न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ बनाया सबसे बड़ा स्कोर, ऑकलैंड में 259 रन ठोक तोड़ा रिकॉर्ड
भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने ऐसा विध्वंसक रूप दिखाया कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह लाचार नजर आया। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट पर 259 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा कर दिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा भारत के खिलाफ बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा और सर्वोच्च स्कोर है।
न्यूजीलैंड के आक्रामक मध्यक्रम बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने महज 46 गेंदों में आतिशी शतक जड़ते हुए 107 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। उनके साथ माइकल ब्रेसवेल ने भी सिर्फ 19 गेंदों में अर्धशतक ठोकते हुए 25 गेंदों पर 65 रनों की धुआंधार पारी खेलकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। कप्तान श्रेयस अय्यर का कोई भी गेंदबाजी दांव काम नहीं आया और भारतीय गेंदबाज मैदान के चारों ओर रन लुटाते दिखे।
2026 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में तीसरी बार हुई भारी फजीहत
साल 2026 श्रेयस अय्यर की कप्तानी के लिए कई उतार-चढ़ावों और शर्मनाक रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। हालांकि इस 5 मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम पहले ही 3-0 की अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी अपने नाम कर चुकी है, लेकिन चौथे मैच में इस लचर प्रदर्शन ने एक बार फिर कप्तानी और रणनीतिक चूक पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह 2026 में तीसरा ऐसा बड़ा मौका है जब श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को शर्मनाक स्थिति और भारी हार का सामना करना पड़ा है:
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आयरलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक हार (बेलफास्ट): साल के मध्य में जब श्रेयस अय्यर को पहली बार टीम इंडिया की टी20 कमान सौंपी गई थी, तब उनकी शुरुआत बेहद खराब रही। आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ भारत को 34 रनों से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था, जिससे क्रिकेट जगत में भारी किरकिरी हुई थी।
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इंग्लैंड दौरे पर एकतरफा मात: इसके तुरंत बाद इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबलों में भारतीय गेंदबाजों ने 250 से अधिक रन लुटाए थे और टीम को लगातार करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस सीरीज में भी रणनीतिक फैसलों की वजह से कप्तानी की तीखी आलोचना हुई थी।
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ऑकलैंड में 259 रन लुटाने का सबसे बड़ा दाग: अब ऑकलैंड में न्यूजीलैंड को 259 रन बनाने की खुली छूट देकर भारतीय टीम ने टी20 में भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा रन देने का अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 260 रनों के असंभव लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी भी लड़खड़ा गई और टीम को 87 रनों की भारी पराजय का सामना करना पड़ा।
ईडन पार्क में गेंदबाजों का फ्लाप शो: हर ओवर में लगे बाउंड्रीज के अंबार
ईडन पार्क की छोटी बाउंड्रीज का फायदा कीवी बल्लेबाजों ने बखूबी उठाया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की दिशाहीन गेंदबाजी ने उनके काम को और आसान बना दिया।
पावरप्ले में शुरुआती दो विकेट गिरने के बावजूद भारतीय गेंदबाज दबाव को भुनाने में नाकाम रहे। मयंक यादव, अर्शदीप सिंह और अन्य सभी प्रमुख गेंदबाज रनों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए। पारी के आखिरी 5 ओवरों में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ अंदाज में 85 रन बटोरे। शॉर्ट पिच गेंदों और स्लॉट में फेंकी गई गेंदों पर ग्लेन फिलिप्स और ब्रेसवेल ने लगातार गगनचुंबी छक्के जड़े। फील्ड प्लेसमेंट में तालमेल की भारी कमी दिखी, जिसने कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर की रणनीतिक परिपक्वता पर सवालिया निशान लगा दिया।
हार के बावजूद सीरीज पर कब्जा, लेकिन भविष्य के लिए खतरे की घंटी
हालांकि इस मैच में मिली 87 रनों की करारी शिकस्त के बावजूद भारतीय टीम सीरीज में 3-1 से आगे है, लेकिन जिस अंदाज में भारतीय गेंदबाजी चरमराई है, उसने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
सपाट पिचों और छोटे मैदानों पर जब विरोधी टीमें 250 से अधिक का स्कोर बना रही हैं, तब भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के पास 'प्लान-बी' का न होना एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सीरीज जीतने के उत्साह के बीच इस तरह की एकतरफा फजीहत की अनदेखी नहीं की जा सकती, खासकर तब जब सामने बड़े आईसीसी टूर्नामेंट हों। कप्तान श्रेयस अय्यर और कोचिंग स्टाफ को डेथ ओवरों की रणनीति और दबाव में गेंदबाजी के विकल्पों पर तुरंत कड़ा आत्ममंथन करना होगा।