पंजाब में पहाड़ों की बर्फबारी से लुढ़का पारा, 48 घंटे बाद बदलेगा मिजाज; करवाचौथ पर बारिश का येलो अलर्ट

पंजाब में पहाड़ों की बर्फबारी से लुढ़का पारा, 48 घंटे बाद बदलेगा मिजाज; करवाचौथ पर बारिश का येलो अलर्ट

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हाल ही में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण हुई बर्फबारी का सीधा असर पंजाब के मैदानी हिस्सों में महसूस होने लगा है। पिछले कुछ हफ्तों से सामान्य से ज्यादा गर्म चल रहे रात के तापमान में अब उल्लेखनीय गिरावट आई है और पारा सामान्य स्तर पर लौट आया है। रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी हल्की ठंडक घुली है, जिससे दोपहर की तपिश कम हुई है। पिछले दिनों राज्य के विभिन्न जिलों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था, लेकिन ताजी हवाओं और पहाड़ों की ठंडक ने इसमें नरमी ला दी है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार को राज्य भर के औसत अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

हालांकि, मौसम में आया यह ठहराव लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 48 घंटे यानी सोमवार और मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क और सामान्य रहेगा। इस दौरान किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है और दिन में हल्की धूप खिली रहेगी। लेकिन बुधवार, 28 अक्टूबर से मौसम का मिजाज फिर करवट लेने जा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो राज्य में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का नया दौर लेकर आएगा।

28 अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, करवाचौथ पर बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक, 28 अक्टूबर से सक्रिय होने वाला नया सिस्टम सबसे पहले पंजाब के उत्तरी और तलहटी वाले जिलों को प्रभावित करेगा। बुधवार को पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी के प्रबल आसार बन रहे हैं। जैसे-जैसे यह पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, इसका फैलाव पूरे राज्य में देखने को मिलेगा। 29 अक्टूबर यानी करवाचौथ के पावन पर्व पर मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में बारिश की आशंका को देखते हुए विधिवत 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

करवाचौथ के दिन विशेष रूप से माझा और दोआबा क्षेत्र के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इस सिस्टम का प्रभाव शाम और रात के समय चरम पर रहा, तो करवाचौथ का व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं को अर्घ्य देने के लिए चांद के दीदार में बाधा आ सकती है, क्योंकि घने बादल चंद्रमा को अपनी ओट में छिपा सकते हैं।

बठिंडा में 32.2 डिग्री के साथ सबसे ज्यादा तपिश, जानिए अमृतसर और चंडीगढ़ का हाल

रविवार शाम को मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, तापमान में गिरावट के बावजूद बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। बठिंडा में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पूरे पंजाब में सबसे अधिक रहा। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों की स्थिति देखें तो राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा है और इसमें 0.4 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

इसके विपरीत, सीमावर्ती शहर अमृतसर में ठंडक का असर सबसे पहले नजर आया, जहां अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य औसत से 2.7 डिग्री कम है। औद्योगिक नगरी लुधियाना में पारा 30.6 डिग्री सेल्सियस और पटियाला में 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले 48 घंटों में इन सभी शहरों में दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री के आसपास बने रहने की उम्मीद है, लेकिन 28 अक्टूबर की शाम से बादलों की आवाजाही शुरू होते ही पारे में फिर दो से तीन डिग्री की सीधी गिरावट दर्ज हो सकती है।

किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की सलाह

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। वर्तमान में पंजाब की विभिन्न अनाज मंडियों में धान की फसल की आवक जोरों पर है और खुले में पड़ा अनाज बारिश से प्रभावित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे 28 और 29 अक्टूबर के मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए मंडियों में रखी फसल को तिरपाल आदि से ढकने की पुख्ता व्यवस्था कर लें। इसके अलावा खेतों में खड़ी धान की कटाई के समय भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें।

आम नागरिकों और त्योहार मनाने वाले परिवारों के लिए भी 29 अक्टूबर की शाम को लेकर योजनाएं सतर्कता से बनाने की जरूरत है। अचानक चलने वाली तेज हवाओं और हल्की बारिश से शाम के समय पारे में अचानक गिरावट आएगी, जिससे गुलाबी ठंड का अहसास गहरा जाएगा। करवाचौथ की तैयारियों में जुटी महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे रात के समय मौसम के रुख और बादलों की स्थिति पर नजर बनाए रखें, क्योंकि बादलों के कारण चांद दिखने के समय में देरी हो सकती है।