पंजाब चुनाव 2027: मोगा से अमनदीप कौर और निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर पर फिर AAP का भरोसा

पंजाब चुनाव 2027: मोगा से अमनदीप कौर और निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर पर फिर AAP का भरोसा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने 40 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुनावी समर का आगाज कर दिया है। मालवा क्षेत्र के राजनीतिक केंद्र माने जाने वाले मोगा जिले की दो प्रमुख विधानसभा सीटों पर पार्टी ने एक बार फिर अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है। मोगा शहर सीट से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस घोषणा के बाद दोनों हलकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है, वहीं विपक्षी खेमों में भी समीकरणों की नई बिसात बिछाई जाने लगी है।

आम आदमी पार्टी की यह शुरुआती घोषणा स्पष्ट संकेत देती है कि पार्टी जमीनी स्तर पर एंटी-इनकंबेंसी के जोखिम के बावजूद अपने मजबूत और सक्रिय विधायकों को मौका देकर उन्हें चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त समय देना चाहती है। मोगा जिले में पार्टी संगठन की पकड़ मजबूत मानी जाती है और पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की सभी प्रमुख सीटों पर आप का परचम लहराया था।

मोगा विधानसभा सीट: डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा की सियासी जमीन और पिछला प्रदर्शन

मोगा विधानसभा सीट से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को टिकट मिलना पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ और हलके में किए गए विकास कार्यों का परिणाम माना जा रहा है। पेशे से चिकित्सक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मालविका सूद को 20,915 वोटों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्होंने कुल 59,149 वोट हासिल किए थे।

विधायक बनने के बाद डॉ. अमनदीप कौर ने अपने हलके में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार, आम आदमी क्लीनिकों के विस्तार और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रमुखता से ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, मोगा शहर में आवारा पशुओं, सीवरेज सिस्टम और शहरी सफाई जैसी नागरिक समस्याएं अभी भी प्रमुख मुद्दे बनी हुई हैं, जिन्हें विपक्ष आने वाले चुनाव में भुनाने की पूरी कोशिश करेगा। पार्टी हाईकमान का मानना है कि डॉ. अरोड़ा की जनता के बीच सहज उपलब्धता और बेदाग छवि उन्हें दोबारा चुनावी लाभ दिलाएगी।

निहाल सिंह वाला: मनजीत सिंह बिलासपुर पर तीसरी बार पार्टी का अटूट भरोसा

आरक्षित सीट निहाल सिंह वाला (एससी) से मनजीत सिंह बिलासपुर पर दांव लगाकर आम आदमी पार्टी ने अपने सबसे वफादार और पुराने चेहरे पर मुहर लगाई है। मनजीत सिंह बिलासपुर इस हलके से लगातार दो बार 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2017 की 'आप' की पहली लहर में जब पार्टी ने मालवा में जबरदस्त प्रदर्शन किया था, तब बिलासपुर ने 27,574 मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2022 के चुनाव में उन्होंने अपनी जीत का अंतर बढ़ाते हुए कांग्रेस के भूपिंदर सिंह साहोके को 37,984 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।

विधानसभा में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों की कल्याण समिति के चेयरमैन रह चुके मनजीत सिंह बिलासपुर की ग्रामीण कैडर और दलित समुदाय में मजबूत पैठ मानी जाती है। निहाल सिंह वाला के ग्रामीण इलाकों में लिंक सड़कों की मरम्मत, शिक्षा सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके नाम की जल्दी घोषणा होने से उन्हें ग्रामीण इलाकों के घर-घर जाकर संपर्क साधने में सीधी बढ़त मिलेगी।

मालवा बेल्ट में टिकटों का संदेश और विपक्ष की संभावित घेराबंदी

मालवा क्षेत्र पंजाब की सत्ता की चाबी माना जाता है और मोगा जिला इस बेल्ट की राजनीतिक नब्ज तय करने में हमेशा अग्रणी रहा है। मोगा से डॉ. अमनदीप कौर और निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर के साथ-साथ जिले की अन्य सीटों (बाघापुराना से अमृतपाल सिंह सुखानंद और धर्मकोट से देविंदरजीत सिंह लाड्डी ढोस) के चेहरों को भी हरी झंडी देकर आप ने यह संदेश दिया है कि जिले में किसी भी तरह का आंतरिक फेरबदल नहीं किया जाएगा।

दूसरी ओर, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी अब इन दोनों सीटों पर अपनी जवाबी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। विपक्षी दल जहां सत्ता विरोधी लहर, बेरोजगारी और स्थानीय प्रशासनिक विफलताओं को लेकर मौजूदा विधायकों को घेरने की तैयारी में हैं, वहीं आम आदमी पार्टी अपने बिजली माफी, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों के कायाकल्प जैसे प्रमुख फ्लैगशिप कार्यक्रमों के सहारे जनता के बीच उतरने को तैयार है। चुनाव की समय पूर्व घोषणा से मोगा और निहाल सिंह वाला में राजनीतिक सरगर्मियां अब चरम पर पहुंचने लगी हैं।