'राहुल गांधी का धुआं निकल चुका है, वे दिवाली के फुस्स रॉकेट हैं': गोरखपुर रैली में सीएम योगी का तीखा हमला
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है। गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा से पूर्व आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने राहुल गांधी की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना दीपावली के उस 'कागजी रॉकेट' से की, जिसमें आग लगाते ही लोग आसमान की ओर देखते रह जाते हैं, लेकिन वह ऊपर जाने के बजाय जमीन पर ही धुआं छोड़कर फुस्स हो जाता है।
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहे जितनी कोशिश कर ले, राहुल गांधी का बारूद अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और वे कभी रीलॉन्च नहीं हो सकते।
'आसमान ताकते रह जाते हैं लोग, जमीन पर ही बुझ जाता है रॉकेट': सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें इस बात पर आश्चर्य होता है कि कांग्रेस पार्टी अपने एक ही नेता को कितनी बार लॉन्च करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा:
"राहुल गांधी को देखकर दीपावली का वह कागज वाला रॉकेट याद आता है, जिसे माचिस लगाने पर लोग उम्मीद से आसमान की तरफ देखते हैं, लेकिन रॉकेट उड़ता ही नहीं। उसका सारा धुआं वहीं निकल जाता है और वह जमीन पर ही बुझ जाता है। राहुल गांधी की स्थिति भी ठीक वही हो चुकी है। उनका धुआं निकल चुका है। वह ऐसे रॉकेट बन चुके हैं जिसका बारूद पहले ही समाप्त हो चुका है। कांग्रेस जैसे ही इन्हें लॉन्च करती है, ये तुरंत फुस्स हो जाते हैं।"
'2004 से 2026 तक सिर्फ री-लॉन्चिंग': राहुल गांधी के सफर पर कटाक्ष
सीएम योगी ने राहुल गांधी के राजनीतिक करियर का ब्योरा देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें हर पद पर बिठाकर लॉन्च करने की कोशिश की, लेकिन हर बार परिणाम शून्य रहा:
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2004: पहली बार सांसद बनाकर लॉन्च किया गया।
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2007: पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।
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2013: पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
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2017: कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पेश किया गया, जिसका नतीजा यह रहा कि 2019 में वे अपने पारिवारिक गढ़ अमेठी से ही लोकसभा चुनाव हार गए।
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यात्राएं भी रहीं बेअसर: सीएम ने कहा कि इसके बाद राहुल गांधी को री-लॉन्च करने के लिए 'भारत जोड़ो यात्रा', 'न्याय यात्रा' और 'अधिकार यात्रा' निकाली गईं, लेकिन ये सभी प्रयास भी फुस्स साबित हुए।
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'56 वर्ष के युवा': सीएम योगी ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी अब 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए वे आज भी 'युवा' हैं। उन्होंने कहा कि यह तथाकथित युवा अब अपनी युवावस्था पार कर चुका है और जनता के बीच इसका कोई प्रभाव नहीं बचा है।
परीक्षा में बार-बार फेल होने वाले छात्र की सुनाई कहानी
विपक्ष के बहानों पर तंज कसने के लिए सीएम योगी ने जनसभा में गांव के एक ऐसे छात्र का किस्सा सुनाया जो हर साल परीक्षा में फेल हो जाता है और घर आकर नए बहाने बनाता है:
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पहला साल: जब परिवार ने पूछा क्या हुआ, तो छात्र बोला- "हम परीक्षा तो दे दिए थे, लेकिन मास्टर साहब ने कॉपी ही गायब कर दी।"
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दूसरा साल: फेल होने पर कहा- "इस बार का पर्चा सिलेबस से बाहर का आ गया था।"
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तीसरा साल: बहाना बनाया कि "परीक्षा देते समय पेन की स्याही ही खत्म हो गई थी।"
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चौथा साल: छात्र ने कहा- "बगल वाला लड़का इतनी तेजी से लिख रहा था कि मैं घबरा गया और लिख नहीं पाया।"
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यही हाल आज कांग्रेस और विपक्ष का है। जब वे चुनाव जीतते हैं तो अपनी होशियारी और पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है तो कभी ईवीएम (EVM), कभी चुनाव आयोग, कभी संवैधानिक संस्थाएं और कभी लोकतंत्र के खतरे में होने का बहाना बनाने लगते हैं।
अखिलेश यादव पर पलटवार: 'लोकतंत्र में बदला नहीं, बदलाव होता है'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक हालिया बयान—जिसमें उन्होंने लाठी और जख्मों का बदला लेने की बात कही थी—पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सपा के बबुआ' को यह बात समझनी चाहिए कि लोकतंत्र में बदला लेने की कोई जगह नहीं होती। लोकतंत्र में जनता जनार्दन चुनाव के जरिए 'बदलाव' लाती है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि 2014 में देश और 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने पूर्ण बहुमत से बदलाव किया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस को जितनी सीटें मिलकर नहीं मिली थीं, उससे कहीं अधिक 255 सीटें अकेले भारतीय जनता पार्टी ने जीतकर इतिहास रचा था।
1984 के सिख विरोधी दंगों और आपातकाल का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि आज वे लोग लोकतंत्र बचाने का उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने 1975 में देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी इस ऐतिहासिक पाप के लिए देश से माफी मांगेंगे? इसके साथ ही उन्होंने 1 नवंबर 1984 के सिख कत्लेआम का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश निर्दोष सिखों के बलिदान को याद कर रहा था, तब कांग्रेस दिल्ली में जश्न मनाकर पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही थी।
गोरखपुर की इस सभा में सीएम योगी के आक्रामक तेवर ने साफ कर दिया है कि भाजपा आगामी चुनावी समर में विपक्ष के नैरेटिव और बयानों पर पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।