भगवान विश्वकर्मा सृष्टि और पीएम मोदी नए भारत के शिल्पी: गोरखपुर में बोले CM योगी; यूपी में 3 करोड़ लोग कारीगरी से बने स्वावलंबी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर के जटाशंकर स्थित ऐतिहासिक श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित 'श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव' कार्यक्रम में भाग लिया। भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पावन और ऐतिहासिक संयोग का प्रतीक है। एक ओर जहां आज समस्त संसार के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नए और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। सीएम योगी ने गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि से प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो देश अपने हुनरमंद शिल्पकारों और कारीगरों को सम्मान देता है, वही राष्ट्र समृद्धि के शिखर पर पहुंचता है।
आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षित रहे शिल्पकार, डबल इंजन सरकार ने दिया सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में राजमिस्त्री, बढ़ई, लोहार, सोनार, कुम्हार और हलवाई जैसे कारीगर अपनी अनूठी शिल्पकला के बल पर हमेशा से स्वावलंबन के आधार रहे हैं।
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दशकों की उपेक्षा का अंत: आजादी के बाद दशकों तक इन पारंपरिक कारीगरों और उनके हुनर को उपेक्षा का शिकार होना पड़ा।
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टूलकिट और आधुनिक प्रशिक्षण: साल 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'पीएम विश्वकर्मा योजना' शुरू की गई। इसके जरिए कारीगरों को आधुनिक टूलकिट, उन्नत कौशल प्रशिक्षण और बिना गारंटी के रियायती बैंक ऋण उपलब्ध कराए गए।
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3 करोड़ से अधिक लोग हुए स्वावलंबी: डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों का ही नतीजा है कि आज अकेले उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक लोग कारीगरी, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों से जुड़कर स्वावलंबन और सम्मानजनक आजीविका की राह पर आगे बढ़े हैं।
स्थानीय हुनर को मिला वैश्विक बाजार और आधुनिक तकनीक
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और नए ई-कॉमर्स बाजारों से जोड़ने का काम किया है। अब हमारे गांव-कस्बों के हुनरमंद कारीगर केवल स्थानीय मेलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके बनाए उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव' पर आधारित एक विशेष स्मारिका पुस्तक का औपचारिक विमोचन भी किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विश्वकर्मा समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।