वाराणसी एयर शो में सेना का फर्जी कैप्टन बनकर नमो घाट पर घूम रहा था युवक

वाराणसी एयर शो में सेना का फर्जी कैप्टन बनकर नमो घाट पर घूम रहा था युवक

धार्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के नवविकसित और आधुनिक नमो घाट वाराणसी पर उस समय हड़कंप मच गया जब एयर शो के संवेदनशील सुरक्षा घेरे के बीच सेना का फर्जी अधिकारी बनकर टहल रहे एक संदिग्ध युवक को पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। शहर में आयोजित भव्य एयर शो के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वायुसेना की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर थीं। इसी बीच शनिवार की देर रात नमो घाट पर विशेष रूप से तैयार किए गए अस्थायी हेलीपैड के प्रतिबंधित क्षेत्र के पास एक युवक की संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षाकर्मियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। युवक खुद को भारतीय सेना का सेवारत कैप्टन बताकर सुरक्षा घेरे के बेहद करीब जाने का प्रयास कर रहा था। उसकी वेशभूषा, हाव-भाव और बातचीत के लहजे पर संदेह होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सतर्क किया गया, जिसके बाद आदमपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान ही युवक की असलियत सामने आ गई। पुलिस द्वारा जब उससे सैन्य सेवा से जुड़े बुनियादी दस्तावेज और आधिकारिक पहचान पत्र मांगे गए, तो वह बहानेबाजी करने लगा और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। सेना के कैप्टन जैसे जिम्मेदार और गरिमामय पद का झूठा दावा करने वाले इस युवक की पहचान कैंट क्षेत्र निवासी अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई। वीआईपी मूवमेंट और भारी भीड़भाड़ वाले संवेदनशील कार्यक्रम स्थल पर इस तरह अनाधिकृत रूप से सेना का रौब झाड़ना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकता था, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते विफल कर दिया।

आदमपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पूछताछ में खुली पोल, कैप्टन होने का दावा निकला पूरी तरह झूठा

आदमपुर थाना प्रभारी निरीक्षक चंदन कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नमो घाट पर एयर शो के आयोजन के चलते पूरे इलाके में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। पुलिस बल हेलीपैड की सुरक्षा, वीवीआईपी आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दायित्वों के निर्वहन में मुस्तैद था। इसी दौरान सूचना तंत्र और गश्ती दल के जरिए खबर मिली कि एक संदिग्ध शख्स खुद को भारतीय सेना का सैन्य अधिकारी बताते हुए प्रतिबंधित हेलीपैड क्षेत्र की ओर जाने की कोशिश कर रहा है और आसपास के सुरक्षाकर्मियों पर प्रभाव डालने का प्रयास कर रहा है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को रोककर उससे पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर युवक ने अपनी वास्तविक पहचान अर्पित चतुर्वेदी पुत्र सिद्धार्थ चतुर्वेदी, निवासी मकान संख्या एस-19/141 एबी-10, जदीद बाजार के पास, पीडब्ल्यूडी कालोनी, कैंट (वाराणसी) के रूप में बताई। इसके बाद पुलिस टीम ने सेना के स्थानीय संपर्क अधिकारियों और कैंट स्थित सैन्य कार्यालयों से युवक के पते और उसके तथाकथित 'कैप्टन' पद के बारे में त्वरित सत्यापन कराया। रिकॉर्ड्स की पड़ताल में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि अर्पित चतुर्वेदी का भारतीय सेना से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है और वह किसी भी पद पर तैनात नहीं है।

एयर शो के सुरक्षा घेरे में घुसपैठ की कोशिश पर पुलिस का कड़ा एक्शन, चालान कर छोड़ा

सैन्य पद का दुरुपयोग कर फर्जी पहचान बनाने के पीछे युवक की क्या मंशा थी, पुलिस ने इस बिंदु पर भी गहनता से तफ्तीश की। पूछताछ में सामने आया कि युवक एयर शो के वीआईपी इलाके में आसानी से प्रवेश पाने और आम नागरिकों व दोस्तों के बीच प्रभाव जमाने के लिए खुद को सेना का अधिकारी बता रहा था। हालांकि, उसके पास से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या हथियार बरामद नहीं हुआ, जिससे किसी बड़ी आतंकी या राष्ट्रविरोधी साजिश की बात खारिज हो गई।

स्थिति स्पष्ट होने और किसी गंभीर आपराधिक षड्यंत्र का साक्ष्य न मिलने के उपरांत आदमपुर पुलिस ने कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी अर्पित चतुर्वेदी के खिलाफ शांति भंग और गैर-जिम्मेदाराना आचरण से जुड़ी धाराओं में चालान की विधिक कार्रवाई की और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील आयोजनों में किसी भी रूप में फर्जी पहचान बनाकर सुरक्षा घेरे में प्रवेश की कोशिश करने वालों पर भविष्य में और भी कड़ी कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी।

नमो घाट पर सुरक्षा चाक-चौबंद: पुलिस कमिश्नरेट ने संवेदनशील स्थलों पर बढ़ाई निगरानी

इस घटना के सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने नमो घाट, राजघाट और दशाश्वमेध घाट समेत गंगा के सभी प्रमुख तटीय क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और अधिक कड़ा कर दिया है। एयर शो जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में देश भर से हजारों पर्यटक और विशिष्ट हस्तियां शिरकत करने काशी पहुंच रही हैं, ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से किसी भी छोटी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा सकती।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हेलीपैड, वीआईपी लाउंज और प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरों की मदद से 24 घंटे सघन निगरानी रखी जा रही है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भीड़ के बीच तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्वों की पहचान तुरंत की जा सके। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें।