US मिडटर्म चुनाव में भारतवंशियों का बजा डंका: सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर समेत कई दिग्गजों की धमाकेदार जीत

US मिडटर्म चुनाव में भारतवंशियों का बजा डंका: सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर समेत कई दिग्गजों की धमाकेदार जीत

वाशिंगटन/न्यूयॉर्क: संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections) में डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रचंड लहर के बीच भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) ने अपनी राजनीतिक ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। संसद (अमेरिकी कांग्रेस) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से लेकर विभिन्न राज्यों की कार्यकारी और विधायी परिषदों तक भारतवंशियों ने अपनी जीत का परचम लहराया है। अमेरिकी संसद में 'समोसा कॉकस' (Samosa Caucus) के नाम से मशहूर भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने न केवल अपनी सीटों पर दबदबा कायम रखा, बल्कि नए चेहरों ने भी मुश्किल और कड़े मुकाबले वाली सीटों पर रिपब्लिकन प्रत्याशियों को पछाड़कर जीत हासिल की है।

अमेरिकी संसद, गवर्नर/लेफ्टिनेंट गवर्नर और स्टेट असेंबली के चुनावों में जीत का परचम लहराने वाले प्रमुख भारतवंशियों की पूरी रिपोर्ट और विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

1. सुहास सुब्रमण्यम (Suhas Subramanyam): वर्जीनिया की 10वीं कांग्रेसनल सीट पर एकतरफा जीत

वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने लगातार दूसरी बार शानदार जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 28 प्रतिशत से अधिक मतों के भारी अंतर से हराया। सुब्रमण्यम को कुल 63.16 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के व्हाइट हाउस सलाहकार रह चुके सुब्रमण्यम वर्जीनिया और पूरे ईस्ट कोस्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी सांसद हैं।

2. पिया डांडिया (Piya Dandiya): फ्लोरिडा में ट्रंप समर्थक दिग्गज को हराकर बनीं नई सांसद

इस मध्यावधि चुनाव में सबसे चर्चित और चौंकाने वाली जीत फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सामने आई। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने पूर्व मरीन और कई रेस्तरां फ्रेंचाइजी के मालिक रिपब्लिकन प्रत्याशी केसी अस्कर को कांटे की टक्कर में पराजित किया। डांडिया को करीब 52 प्रतिशत वोट मिले। पूर्व शिक्षक और स्कूल प्रिंसिपल रह चुकीं पिया डांडिया की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि फ्लोरिडा को रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था।

3. अरुणा मिलर (Aruna Miller): मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर दोबारा कब्जा

मैरीलैंड में भारतीय मूल की दिग्गज नेत्री अरुणा मिलर ने गवर्नर वेस मूर के साथ मिलकर लगातार दूसरा ऐतिहासिक कार्यकाल अपने नाम किया है। 61 वर्षीय अरुणा मिलर अमेरिका के किसी भी राज्य में दूसरे सर्वोच्च कार्यकारी पद (लेफ्टिनेंट गवर्नर) पर आसीन होने वाली एकमात्र भारतीय-अमेरिकी महिला हैं। डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर और लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर की जोड़ी ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डैन कॉक्स को भारी मतों के अंतर से शिकस्त दी।

4. 'समोसा कॉकस' के वरिष्ठ सांसदों की धमाकेदार वापसी

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में लंबे समय से भारत और भारतीय हितों की मजबूत आवाज रहे वरिष्ठ सांसदों ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा:

  • रो खन्ना (Ro Khanna): सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले कैलिफोर्निया के 17वें जिले से रो खन्ना ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को भारी अंतर से हराकर लगातार अपनी सीट पर कब्जा जमाया।

  • डॉ. अमी बेरा (Ami Bera): कांग्रेस में सबसे लंबे समय से सेवारत भारतीय-अमेरिकी सांसद डॉ. अमी बेरा ने कैलिफोर्निया के 6ठे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अपनी सातवीं जीत दर्ज की।

  • प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal): वाशिंगटन राज्य के 7वें जिले से कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की अध्यक्ष प्रमिला जयपाल ने रिपब्लिकन नीरव शेठ को हराकर लगातार अपनी पांचवीं जीत पक्की की।

  • राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi): इलिनोइस के 8वें संसदीय जिले से राजा कृष्णमूर्ति ने निर्णायक अंतर से जीत हासिल की।

  • श्री थानेदार (Shri Thanedar): मिशिगन के 13वें जिले से जाने-माने उद्यमी और सांसद श्री थानेदार ने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की।

5. राज्य विधानसभाओं में भी जलवा: सबा हैदर बनीं इलिनोइस से स्टेट रिप्रेजेंटेटिव

संसद के अलावा राज्य स्तरीय विधानसभाओं (State Houses) में भी भारतवंशियों का परचम लहराया। बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली सबा हैदर ने इलिनोइस राज्य प्रतिनिधि सभा (Illinois House of Representatives) के चुनाव में ड्यूपेज काउंटी से रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की। वे इलिनोइस विधानसभा में पहुंचने वाली चुनिंदा भारतीय-अमेरिकी महिलाओं में शामिल हो गई हैं।

अमेरिकी चुनाव में प्रमुख भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों का रिपोर्ट कार्ड

उम्मीदवार का नाम पद / सदन राज्य / क्षेत्र पार्टी चुनावी नतीजा
सुहास सुब्रमण्यम प्रतिनिधि सभा (US House) वर्जीनिया (10वां जिला) डेमोक्रेटिक जीते (63% से अधिक वोट)
पिया डांडिया प्रतिनिधि सभा (US House) फ्लोरिडा (22वां जिला) डेमोक्रेटिक जीतीं (52% वोट हासिल किए)
अरुणा मिलर लेफ्टिनेंट गवर्नर मैरीलैंड डेमोक्रेटिक जीतीं (पुनर्निर्वाचित)
रो खन्ना प्रतिनिधि सभा (US House) कैलिफोर्निया (17वां जिला) डेमोक्रेटिक जीते
डॉ. अमी बेरा प्रतिनिधि सभा (US House) कैलिफोर्निया (6ठा जिला) डेमोक्रेटिक जीते (लगातार 7वां कार्यकाल)
प्रमिला जयपाल प्रतिनिधि सभा (US House) वाशिंगटन (7वां जिला) डेमोक्रेटिक जीतीं
राजा कृष्णमूर्ति प्रतिनिधि सभा (US House) इलिनोइस (8वां जिला) डेमोक्रेटिक जीते
श्री थानेदार प्रतिनिधि सभा (US House) मिशिगन (13वां जिला) डेमोक्रेटिक जीते
सबा हैदर स्टेट रिप्रेजेंटेटिव इलिनोइस (ड्यूपेज) डेमोक्रेटिक जीतीं
विवेक रामास्वामी गवर्नर पद की रेस ओहियो रिपब्लिकन हारे (डेमोक्रेट एमी एक्टन से पराजित)

ओहियो गवर्नर पद के मुकाबले में विवेक रामास्वामी को झटका

जहां एक तरफ डेमोक्रेटिक खेमे के अधिकांश भारतीय मूल के प्रत्याशियों ने एकतरफा जीत दर्ज की, वहीं इस चुनाव के सबसे हाई-प्रोफाइल भारतीय चेहरे और रिपब्लिकन पार्टी के उभरते सितारे विवेक रामास्वामी को ओहियो के गवर्नर चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगी माने जाने वाले रामास्वामी को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन ने कड़े मुकाबले में हरा दिया। डॉ. एक्टन को करीब 50.9% वोट मिले, जबकि रामास्वामी 45.8% वोटों पर सिमट गए। इसके साथ ही पिछले 20 वर्षों में पहली बार ओहियो में किसी डेमोक्रेट ने गवर्नर पद का चुनाव जीता है।

अमेरिकी संसद और प्रांतीय सरकारों में भारतीय मूल के नेताओं की यह बढ़ती संख्या यह स्पष्ट करती है कि अमेरिका की कुल आबादी का महज 1.5% होने के बावजूद, भारतीय समुदाय अब देश के नीति-निर्माण, स्वास्थ्य सुधार, अर्थव्यवस्था और रक्षा नीतियों में केंद्रीय और निर्णायक भूमिका निभा रहा है।