खजुराहो से दिल्ली और वाराणसी के लिए एयर इंडिया की नई उड़ान शुरू

खजुराहो से दिल्ली और वाराणसी के लिए एयर इंडिया की नई उड़ान शुरू

धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर दो अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक नगरों—काशी और खजुराहो के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को धरोहर स्थल खजुराहो को देश की राजधानी नई दिल्ली और भगवान शिव की पावन नगरी वाराणसी से जोड़ने वाली सीधी और कनेक्टिंग उड़ान सेवा का विधिवत शुभारंभ कर दिया है। खजुराहो एयरपोर्ट पर आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा और स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत हरी झंडी दिखाकर पहले विमान को गंतव्य के लिए रवाना किया। इस नई हवाई सेवा के आरंभ होने से न केवल मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल बल्कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को एक नई ऊर्जा और गति मिलेगी।

हवाई सेवा के उद्घाटन अवसर पर जनप्रतिनिधियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने इस कदम को 'गोल्डन ट्रायंगल' के विस्तार के रूप में सराहा है। अब तक विदेशी पर्यटकों के लिए दिल्ली से आगरा और जयपुर के बाद खजुराहो व वाराणसी का त्रिकोण पूरा करना सड़क या लंबी रेल यात्रा के कारण थोड़ा समय साध्य होता था। एयर इंडिया की इस नई उड़ान ने दोनों प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों को एक ही धागे में पिरो दिया है। इससे उन पर्यटकों को सबसे अधिक राहत मिलेगी जो सीमित समय में भारत की प्राचीन स्थापत्य कला के बेजोड़ नमूनों वाले चंदेल कालीन मंदिरों और काशी के दिव्य गंगा घाटों व काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन करना चाहते हैं।

एयर इंडिया की उड़ानों का पूरा शेड्यूल और बुकिंग की विस्तृत जानकारी

एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार एयर इंडिया ने इस नए रूट पर उड़ानों के संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित चक्र तैयार किया है। फिलहाल यह उड़ान सेवा 27 मार्च 2026 तक के शीतकालीन शेड्यूल के तहत संचालित की जाएगी, जिसके बाद यात्री भार और मांग की समीक्षा कर इसे ग्रीष्मकालीन समय-सारणी में भी आगे बढ़ाया जा सकता है। दिल्ली से खजुराहो और फिर वाराणसी जाने वाले यात्रियों के लिए यह फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। तय समय के अनुसार, यह विमान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर 12:55 बजे उड़ान भरेगा और दोपहर 2:40 बजे खजुराहो के रनवे पर लैंड करेगा।

खजुराहो में यात्रियों को उतारने और नए मुसाफिरों को बैठाने के बाद यह विमान दोपहर 3:15 बजे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए अपनी उड़ान भरेगा। वहीं वापसी की दिशा में, यानी वाराणसी से खजुराहो होते हुए दिल्ली जाने के लिए एयर इंडिया का विमान मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को अपनी सेवाएं देगा। इन सभी उड़ानों के लिए टिकटों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स पर पूरी तरह शुरू की जा चुकी है, जिसे लेकर ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

इंडिगो के बाद एयर इंडिया का प्रवेश: 150 सीटों वाले विमान में पहले ही दिन दिखा उत्साह

खजुराहो के एयरपोर्ट निदेशक संतोष सिंह ने उड़ानों के पहले दिन के परिचालन और यात्री संख्या के उत्साहजनक आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया के 150 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक एयरबस विमान के पहले फेरे में ही 42 यात्री दिल्ली से खजुराहो पहुंचे, जबकि खजुराहो से 55 यात्रियों ने वाराणसी और आगे की यात्रा के लिए उड़ान भरी। उद्घाटन दिवस पर इतने अच्छे यात्री भार को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह रूट पूरी तरह हाउसफुल रहने लगेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने भी बीते 1 अक्टूबर से दिल्ली और खजुराहो के बीच अपनी 180 सीटों वाली नियमित वाणिज्यिक उड़ान शुरू की थी। इंडिगो की उड़ान को भी लगातार शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है, जिसका प्रमाण यह है कि हालिया आंकड़ों के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट से एक ही दिन में 155 मुसाफिर खजुराहो पहुंचे और 142 यात्रियों ने दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। दो प्रमुख राष्ट्रीय एयरलाइनों की मौजूदगी से उड़ानों के किरायों में भी प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बना रहेगा, जिसका सीधा लाभ आम यात्रियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्राप्त होगा।

नवंबर में जुड़ेगी फ्लाई बिग की नई सेवा, बुंदेलखंड के आर्थिक विकास को मिलेगा बड़ा बूस्ट

खजुराहो एयरपोर्ट प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में यहां से हवाई संपर्क का दायरा और अधिक विस्तृत होने जा रहा है। एयरपोर्ट निदेशक संतोष सिंह के अनुसार, नवंबर महीने में क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के तहत 'फ्लाई बिग' (FlyBig) एयरलाइन का 19 सीटों वाला छोटा विमान भी दिल्ली और अन्य निकटवर्ती शहरों के लिए अपनी नियमित उड़ान सेवा शुरू करने जा रहा है। छोटे विमानों के संचालन से क्षेत्रीय व्यापार, स्थानीय हस्तशिल्पियों और त्वरित चिकित्सा सुविधाओं के लिए यात्रा करने वाले नागरिकों को त्वरित विकल्प मिल सकेगा।

लगातार बढ़ते हवाई नेटवर्क का सीधा असर बुंदेलखंड के आतिथ्य सत्कार (हॉस्पिटैलिटी) उद्योग, हैंडीक्राफ्ट्स, स्थानीय गाइडों, टैक्सी चालकों और होटल कारोबार पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा। वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प के बाद से पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब काशी आने वाले लाखों श्रद्धालु व विदेशी सैलानी उसी यात्रा क्रम में आसानी से खजुराहो के कंदरिया महादेव मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और पश्चिमी समूह के प्रख्यात मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। यह नया हवाई मार्ग वास्तव में भारतीय विरासत और आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना के बीच एक मजबूत सेतु साबित होने जा रहा है।