लखनऊ में आफत की बारिश: सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में गिरे भारी-भरकम पेड़; स्कूल बंद और रेड अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मानसूनी बादलों ने ऐसा डेरा जमाया है कि बीते 48 घंटों से जारी अनवरत बारिश अब शहरवासियों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। झमाझम और मूसलाधार बारिश के चलते नवाबों के शहर की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। रिहायशी कॉलोनियों से लेकर प्रमुख प्रशासनिक मार्गों, बाजारों और चौराहों तक केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि कई मुख्य संपर्क मार्ग जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गए हैं, वहीं तेज हवाओं और आंधी के साथ हुई बारिश के कारण दर्जनों स्थानों पर पुराने व भारी-भरकम पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली लाइनों पर जा गिरे हैं। इस प्राकृतिक मार के चलते न केवल राजधानी का यातायात ठप हो गया है, बल्कि कई प्रमुख मोहल्लों में घंटों से बत्ती गुल है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिलाधिकारी प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 12वीं तक के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है।
शहर के प्रमुख इलाकों की तस्वीरें नगर निगम के मानसून पूर्व जल निकासी के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के घरों के भीतर तक सीवर और बारिश का गंदा पानी घुस गया है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। राजधानी की सड़कों पर जगह-जगह वाहन बंद पड़े हैं और लोग कमर तक भरे पानी में अपनी गाड़ियां धकेलते देखे जा रहे हैं।
पॉश इलाकों से लेकर पुराने लखनऊ तक लबालब पानी, नाले और सड़कें एक बराबर
राजधानी के तथाकथित योजनाबद्ध और वीआईपी इलाकों का हाल भी बेहद खराब है। जानकीपुरम विस्तार के सभी सेक्टरों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। यहां न्यू एमटी कॉलेज और आसपास के मार्गों पर घुटनों से ऊपर पानी बह रहा है। गोमतीनगर जैसे आधुनिक इलाके में कई जगह सड़कें तालाब जैसी दिखने लगी हैं। सबसे गंभीर स्थिति आशियाना क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जहां सेक्टर-आर, एल, जी और एच में भारी जलभराव के चलते क़िला मोहम्मदी नाले और मुख्य सड़क के बीच का अंतर ही समाप्त हो गया है। नाबार्ड कार्यालय के पास पानी का बहाव इतना तेज था कि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं लगातार सामने आईं।
राजधानी के ताज होटल के पास रेलवे अंडरपास और मुख्य सड़क के निचले हिस्से में लबालब पानी भरने से ताज होटल और एलडीए (LDA) मुख्यालय के सामने कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। वहीं हजरतगंज, महानगर और भूतनाथ जैसे प्रमुख व्यावसायिक बाजारों में भी पानी भर जाने से व्यापारियों की दुकानों में रखा लाखों का माल भीग गया और दुकानें बंद करने की नौबत आ गई। सड़कों पर पानी भरने से पहले से मौजूद गड्ढे छिप गए हैं, जिसके कारण कई राहगीर और ई-रिक्शा पलट गए और लोग चोटिल हुए।
तेज हवाओं से उखड़े बरगद और नीम के पेड़, कई इलाकों में बिजली गुल
बारिश के साथ चली तेज तूफानी हवाओं ने राजधानी के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। निशातगंज की गली नंबर-4 में वर्षों पुराना एक विशालकाय बरगद का पेड़ भरभराकर सड़क के बीचों-बीच गिर पड़ा, जिससे पूरे इलाके का मुख्य आवागमन कई घंटों तक बाधित रहा। इसी तरह फैजुल्लागंज के जुड़वा मंदिर के पास एक भारी पेड़ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन और पोल पर गिर गया। पेड़ गिरने के जोरदार धमाके के साथ बिजली के तार टूट गए, जिससे ट्रांसफार्मर ट्रिप हो गया और पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
कैंट क्षेत्र, कमांड अस्पताल के समीप और मोहन रोड पर भी पेड़ों की बड़ी डालियां टूटने और पेड़ गिरने से सड़कों के किनारे खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। नगर निगम के उद्यान विभाग और आपदा राहत दलों को आरी-कटर लेकर मौके पर पहुंचना पड़ा ताकि पेड़ों की टहनियों को काटकर सड़कों से हटाया जा सके और आवागमन बहाल कराया जा सके। बिजली विभाग की टीमें भी टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त करने के लिए पानी के बीच संघर्ष करती नजर आईं।
तापमान में रिकॉर्ड 10 डिग्री तक की गिरावट, फ्लाइट्स पर भी पड़ा असर
लगातार हो रही बारिश और बादलों के घने घेरे के कारण राजधानी लखनऊ के तापमान में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई है। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 9 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया, जिसके कारण सितंबर के महीने में ही लोगों को गुलाबी ठंड और सिहरन का अहसास होने लगा है। खराब मौसम और दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम होने का सीधा असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रनवे पर पानी और कम दृश्यता के चलते कई उड़ानों को डाइवर्ट करना पड़ा और कई फ्लाइट्स तय समय पर लैंड नहीं कर सकीं।
सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ऑटो और सिटी बसें बेहद कम संख्या में चलती दिखाई दीं, जिससे आवश्यक कार्यों से निकले दैनिक यात्रियों को स्टैंड्स पर घंटों भीगते हुए इंतजार करना पड़ा। कानपुर रोड, फैजाबाद रोड और सीतापुर हाईवे से शहर में दाखिल होने वाले वाहनों की कतारें टोल प्लाजा और मुख्य चौराहों पर रेंगती रहीं।
59 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 5 जिलों में मौसम विभाग का रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट पर सक्रिय हुए शक्तिशाली चक्रवाती सिस्टम (Cyclonic Circulation) के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश में यह व्यापक मानसूनी बारिश हो रही है। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के 59 जिलों में अगले 24 से 48 घंटों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 संवेदनशील जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। लखनऊ के अतिरिक्त पड़ोसी जनपद उन्नाव, कानपुर, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज और जालौन में भी लगातार बारिश से निचले इलाके टापू की शक्ल ले चुके हैं।
राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों और नगर निगमों को पंप सेट लगाकर जल निकासी तेज करने, जर्जर मकानों को तुरंत खाली कराने और नागरिकों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने व बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त एडवाइजरी जारी की है।