Prayagraj Student Protest: भारी बारिश में सड़क पर उतरे छात्र, अखिलेश बोले- 'इलाहाबाद के साथ हमारी पुरजोर आवाज'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG) पर्चा लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी छात्र आंदोलन की आग अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगी है। शनिवार को प्रयागराज (इलाहाबाद) में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया।
छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई। इस बीच राजनीतिक हलचल के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बारिश भी नहीं रोक सकी छात्रों का गुस्सा, पुलिस से नोकझोंक
प्रयागराज में छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया।
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सड़क पर उतरे हजारों छात्र: भारी बारिश के बीच छात्र-छात्राओं का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने शहर के मुख्य चौराहों पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी की।
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पुलिस के साथ नोकझोंक: प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प और नोकझोंक हुई। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
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छात्रों की चेतावनी: अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर पेपर लीक में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन पूरे देश में और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।
अखिलेश यादव का समर्थन: 'इलाहाबाद छात्र आंदोलनों की राजधानी है'
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज में हुए इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर साझा करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
"इलाहाबाद छात्र आंदोलनों की राजधानी है। वहां जिस तरह भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश उभरा है, वह कल का इतिहास रचेगा। हम इलाहाबाद के छात्रों के साथ हैं, हमारी भी पुरजोर आवाज़।"
NTA अफसरों पर कार्रवाई पर अखिलेश का तंज: 'जब बचा रहेगा आका...'
नीट मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए सत्ता पक्ष को घेरा।
सपा प्रमुख ने कहा, "जब बचा रहेगा आका, तो पड़ता रहेगा डाका! दिखाने के लिए सिर्फ 'खांचा' नहीं, पूरा का पूरा 'ढांचा' बदलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि केवल छोटे अधिकारियों को बलि का बकरा बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली का पुनर्गठन होना चाहिए ताकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो सके।