दिल्ली जाने वाली 7 ट्रेनें अचानक रद्द: 8 हजार रिजर्वेशन टिकट कैंसिल, रेलवे को करोड़ों का घाटा और यात्री बेहाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मिले भीड़ के अलर्ट के बाद भारतीय रेलवे ने बड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल से दिल्ली जाने वाली सात प्रमुख ट्रेनों का परिचालन अचानक निरस्त कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के इस त्वरित फैसले का सीधा असर यात्रा की पूर्व तैयारी कर चुके हजारों मुसाफिरों पर पड़ा है। ट्रेनों के ऐन वक्त पर रद्द होने से लगभग 8 हजार यात्रियों के कन्फर्म रिजर्वेशन टिकट स्वतः निरस्त हो गए हैं, जिससे त्योहारों और जरूरी कामकाज के सिलसिले में सफर करने निकले यात्रियों की सांसत में जान आ गई है।
7,959 आरक्षित टिकट हुए रद्द, रेलवे को करोड़ों का नुकसान
रेलवे की आधिकारिक बुकिंग डेटा के अनुसार, अचानक निरस्त की गई इन सात ट्रेनों के एसी और स्लीपर कोच में कुल 7,959 यात्रियों ने कंफर्म आरक्षित टिकट बुक करा रखे थे। ट्रेनों के पहिए थमने के कारण इन सभी टिकटों को रद्द करना पड़ा है। इससे न केवल यात्रियों की यात्रा की योजनाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं, बल्कि रेलवे राजस्व को भी करोड़ों रुपये के रिफंड के रूप में भारी आर्थिक झटका लगा है। इन आरक्षित सीटों के अतिरिक्त हजारों की संख्या में ऐसे दैनिक और आम यात्री भी प्रभावित हुए हैं, जो सामान्य (जनरल) टिकट लेकर दिल्ली की यात्रा करने वाले थे। स्टेशनों पर अचानक ट्रेनें रद्द होने की सूचना मिलते ही अफरातफरी मच गई और हेल्पडेस्क पर लोगों की भारी कतारें लग गईं।
दिल्ली में भारी भीड़ की आशंका और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में सुबह से दोपहर तक अत्यधिक अनियंत्रित भीड़ जुटने की गंभीर खुफिया इनपुट मिली थी। यदि ये ट्रेनें सामान्य रूप से दिल्ली पहुंचतीं, तो स्टेशनों पर भारी जाम और सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता था। रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अमित मालवीय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की जान-माल की हिफाजत और संवेदनशील स्टेशनों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ही इन सात ट्रेनों को तात्कालिक रूप से रद्द करने का कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है।
प्रयागराज और पूर्वांचल के स्टेशनों पर भटकते नजर आए यात्री
ट्रेनों के निरस्त होने की गाज सबसे ज्यादा प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर के यात्रियों पर गिरी है। प्रयागराज जंक्शन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर सुबह से ही यात्री अपने सामान के साथ भटकते दिखाई दिए। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे जिन्हें नौकरी के इंटरव्यू, चिकित्सा परामर्श, अदालती तारीखों या त्योहार पर घर लौटने के लिए दिल्ली पहुंचना अनिवार्य था। ऐन वक्त पर ट्रेनें न मिलने के कारण कई यात्रियों को निजी बसों, टैक्सियों या हवाई सेवाओं का सहारा लेना पड़ा, जिसके लिए उन्हें सामान्य किराए से तीन से चार गुना अधिक रकम चुकानी पड़ी। वहीं कई लोग ऐसे भी रहे जिन्हें मजबूरी में अपनी यात्रा ही स्थगित करनी पड़ी।
टिकट का पूरा रिफंड मिलेगा, लेकिन राहत के लिए नाकाफी
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों के टिकट इस रद्दीकरण के कारण प्रभावित हुए हैं, उन्हें रेलवे नियमों के तहत 100 प्रतिशत पूरा रिफंड सीधे उनके बैंक खातों या बुकिंग काउंटर से वापस किया जाएगा। ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों का पैसा स्वतः उनके मूल भुगतान माध्यम में वापस क्रेडिट हो जाएगा, जबकि काउंटर से खरीदे गए टिकटों का पैसा पीआरएस काउंटर पर जाकर लिया जा सकता है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि पैसे की वापसी से उनकी तात्कालिक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, क्योंकि ऐन वक्त पर दिल्ली जाने के लिए अन्य ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं और सड़क मार्गों पर भी सघन चेकिंग के कारण भारी जाम की स्थिति बनी हुई है।