महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर पहुंचे CM योगी, आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की पूजा
आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह औद्योगिक नगरी कानपुर के पौराणिक व ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बिठूर पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार ठीक 11:00 बजे उनका हेलीकॉप्टर बिठूर में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा, जहां से उनका काफिला सीधे पवित्र महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचा। रामायण की रचना स्थली और माता सीता की पावन तपोभूमि के रूप में विख्यात इस आश्रम परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने शीश नवाया और संपूर्ण विधि-विधान के साथ आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के पावन स्वरूप का पूजन-अर्चन संपन्न किया।
आश्रम परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठान को मुख्य पुरोहित आचार्य काली चरण दीक्षित ने वैदिक परंपराओं के अनुसार विधिपूर्वक संपन्न कराया। इस दौरान आश्रम से जुड़े गुरुकुल के बटुकों और विद्यार्थियों ने समवेत स्वर में वेदमंत्रों और रामायण के पावन श्लोकों का सस्वर पाठ किया। शंखनाद, घंटियों की गूंज और वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, सुरक्षा और आरोग्य की कामना की। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बिठूर के चप्पे-चप्पे पर फूलों से भव्य सजावट की गई थी और स्थानीय नागरिकों व साधु-संतों में इस अवसर को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।
बिठूर के नानाराव पार्क से विकास की उड़ान: 414 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात
वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन और संतों से भेंट के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला ऐतिहासिक नानाराव पार्क स्थित मुख्य सभास्थल पर पहुंचा। नानाराव पेशवा की इस ऐतिहासिक भूमि से मुख्यमंत्री ने कानपुर महानगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के चौमुखी विकास के लिए खजाना खोल दिया। सीएम योगी ने एक ही मंच से 414 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 48 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का बटन दबाकर लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे का विस्तार, नई पक्की सड़कें, आधुनिक पेयजल योजनाएं, ग्रामीण विद्युतीकरण, जल निकासी और स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण से जुड़े अहम कार्य शामिल हैं।
मंच से जनता को संबोधित करने से पहले मुख्यमंत्री ने बिठूर और कानपुर क्षेत्र के पूज्य संतों, धर्माचार्यों और वाल्मीकि समाज के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट कर विधिवत सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि पूज्य संतों का सानिध्य और महर्षि वाल्मीकि के दिखाए सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलना ही सरकार का मूल संकल्प है। 414 करोड़ की इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि बिठूर को एक प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी नई पहचान मिलेगी।
सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक विकास का संगम, बिठूर को पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कानपुर और बिठूर दौरा केवल एक औपचारिक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिक विकास के अनूठे संगम का प्रतीक बनकर उभरा है। बिठूर का ऐतिहासिक महत्व 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है, वहीं इसका पौराणिक संबंध रामायण काल से है जहां लव-कुश का जन्म और उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी। सरकार की मंशा इस पावन नगरी को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित करने की है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा किनारे विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
सभा में उपस्थित हजारों लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से मानवता को मर्यादा, धर्म और सदाचार का अमर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार विरासत के सम्मान के साथ-साथ विकास की रफ्तार को दोगुना करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। जिन 48 परियोजनाओं की शुरुआत आज की गई है, वे कानपुर के औद्योगिक गौरव को पुनर्स्थापित करने और बिठूर के घाटों व आश्रमों को नया जीवन देने में मील का पत्थर साबित होंगी।
सत्ता और संगठन के दिग्गज रहे मौजूद, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
नानाराव पार्क में आयोजित इस भव्य जनसभा और लोकार्पण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के संगठन और सरकार से जुड़े कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के मंच पर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अरुण पाठक, कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय, क्षेत्रीय विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सरोज कुरील और विधायक मानवेन्द्र सिंह प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। इसके अलावा पार्टी के जिला पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।
मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए थे। बिठूर क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर जोनल मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। आश्रम से लेकर नानाराव पार्क तक के पूरे मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और यातायात को सुचारू रखने के लिए पहले से रूट डायवर्जन लागू किया गया था। बिना किसी बाधा के संपन्न हुए इस दौरे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और इसे बिठूर के इतिहास में विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय करार दिया।