Gorakhpur Waterlogging Review: 'जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा', गोरखपुर में CM योगी की अधिकारियों को सख्त चेतावनी

Gorakhpur Waterlogging Review: 'जलभराव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा', गोरखपुर में CM योगी की अधिकारियों को सख्त चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विकास कार्यों, बाढ़ बचाव और जल निकासी (Drainage System) की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। बुधवार को एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि महानगर में किसी भी स्थिति में जलभराव (Waterlogging) की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधी जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई होगी।

नाला-नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को विशेष हिदायतें दीं:

  • अतिक्रमण पर प्रहार: सभी नाले-नालियों की नियमित सफाई कराई जाए और उन्हें पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त (Encroachment Free) बनाया जाए।

  • सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन: नालों के चोक होने का बड़ा कारण बनने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर कड़ाई से रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

  • पंपों का पूर्ण संचालन: बारिश के दौरान नगर निगम के सभी डिवाटरिंग पंपों को पूरी क्षमता के साथ चलाने और संवेदनशील इलाकों (जैसे राप्ती कॉम्प्लेक्स, धर्मशाला, गोरक्ष एंक्लेव और विजय चौराहा) पर विशेष नजर रखने को कहा।

डॉग शेल्टर, एंटी-रैबीज और स्वच्छता अभियान पर जोर

बैठक के दौरान सीएम योगी ने नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की:

  • सड़कों पर न दिखें बेसहारा पशु: सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बेसहारा गोवंश और आवारा कुत्ते सड़कों पर न भटकें। आवारा कुत्तों के लिए जल्द से जल्द डॉग शेल्टर (Dog Shelter) बनाने के निर्देश दिए गए।

  • पर्याप्त एंटी-रैबीज और एंटी-स्नेक वेनम: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिया गया कि जिला अस्पताल और सभी प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रैबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहे।

  • अभियान स्तर पर स्वच्छता: हर वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली पड़े प्लॉटों की सफाई के लिए विशेष टीमें गठित करने, नियमित फॉगिंग कराने और जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया गया।

बाढ़ बचाव और तटबंधों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मानसून के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की:

  • तटबंधों की पैट्रोलिंग: संवेदनशील नदियों के तटबंधों (Embankments) की सुरक्षा के लिए 24 घंटे नियमित पैट्रोलिंग करने के आदेश दिए गए।

  • बाढ़ चौकियां सक्रिय: सभी बाढ़ चौकियों और राहत केंद्रों को एक्टिव मोड पर रखने के साथ-साथ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

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