कनपुरियों को 25 साल बाद बड़ा तोहफा: कानपुर से दिल्ली के लिए चलेगी 'कानपुर मेल', जानिए टाइमिंग, रूट और ठहराव

कनपुरियों को 25 साल बाद बड़ा तोहफा: कानपुर से दिल्ली के लिए चलेगी 'कानपुर मेल', जानिए टाइमिंग, रूट और ठहराव

औद्योगिक नगरी कानपुर और देश की राजधानी दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों, उद्यमियों, छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से बेहद सुखद और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आई है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच एक नई सीधी दैनिक (Daily) ट्रेन के संचालन को रेलवे बोर्ड ने आधिकारिक रूप से हरी झंडी दे दी है। करीब 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कानपुर से दिल्ली रूट पर किसी नई नियमित सीधी ट्रेन को मंजूरी मिलना अपने आप में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस नई सेवा का नाम 'कानपुर मेल' रखा गया है, जो ट्रेन संख्या 14153 और 14154 के रूप में दोनों दिशाओं से प्रतिदिन पटरियों पर दौड़ेगी। यह पहला अवसर है जब कानपुर सेंट्रल से चलने वाली किसी ट्रेन का नामकरण सीधे कानपुर शहर की अस्मिता और पहचान से जोड़कर किया गया है।

25 साल बाद कनपुरियों का लंबा इंतजार खत्म और नया रिकॉर्ड

कानपुर और दिल्ली का संबंध बेहद गहरा और व्यस्ततम है। व्यापारिक खरीद-फरोख्त, प्रशासनिक कामकाज, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सिलसिले में प्रतिदिन हजारों लोग दोनों शहरों के बीच आवागमन करते हैं। श्रम शक्ति एक्सप्रेस, तेजस और वंदे भारत जैसी प्रीमियम सेवाओं के बावजूद इस रूट पर टिकटों की मारामारी और लंबी प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) आम बात थी। विशेषकर श्रम शक्ति एक्सप्रेस में शाम होते ही सीटें फुल हो जाती थीं और आम यात्री को कन्फर्म सीट के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। ऐसे में 25 वर्षों से स्थानीय संगठनों और यात्रियों की ओर से एक और सीधी रात की ट्रेन चलाने की निरंतर मांग उठाई जा रही थी। भाजपा सांसद रमेश अवस्थी के प्रयासों से रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है और आश्वासन दिया गया है कि आगामी दशहरा पर्व तक इसे नियमित रूप से यात्रियों के लिए शुरू करा दिया जाएगा। शहर के नाम पर ट्रेन शुरू होने से कानपुर के खाते में एक नया गौरवपूर्ण अध्याय भी जुड़ गया है।

कानपुर मेल की समय सारिणी: रात का सुहाना सफर और सुबह मंजिल पर दस्तक

कानपुर मेल की समय सारिणी (Timetable) को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यात्रियों का पूरा दिन किसी भी रूप में बर्बाद न हो और वे रात में सफर तय कर सुबह अपने गंतव्य पर पहुंच सकें। ट्रेन संख्या 14153 (कानपुर मेल) कानपुर सेंट्रल स्टेशन से प्रत्येक रात 08:40 बजे प्रस्थान करेगी और रास्ते के विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए अगले दिन तड़के 04:50 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। वहीं वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 14154 आनंद विहार टर्मिनल से प्रत्येक रात 11:25 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 07:25 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। रात का समय होने के कारण व्यापारियों को दिनभर का काम निपटाकर ट्रेन पकड़ने और अगली सुबह दिल्ली या कानपुर में फ्रेश होकर अपने दफ्तर अथवा बाजार पहुंचने की बेमिसाल सुविधा मिलेगी।

इन आठ महत्वपूर्ण स्टेशनों पर होगा ठहराव, एनसीआर के यात्रियों को राहत

जहां श्रम शक्ति एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल के बाद सीधे पनकी धाम रुकते हुए नॉन-स्टॉप नई दिल्ली पहुंचती है, वहीं नई कानपुर मेल को रूट के प्रमुख कस्बों और औद्योगिक केंद्रों को ध्यान में रखकर सुनियोजित स्टॉपेज दिए गए हैं। मार्ग में कुल आठ रणनीतिक ठहराव निर्धारित किए गए हैं। यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल से चलकर फफूंद, इटावा जंक्शन, टूंडला जंक्शन, हाथरस जंक्शन, अलीगढ़ जंक्शन, खुर्जा जंक्शन, दादरी और गाजियाबाद जंक्शन पर ठहरेगी। गाजियाबाद और दादरी में ठहराव मिलने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूर्वी दिल्ली की तरफ जाने वाले मुसाफिरों को आनंद विहार जाने से पहले ही उतरने का सहज विकल्प मिल जाएगा। इसके अलावा फफूंद, हाथरस और खुर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के व्यापारियों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी।

त्योहारों से पहले यात्रियों को सीट संकट से मुक्ति और आर्थिक लाभ

दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन से ठीक पहले इस ट्रेन का शुभारंभ होना उत्तर भारत के रेल तंत्र के लिए बहुत बड़ा कदम है। त्योहारी सीजन में दिल्ली और कानपुर के बीच उमड़ने वाली भारी भीड़ को संभालने में यह ट्रेन रीढ़ का काम करेगी। इसके आधुनिक कोच, आरामदायक बर्थ और समयबद्ध परिचालन से आम रेलयात्रियों को निजी बसों की मनमानी वसूली से भी छुटकारा मिलेगा। कानपुर का चमड़ा, होजरी और रक्षा उपकरण उद्योग सीधे दिल्ली के थोक बाजारों से जुड़ा है, इसलिए इस नई दैनिक कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलना तय है।