पापा उठाते हैं मेरे घर का खर्च', 44 साल के बेटे राहुल भट्ट का महेश भट्ट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और निर्माता महेश भट्ट का परिवार किसी न किसी वजह से हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। इस परिवार के सदस्यों की बेबाकी और अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुले विचार हमेशा लोगों का ध्यान खींचते हैं। अब महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट ने अपनी आर्थिक स्थिति और अपने पिता पर अपनी निर्भरता को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नई हलचल मचा दी है। 44 वर्ष के हो चुके राहुल भट्ट ने एक इंटरव्यू में बेहद बेबाकी के साथ यह स्वीकार किया है कि वह इस समय कोई कमाई नहीं कर रहे हैं और उनके रहने-खाने से लेकर पूरे घर का खर्च उनके पिता महेश भट्ट ही उठाते हैं।
आमतौर पर बॉलीवुड स्टार किड्स अपनी लाइफस्टाइल और करियर को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते नजर आते हैं, लेकिन राहुल भट्ट ने बिना किसी झिझक के अपनी हकीकत दुनिया के सामने रख दी है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें यह स्वीकार करने में कोई शर्म महसूस नहीं होती कि 44 साल की उम्र में भी वह अपने पिता के पैसों पर निर्भर हैं। राहुल के इस बयान के बाद भट्ट परिवार के आपसी रिश्तों और राहुल के जीवन संघर्ष को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
'पापा मेरा ख्याल रखते हैं और मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं'
राहुल भट्ट ने अपने हालिया साक्षात्कार में अपनी मौजूदा जिंदगी और दिनचर्या पर खुलकर बात की। जब उनसे उनके काम, आजीविका और वित्तीय स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सादगी से जवाब दिया। राहुल ने कहा कि वह फिलहाल कुछ भी नहीं कमाते हैं। उनके घर का किराया, बिजली का बिल, खाना-पीना और तमाम बुनियादी जरूरतें उनके पिता महेश भट्ट की बदौलत ही पूरी होती हैं। राहुल ने बताया कि उनके पिता ही उनका पूरा खर्च उठाते हैं और वही उनका ख्याल रखते हैं।
राहुल ने आगे कहा कि कई लोग इस बात को छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके पास खोने के लिए कोई बनावटी इमेज नहीं है। वह जैसे हैं, वैसे ही दुनिया के सामने खुद को पेश करते हैं। राहुल के मुताबिक, उनके पिता महेश भट्ट ने कभी उन्हें इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि वह उन पर बोझ हैं, बल्कि एक पिता के रूप में वह हमेशा उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखते आए हैं।
फिटनेस ट्रेनर से लेकर बिग बॉस तक का सफर
महेश भट्ट और उनकी पहली पत्नी किरण भट्ट (लोरेन ब्राइट) के बेटे राहुल भट्ट ने अपने करियर में कई अलग-अलग रास्ते तलाशने की कोशिश की। राहुल एक सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर और बॉडीबिल्डर रहे हैं। उन्होंने आमिर खान जैसे बड़े सितारों को फिल्म 'दंगल' के दौरान बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन में मदद की थी और बॉलीवुड के कई अन्य कलाकारों को भी ट्रेनिंग दी। फिटनेस इंडस्ट्री में अपनी एक पहचान बनाने के बावजूद वह इस काम को एक स्थिर और दीर्घकालिक व्यवसाय के रूप में स्थापित नहीं रख सके।
राहुल भट्ट को सबसे ज्यादा पहचान तब मिली थी जब उन्होंने टीवी के सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस 4' में हिस्सा लिया था। बिग बॉस के घर में राहुल का शांत और अनुशासित अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया था। हालांकि, उस शो से बाहर आने के बाद भी उनका करियर किसी बड़े मुकाम तक नहीं पहुंच सका और वह धीरे-धीरे ग्लैमर की चकाचौंध और मीडिया की लाइमलाइट से दूर होते चले गए।
पिता और बेटे के जटिल रिश्तों में अब आई है मिठास
गौरतलब है कि अतीत में महेश भट्ट और राहुल भट्ट के रिश्ते काफी तनावपूर्ण और जटिल रहे हैं। राहुल भट्ट ने कई सालों पहले दिए गए साक्षात्कारों में अपने पिता के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि बचपन में उन्हें अपने पिता का प्यार और समय नहीं मिला, क्योंकि महेश भट्ट अपनी दूसरी पत्नी सोनी राजदान और बेटियों के साथ ज्यादा वक्त बिताते थे। राहुल ने अपने एक बयान में यहां तक कह दिया था कि उन्हें कभी अपने पिता से एक बेटे की तरह लाड़-प्यार नहीं मिला और उनका बचपन काफी उपेक्षित बीता।
हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर आते-आते दोनों के बीच की कड़वाहट खत्म होती नजर आ रही है। राहुल अब अपने पिता के प्रति बेहद आदर और कृतज्ञता का भाव रखते हैं। उनका कहना है कि पुराने गिले-शिकवे अब पीछे छूट चुके हैं और आज के दौर में महेश भट्ट एक पिता के रूप में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। 44 साल की उम्र में भी पिता द्वारा बेटे की जिम्मेदारी उठाना यह दिखाता है कि महेश भट्ट अपने बेटे को अकेला छोड़ने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर राहुल की ईमानदारी की हो रही है तारीफ
राहुल भट्ट का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग 44 साल की उम्र में पिता पर निर्भर रहने को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो राहुल की बेबाकी और ईमानदारी का कायल हो गया है। नेटिजन्स का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग सोशल मीडिया पर अपनी झूठी दौलत और कामयाबी का दिखावा करते हैं, वहीं राहुल भट्ट का सच को बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार कर लेना बहुत बड़ी बात है।
लोगों का मानना है कि जीवन में कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं जब इंसान करियर में वो मुकाम हासिल नहीं कर पाता जो वह चाहता था। ऐसे में अपनी विफलता और पिता के सहयोग को सार्वजनिक मंच पर स्वीकार करना एक मजबूत इंसान की निशानी है। राहुल भट्ट के इस बयान ने यह भी साबित कर दिया है कि वह बनावटी चकाचौंध से कोसों दूर एक बिल्कुल यथार्थवादी जिंदगी जी रहे हैं।