का वितरण किया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए शुरू हुआ यह सेवा संकल्प अभियान केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सीधी मदद और संबल पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आया है।