'मानसा चलो' के आह्वान पर पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन: अकाली दल वारिस पंजाब दे के कई नेता घरों में नजरबंद

'मानसा चलो' के आह्वान पर पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन: अकाली दल वारिस पंजाब दे के कई नेता घरों में नजरबंद

मानसा। पंजाब के मानसा में प्रस्तावित प्रदर्शन और 'मानसा चलो' के आह्वान को देखते हुए राज्यभर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और संभावित टकराव को टालने के लिए पंजाब पुलिस ने एहतियातन कड़े कदम उठाते हुए अकाली दल वारिस पंजाब दे से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करना शुरू कर दिया है। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मालवा क्षेत्र के कई जिलों में तड़के से ही पुलिस ने नेताओं के आवासों के बाहर कड़ा पहरा बैठा दिया है, जिससे राजनीतिक पारा गरमा गया है।

मानसा मोर्चे को लेकर माहौल गरमाया, पुलिस ने रास्तों पर बढ़ाई कड़ी नाकेबंदी

मानसा में हालिया तनाव, विरोध-प्रदर्शनों और पूर्व में हुई गिरफ्तारियों के खिलाफ विभिन्न संगठनों और अकाली दल वारिस पंजाब दे ने बड़े पैमाने पर 'मानसा चलो' का आह्वान किया था। इस आह्वान के तहत बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मानसा पहुंचने की योजना थी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पंजाब पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित जिलों के एसएसपी और कमिश्नरों को अलर्ट जारी किया। मानसा की सीमाओं से जुड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा और अंतर-जिला सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है ताकि किसी भी अनधिकृत काफिले को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

अमृतसर में पार्टी नेता शमशेर सिंह पधरी नजरबंद, कई जिलों में सुबह-सुबह पहुंची पुलिस

पुलिस की इस व्यापक धरपकड़ और एहतियाती कार्रवाई के तहत अमृतसर में अकाली दल वारिस पंजाब दे के वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह पधरी के घर सुबह ही पुलिस टीम पहुंच गई और उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें जिले से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इसी तरह जालंधर, मोगा, बठिंडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया। जिन नेताओं के मानसा कूच की अगुवाई करने की संभावना थी, उनके घरों के बाहर पुलिस की गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं।

नेताओं का सरकार पर तीखा हमला, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

पुलिस कार्रवाई और नजरबंदी के बाद अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेताओं ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। नजरबंद किए गए नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने और धरने में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन सरकार जनविरोध से डरकर पुलिसिया तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है और जनता के मुद्दों पर बोलने वालों को घरों में कैद किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुकदमों और पुलिस की इस तरह की सख्ती से जनआक्रोश को दबाया नहीं जा सकता।

पुलिस प्रशासन का रुख साफ: किसी को भी शांति व्यवस्था भंग करने की इजाजत नहीं

दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई केवल एहतियाती उपाय के तहत की गई है ताकि मानसा और आसपास के क्षेत्रों में शांति व सौहार्द बना रहे। अधिकारियों के मुताबिक, बिना पूर्व अनुमति के धारा 144 का उल्लंघन करने या सार्वजनिक शांति को खतरे में डालने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। संवेदनशील इलाकों में पीसीआर गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया संदेशों और कॉल ग्रुप्स पर पैनी नजर रख रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।