एशियन गेम्स से बाहर होते-होते बचा पाकिस्तान, थाईलैंड ने लगभग कर दिया था काम तमाम; आखिरी पलों में बाल-बाल बची फजीहत
अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अप्रत्याशित उलटफेरों के लिए कुख्यात पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बार फिर ऐसे ऐतिहासिक शर्मनाक दौर से गुजरने से बाल-बाल बच गई, जो दशकों तक क्रिकेट इतिहास में याद रखा जाता। एशियन गेम्स के पुरुष क्रिकेट मुकाबले में एसोसिएट सदस्य देश थाईलैंड ने पाकिस्तान को मुकाबले के आखिरी पलों तक बैकफुट पर धकेल कर रख दिया था। एक समय तो ऐसा लग रहा था कि थाईलैंड क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कार करते हुए पाकिस्तान को टूर्नामेंट से सीधे बाहर का रास्ता दिखा देगा। पाकिस्तानी खेमे के पसीने छूट गए थे और डगआउट में सन्नाटा पसर गया था। हालांकि, अंतिम ओवरों में निचले क्रम के संघर्ष और थाई खिलाड़ियों की अनुभवहीनता के चलते पाकिस्तान ने जैसे-तैसे इस महा-मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अपनी सांसें बचाईं।
थाई गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरा पाकिस्तानी टॉप-ऑर्डर
मुकाबले की शुरुआत में जब पाकिस्तान के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, तो किसी को गुमान भी नहीं था कि थाईलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम अंतरराष्ट्रीय सितारों से सजी पाकिस्तानी बल्लेबाजी की बखिया उधेड़ देगी।
थाईलैंड के मध्यम तेज गेंदबाजों और सटीक लाइन-लेंथ वाले स्पिनरों ने मैच के पहले ही ओवर से पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर ऐसा शिकंजा कसा कि बड़े-बड़े स्ट्रोक मेकर्स क्रीज पर टिकने के लिए जूझते दिखे:
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शुरुआती झटके: पावरप्ले के भीतर ही पाकिस्तान के शीर्ष तीन बल्लेबाज गैर-जिम्मेदाराना शॉट्स खेलकर पवेलियन लौट गए।
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मिडिल ऑर्डर का सरेंडर: बीच के ओवरों में थाई स्पिनरों ने ऐसी कसी हुई लाइन पकड़ी कि पाकिस्तानी मध्यक्रम पूरी तरह दबाव में बिखर गया और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
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मामूली स्कोर: पाकिस्तान की पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में थाईलैंड के खिलाफ सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में भी हांफती नजर आई और केवल एक साधारण सा लक्ष्य ही बोर्ड पर टांग सकी।
रन चेज में थाईलैंड ने उड़ा दिए थे पाकिस्तान के होश
गेंदबाजी में करिश्मा करने के बाद थाईलैंड की टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो उन्होंने बिना किसी दबाव के निडर क्रिकेट का मुजाहिरा पेश किया।
थाईलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के तेज आक्रमण के खिलाफ संभलकर शुरुआत की और ढीली गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाकर मैच को अंतिम ओवरों के रोमांचक मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। 15वें ओवर तक मुकाबला पूरी तरह 50-50 की स्थिति में पहुंच गया था। पाकिस्तानी कप्तान के हाथ-पांव फूलने लगे थे और मैदान पर फील्डर्स के बीच घबराहट साफ दिखाई दे रही थी। स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी इस बात से हैरान थे कि क्या थाईलैंड क्रिकेट की सबसे बड़ी महाशक्तियों में से एक को नॉकआउट कर एशियन गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा भूचाल लाने जा रहा है।
आखिरी पलों में अनुभव आया काम, टूटने से बचा पाकिस्तान
जब मैच आखिरी दो ओवरों में फंसा, तब जाकर पाकिस्तान के अनुभवी गेंदबाजों ने अपनी यॉर्कर और कटर गेंदों के दम पर मैच में वापसी की।
थाईलैंड के युवा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े मैच न खेलने वाले निचले क्रम के बल्लेबाज अंतिम पलों में दबाव को नहीं झेल सके। लगातार दो गेंदों पर गैर-जरूरी रन लेने के चक्कर में हुए रन आउट और खराब शॉट चयन ने थाईलैंड के मुंह से ऐतिहासिक जीत का निवाला छीन लिया। पाकिस्तान ने यह मुकाबला बेहद करीबी अंतर से जीतकर राहत की सांस ली, लेकिन इस जीत के बावजूद ड्रेसिंग रूम में किसी के चेहरे पर खुशी नहीं थी।
सोशल मीडिया पर पाक टीम की भारी फजीहत
भले ही पाकिस्तान ने मैच जीत लिया हो, लेकिन थाईलैंड जैसी अनुभवहीन टीम के खिलाफ इस तरह घुटनों पर आकर मैच बचाने को लेकर पाकिस्तानी फैंस और पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर फैंस सवाल उठा रहे हैं कि अगर थाईलैंड के खिलाफ राष्ट्रीय टीम का यह हाल है, तो आगे भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के सामने यह टीम कैसे टिक पाएगी। क्रिकेट जानकारों का कहना है कि यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है, क्योंकि अगर थाईलैंड ने थोड़ा और संयम दिखाया होता, तो पाकिस्तान आज एशियन गेम्स से बाहर होकर अपने घर की फ्लाइट पकड़ चुका होता।