पंजाब के 801 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंप सीएम भगवंत मान बोले- अब खर्ची और पर्ची का दौर खत्म

पंजाब के 801 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंप सीएम भगवंत मान बोले- अब खर्ची और पर्ची का दौर खत्म

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्यस्तरीय नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उस समय भावुक और उल्लासपूर्ण माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 801 युवाओं को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। समारोह स्थल पर पंजाब के अलग-अलग जिलों—अमृतसर, जालंधर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, लुधियाना और फाजिल्का से पहुंचे युवा और उनके परिजन अपनी खुशी नहीं रोक पा रहे थे। कई वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कोचिंग की दिक्कतों और पेपर लीक के भय से जूझने वाले इन अभ्यर्थियों के लिए यह दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र लक्ष्य पंजाब के मेहनती और प्रतिभाशाली बेटे-बेटियों को बिना किसी पक्षपात, रिश्वत या सिफारिश के उनका हक दिलाना है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि जिस ईमानदारी और निष्ठा के साथ उन्होंने यह परीक्षा पास की है, उसी समर्पण के साथ वे अब पंजाब की जनता की सेवा में जुट जाएं ताकि राज्य को पुन: प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।

पिछली सरकारों की खर्ची और पर्ची वाली व्यवस्था को पूरी तरह से किया दफन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि एक समय था जब पंजाब में सरकारी नौकरी पाने के लिए या तो रसूखदार नेताओं की सिफारिशी 'पर्ची' की जरूरत होती थी या फिर लाखों रुपये की 'खर्ची' यानी रिश्वत देनी पड़ती थी। इस भ्रष्ट तंत्र ने राज्य के लाखों मेधावी और गरीब परिवारों के होनहार युवाओं के सपनों को कुचल कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से इस पूरी सड़ी-गली व्यवस्था को जड़ से खत्म कर दिया गया है। अब राज्य में किसी भी विभाग की भर्ती हो, उसमें केवल उम्मीदवार की योग्यता, शैक्षणिक क्षमता और प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त अंक ही उसके चयन का एकमात्र पैमाना होते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो एक साधारण किसान, मजदूर, दुकानदार और छोटे कर्मचारी का बेटा-बेटी भी बिना किसी सिफारिश के सीधे सरकारी अफसर और कर्मचारी बनकर सामने आता है, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान है।

विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में नई नियुक्तियों से प्रशासनिक तंत्र को मिलेगी नई ऊर्जा

इस भर्ती अभियान के तहत राज्य के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरा गया है। इनमें पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग, स्थानीय निकाय, राजस्व और शिक्षा से जुड़े तकनीकी और गैर-तकनीकी पद शामिल हैं। लंबे समय से इन विभागों में कर्मचारियों की कमी के कारण आम नागरिकों के रोजमर्रा के काम अटक रहे थे और मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव था। अब इन 801 नई नियुक्तियों से न केवल संबंधित विभागों की कार्यकुशलता और सेवा वितरण की गति में अभूतपूर्व सुधार होगा, बल्कि दफ्तरों में फाइलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने, फील्ड स्तर पर तकनीकी खराबी दूर करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इन युवाओं की सीधी तैनाती की जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कामकाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

ब्रेन ड्रेन पर लगा ब्रेक, विदेशों की ओर पलायन रोकने में मील का पत्थर साबित हो रही पारदर्शी भर्तियां

पंजाब लंबे समय से युवाओं के बड़े पैमाने पर विदेशों में पलायन और ब्रेन ड्रेन की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। रोजगार के अभाव और योग्यता की अनदेखी के चलते राज्य की युवा आबादी लाखों रुपये खर्च कर कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों का रुख करने को मजबूर थी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सरकारी व्यवस्था में विश्वास लौटने से अब यह ट्रेंड उल्टा होने लगा है। कई ऐसे अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में सफल हुए हैं जो कभी आईलेट्स की तैयारी कर रहे थे या विदेश जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का भरोसा देखकर उन्होंने पंजाब में ही रहकर तैयारी की और आज सरकारी पद हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवाओं को अपने ही वतन में सम्मानजनक आजीविका और योग्यता के आधार पर पहचान मिलती है, तो वे कभी अपनी मिट्टी छोड़कर नहीं जाते। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाना है, जहां राज्य का टैलेंट राज्य की ही तरक्की में अपना योगदान दे सके।

जनता के प्रति जवाबदेह बनें और कलम का इस्तेमाल हमेशा गरीबों के भले के लिए करें

नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित कर्मचारियों को एक जिम्मेदार लोकसेवक बनने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि आज से उनके हाथों में जो कलम आ रही है, वह सिर्फ एक नौकरी का साधन नहीं है, बल्कि लाखों आम नागरिकों की जिंदगी बदलने की ताकत है। उन्होंने नए कर्मचारियों को नसीहत दी कि सरकारी दफ्तरों में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी में होता है। ऐसे में हर अधिकारी और कर्मचारी का पहला कर्तव्य होना चाहिए कि वह आने वाले फरियादी की बात को संवेदनशीलता और विनम्रता से सुने और बिना किसी देरी के उसका समाधान करे। टेबल के इस पार बैठकर टेबल के उस पार खड़े आम इंसान की बेबसी को समझना ही एक सच्चे लोकसेवक की पहचान है। उन्होंने जोर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर कर्तव्यहीनता या रिश्वतखोरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लगातार जारी रहेगा भर्तियों का सिलसिला, मिशन मोड में खाली पदों को भरने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी अदालती रुकावट या विवाद के पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। राज्य के इतिहास में यह अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है कि इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां होने के बावजूद किसी भी भर्ती पर पक्षपात या धांधली का कोई आरोप नहीं लगा है। उन्होंने राज्य के बाकी प्रतियोगी छात्रों को आश्वस्त किया कि आने वाले दिनों में पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन और समाज कल्याण जैसे अन्य विभागों में भी हजारों नए पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए जाएंगे। परीक्षा परिणामों को समयबद्ध तरीके से घोषित करने और चयन सूची जारी होते ही बिना देरी के नियुक्ति पत्र सौंपने की कार्यप्रणाली आगे भी इसी रफ्तार से जारी रहेगी ताकि राज्य का कोई भी योग्य युवा बेरोजगारी की निराशा में न डूबे।