रियाद एयरपोर्ट खुलते ही हूतियों का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन से दहला आसमान

रियाद एयरपोर्ट खुलते ही हूतियों का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन से दहला आसमान

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त एकाएक चरमरा गई जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खोले गए किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर यमन के हूती विद्रोहियों ने ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दाग दिए। हवाई अड्डा प्रशासन ने कुछ ही समय पहले यह राहत भरी घोषणा की थी कि टर्मिनल 1 से घरेलू और टर्मिनल 2 से राष्ट्रीय विमानन कंपनियों की चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बहाल किया जा रहा है। उड़ानों के इस सीमित संचालन के शुरू होते ही हूतियों ने सिलसिलेवार हवाई हमले बोलकर सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया। हालांकि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन के एयर डिफेंस सिस्टम ने तत्परता दिखाते हुए रियाद के आसमान में मंडरा रहे ड्रोन और राजधानी की ओर तेजी से बढ़ रही बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

हमले के तुरंत बाद रियाद समेत आसपास के रिहायशी इलाकों में सायरनों की आवाजें गूंज उठीं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ानों की आवाजाही को एहतियातन नियंत्रित किया गया। यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उनका यह सैन्य अभियान सीधे तौर पर किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पंगु बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया था। हूती संगठन का दावा है कि उनकी मिसाइलें अपने निर्धारित निशाने तक पहुंचने में सफल रहीं, जबकि सऊदी सैन्य प्रवक्ता ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके उन्नत रडार और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने किसी भी प्रोजेक्टाइल को जमीन पर तबाही मचाने से पहले ही हवा में नेस्तनाबूद कर दिया।

सऊदी गठबंधन का करारा पलटवार: 12 बैलिस्टिक मिसाइलें और 2 ड्रोन हवा में किए खाक

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी शिनहुआ के अनुसार, सऊदी नेतृत्व वाले संयुक्त सैन्य गठबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यमन की सीमा के भीतर से सऊदी अरब के अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों को लक्ष्य बनाकर दागे गए कुल 12 बैलिस्टिक मिसाइलों और 2 घातक ड्रोनों को मार गिराया गया है। गठबंधन के इंटरसेप्टर मिसाइल नेटवर्क ने न केवल राजधानी रियाद बल्कि देश के दक्षिणी और पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में भी दुश्मन के हवाई हमलों को पूरी तरह विफल बना दिया। सुरक्षा बलों ने पुष्टि की है कि रियाद क्षेत्र को निशाना बनाने वाले एक मुख्य मिसाइल और दो सशस्त्र ड्रोनों को शहर की सीमा से काफी पहले ही हवा में उड़ा दिया गया, जिससे किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आशंका टल गई।

हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर किया गया यह हमला बहुआयामी था। यमन के विद्रोहियों ने एक साथ तीन बड़े सामरिक ठिकानों पर मिसाइलों की बौछार करने का प्रयास किया था। रियाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा दक्षिणी प्रांत असीर के खमीस मुशैत में स्थित किंग खालिद एयर बेस को भी निशाना बनाया गया, जहां से गठबंधन सेना के लड़ाकू विमान अक्सर उड़ान भरते हैं। इसके साथ ही लाल सागर तट के पास जाजान में सऊदी बॉर्डर गार्ड के नौसैनिक अड्डे पर भी रॉकेट दागे गए। हालांकि, सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने लगातार निगरानी रखते हुए सोमवार तड़के तक इन सभी हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी की वैश्विक एयरलाइनों को खुली चेतावनी, बताया सैन्य निशाना

इस आक्रामक मिसाइल हमले के बाद हूती विद्रोही संगठन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा और भड़काऊ बयान जारी किया। अपने इस बयान में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और घरेलू एयरलाइनों के साथ-साथ आम मुसाफिरों को रियाद एयरपोर्ट से दूर रहने का फरमान सुनाया। याह्या सारी ने कहा कि यमनी सशस्त्र बल सभी वैश्विक विमानन कंपनियों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को आगाह करते हैं कि किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब किसी भी प्रकार के नागरिक आवागमन के लिए सुरक्षित स्थान नहीं रह गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह एयरपोर्ट अब उनके सैन्य बलों के लिए एक वैध और प्राथमिक सैन्य निशाना बन चुका है।

हूती सैन्य प्रवक्ता ने अपनी चेतावनी का दायरा केवल रियाद तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने सऊदी अरब के पूरे हवाई क्षेत्र के उपयोग को लेकर भी गंभीर प्रतिबंधात्मक चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक विमान सऊदी एयरस्पेस से गुजरने से बचें, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पवित्र धार्मिक शहरों मक्का और मदीना के ऊपर का हवाई क्षेत्र इस चेतावनी के दायरे से बाहर रहेगा। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि हूतियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को दी गई यह सीधी धमकी वैश्विक विमानन उद्योग और खाड़ी देशों के हवाई मार्गों के लिए भारी अनिश्चितता का कारण बन सकती है।

सऊदी तेल ठिकानों पर मंडराया संकट, शेयरधारकों को पूंजी निकासी की दी गई हिदायत

हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली आधिकारिक सबा (SABA) समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ सैन्य सूत्र के हवाले से एक और चौंकाने वाली आर्थिक चेतावनी जारी की है। इस बयान में सऊदी अरब के विशाल ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को तुरंत प्रभाव से तेल संयंत्रों और रिफाइनरियों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है। हूती सूत्र ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब के प्रमुख हाइड्रोकार्बन और औद्योगिक केंद्र उनके मिसाइल और ड्रोन नेटवर्क के सीधे निशाने पर होंगे, जिससे वहां भारी विनाश हो सकता है।

इसके साथ ही, सऊदी अरब की सरकारी और निजी कंपनियों में निवेश करने वाले वैश्विक व स्थानीय शेयरधारकों को भी सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है। हूती नेतृत्व ने निवेशकों से कहा है कि यदि उन्होंने सऊदी तेल प्रतिष्ठानों और संबंधित कंपनियों में अपने शेयर और वित्तीय पूंजी बनाए रखी, तो उन्हें निकट भविष्य में भारी आर्थिक तबाही का सामना करना पड़ सकता है। भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हूती विद्रोही अब केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि सऊदी अर्थव्यवस्था और विदेशी निवेश के प्रवाह को बाधित करने के लिए मनोवैज्ञानिक और आर्थिक युद्ध का सहारा ले रहे हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार और हवाई यातायात पर गहराया संशय

रियाद पर हुए इस नए हमले और किंग खालिद एयरपोर्ट को बार-बार निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्गों के लिए रियाद एक प्रमुख ट्रांजिट हब की भूमिका निभाता है। ऐसे में यदि एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं, तो दुनिया भर की बड़ी एयरलाइनों को अपने रूट बदलने पड़ सकते हैं, जिससे ईंधन की लागत और यात्रा के समय में भारी इजाफा होगा।

दूसरी ओर, सऊदी तेल रिफाइनरियों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की आशंका से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन सीमा पर अपनी सुरक्षा और गश्त को और अधिक मजबूत करने में जुट गया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक कूटनीतिक हलकों ने इस तरह के हवाई हमलों से क्षेत्रीय शांति और आम नागरिकों की सुरक्षा को पहुंचने वाले नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। फिलहाल रियाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सऊदी एयर डिफेंस किसी भी नए खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर बना हुआ है।