'31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में नहीं दिखेगा चिट्टा': जालंधर में अमित शाह ने भरी हुंकार, नशा पीड़ित परिवारों के छलके आंसू

'31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में नहीं दिखेगा चिट्टा': जालंधर में अमित शाह ने भरी हुंकार, नशा पीड़ित परिवारों के छलके आंसू

पंजाब के दोआबा क्षेत्र की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले जालंधर में बुधवार को सियासी पारा उस समय चरम पर पहुंच गया, जब नेशनल हाईवे-44 पर परागपुर स्थित 63 एकड़ के विशाल मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गरजे। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में निकाली गई 13 दिवसीय 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के भव्य समापन समारोह में अमित शाह ने पंजाब की जनता के सामने अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संकल्प पेश किया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाते हुए ऐलान किया कि यदि पंजाब में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है, तो 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब की धरती पर एक ग्राम भी चिट्टा या सिंथेटिक ड्रग्स नहीं बिकने दिया जाएगा। अमित शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशा मुक्त भारत का निर्माण तब तक अधूरा है, जब तक वीरों और अन्नदाताओं की धरती पंजाब इस जहर से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाती।

जालंधर पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री सबसे पहले पवित्र श्री देवी तालाब मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर पंजाब की सुख-समृद्धि, शांति और युवाओं की रक्षा के लिए प्रार्थना की। इसके बाद जब वे परागपुर रैली स्थल पर पहुंचे, तो मंच पर जाने से पहले उन्होंने करीब 40 मिनट तक नशा पीड़ित परिवारों से बंद कमरे में मुलाकात की। इस दौरान कई माताओं ने अपने उन बेटों की तस्वीरें दिखाईं, जिनकी मौत चिट्टे की ओवरडोज से हो चुकी थी। एक मां की व्यथा का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने भरे मंच से भावुक लहजे में कहा कि जब एक बूढ़ी मां अपनी गोद में दोनों बेटों की तस्वीर रखकर कहती है कि 'मैं अपने लाल को नहीं बचा सकी, पर पंजाब के बाकी बेटों को बचा लीजिए', तो रूह कांप जाती है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे हंसते-खेलते परिवार और पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को तबाह कर रहा है।

'आप-दा' सरकार पर तीखा प्रहार: ड्रग सिंडिकेट और लचर कानून-व्यवस्था पर घेरा

महारैली में उमड़े हजारों कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता आज 'आप-दा' सरकार के कुशासन और झूठे वादों के तले पिस रही है। चुनाव से पहले गुरु ग्रंथ साहिब और शहीदों की पवित्र धरती पर चंद हफ्तों में नशा खत्म करने की कसमें खाने वाले नेता आज सत्ता के नशे में चूर हैं। शाह ने सवाल दागा कि जो लोग नशे की हालत में रहकर पवित्र गुरुओं की परंपरा और मर्यादाओं का अपमान करते हैं, क्या वे पंजाब को नशे से निजात दिला सकते हैं? उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई चेन रुकने के बजाय हर गली-मोहल्ले और कॉलेज परिसरों तक पहुंच गई है।

अमित शाह ने मंच से तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि केंद्र में कांग्रेस की यूपीए सरकार (2004 से 2014) के 10 वर्षों के कार्यकाल में देशभर में केवल 26 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2024 के बीच 1.2 करोड़ किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त कर तस्करों की कमर तोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा बल (BSF) को आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और सर्विलांस सिस्टम से लैस कर रही है, ताकि पाकिस्तान से होने वाली हेरोइन और हथियारों की ड्रोन तस्करी को पूरी तरह विफल किया जा सके। लेकिन जब तक पंजाब के भीतर पुलिस प्रशासन का राजनीतिकरण खत्म नहीं होगा और तस्करों के स्थानीय राजनीतिक संरक्षकों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाएगा, तब तक यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सकती।

2027 चुनाव का खाका: जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हट सकती है, तो पंजाब से नशा क्यों नहीं?

महारैली के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और केंद्रीय मंत्रियों ने भी विचार रखे, जहां ढिल्लों ने जनता को याद दिलाया कि जब देश की संसद से धारा 370 जैसी ऐतिहासिक बाधा को उखाड़ फेंका जा सकता है, तो पंजाब की धरती से नशे का खात्मा कोई नामुमकिन काम नहीं है। मंच से भाजपा ने अपना चुनावी नारा 'भाजपा दा नारा, नशा मुकाउणा सारा' बुलंद करते हुए साफ संकेत दिया कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल राजनीतिक सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि पंजाब के अस्तित्व और अस्मिता को बचाने का महासंग्राम होगा।

गृह मंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार के नए अवसर, किसानों की आय और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बात करते हुए जनता से एक बार भाजपा को पूर्ण जनादेश देने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों को परख लिया है और तीनों ही दलों ने पंजाब को कर्ज, अपराध और नशे की गर्त में धकेलने का काम किया है। शाह ने विश्वास दिलाया कि भाजपा की सरकार बनते ही सीमावर्ती जिलों से लेकर मालवा और माझा तक स्पेशल टास्क फोर्स, आधुनिक पुनर्वास केंद्र और सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं के जरिए इस ड्रग माफिया को जड़ से समाप्त किया जाएगा और 31 दिसंबर 2029 का सूर्य नशामुक्त पंजाब की सुबह लेकर आएगा।