लखनऊ ट्रिपल मर्डर: हत्यारोपी के अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नौबस्ता (ब्राह्मण टोला) में चबूतरे और कार पार्किंग के विवाद को लेकर हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ताबड़तोड़ फायरिंग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व सह-जिला कार्यवाह व बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी शिवाजी तिवारी (62), उनके छोटे भाई व लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मी शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने तीनों शवों को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद इलाके में 10 से अधिक थानों की पुलिस और पीएसी को तैनात करना पड़ा।
बुलडोजर ऐक्शन, नौकरी और पढ़ाई का खर्च: सरकार का बड़ा फैसला
परिजनों के भारी आक्रोश और धरने के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार से संपर्क साधा और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर ठोस समाधान निकालने के निर्देश दिए। सरकार और जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:
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अवैध संपत्ति पर बुलडोजर ऐक्शन: मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसके परिवार द्वारा किए गए किसी भी अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की नगर निगम व विकास प्राधिकरण से तत्काल पैमाइश कराकर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी: मृतक आश्रित कोटे के तहत पीड़ित परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जाएगी।
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बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च: दिवंगत शिवाजी तिवारी की बेटी की उच्च शिक्षा का संपूर्ण वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
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आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को त्वरित आर्थिक संबल देने के लिए विशेष राहत पैकेज भी स्वीकृत किया जा रहा है।
लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी (SHO) और चौकी प्रभारी निलंबित
इस जघन्य वारदात में पुलिस की घोर लापरवाही भी खुलकर सामने आई। परिजनों का आरोप है कि बरगद के पेड़ के नीचे पूजा स्थल/चबूतरा बनाने को लेकर डेढ़ महीने पहले भी विवाद हुआ था और थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने समय रहते कोई ठोस निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने सआदतगंज के थाना प्रभारी (SHO) और संबंधित चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
5 दिसंबर को होनी थी बेटे की शादी, एक झटके में उजड़ गया परिवार
मृतक सुयश तिवारी इलेक्ट्रॉनिक सामान का कारोबार करते थे और आगामी 5 दिसंबर को उनका विवाह तय था। घर में शादी की तैयारियां और खुशियों का माहौल था, जो एक ही पल में मातम में बदल गया। आरोप है कि सोमवार की सुबह जब गाड़ी खड़ी करने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, तो पूर्व में मर्चेंट नेवी में रह चुके ऋषभ शुक्ला ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पहले गाली-गलौज की और फिर लाइसेंसी/अवैध पिस्टल निकालकर एक के बाद एक तीनों को गोलियों से भून दिया।
मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार, अन्य की तलाश तेज
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर ऋषभ शुक्ला को घटनास्थल से भागते समय पिस्टल और खोखों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। मृतक शंभू तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर पर 8 नामजद आरोपियों (ऋषभ शुक्ला समेत पांच पुरुष और तीन महिलाएं) के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा घटना में शामिल महिलाओं को भी हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रशासन के आश्वासन और मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजनों ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजा।