जोमैटो में फिर छंटनी का महा-झटका! कंपनी ने बंद किया हैदराबाद कस्टमर सपोर्ट सेंटर, 250 कर्मचारियों की गई नौकरी; गुरुग्राम हेडक्वार्टर शिफ्ट होंगे ऑपरेशंस
भारतीय फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी जोमैटो (Zomato) ने अपनी परिचालन व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित अपने प्रमुख कस्टमर सपोर्ट सेंटर को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। इस कड़े और अप्रत्याशित कदम के चलते कंपनी से जुड़े लगभग 250 कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कंपनी प्रबंधन ने अपने सपोर्ट मॉडल की आंतरिक समीक्षा और संगठनात्मक जरूरतों का हवाला देते हुए सोमवार को संबंधित कर्मचारियों को इस छंटनी की आधिकारिक सूचना दे दी है।
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय टेक और ई-कॉमर्स कंपनियां अपने परिचालन खर्चों (Operational Costs) को नियंत्रित करने, कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने और उन्नत तकनीक के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही हैं। हैदराबाद स्थित यह केंद्र लंबे समय से दक्षिण भारतीय भाषाओं और क्षेत्रीय कस्टमर सपोर्ट के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। हालांकि, कंपनी की नई रणनीतिक दिशा के तहत अब इस प्रकार के इन-हाउस कस्टमर सपोर्ट को एक ही जगह केंद्रित करने की योजना बनाई गई है।
गुरुग्राम हेडक्वार्टर में ऑपरेशंस का सेंट्रलाइजेशन और आउटसोर्सिंग मॉडल
कंपनी से जुड़े आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जोमैटो अपने कस्टमर केयर ऑपरेशंस को पूरी तरह बंद नहीं कर रहा है, बल्कि इसका केंद्रीकरण (Consolidation) कर रहा है। हैदराबाद सेंटर को बंद करने के बाद अब कंपनी की सभी इन-हाउस कस्टमर सपोर्ट गतिविधियां हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मुख्य कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर से संचालित की जाएंगी।
इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य कस्टमर सपोर्ट टीम को कंपनी की मुख्य कोर टीमों—जैसे प्रोडक्ट (Product), टेक्नोलॉजी (Technology), डेटा एनालिटिक्स (Analytics) और बिजनेस स्ट्रैटेजी (Business Teams)—के करीब लाना है। इससे ग्राहकों की शिकायतों और फीडबैक को सीधे तकनीकी टीम तक पहुंचाने और समस्याओं का समाधान तेजी से करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, जोमैटो पिछले छह महीनों से अपने कस्टमर सपोर्ट आर्किटेक्चर में एक बड़ा ढांचागत बदलाव कर रहा है। कंपनी ने अपने कस्टमर-केयर से जुड़े बड़े हिस्से का काम बाहरी पेशेवर पार्टनर्स (Third-party BPO & Vendor Networks) को आउटसोर्स करना शुरू कर दिया है। इस हाइब्रिड मॉडल के तहत सामान्य और हाई-वॉल्यूम प्रश्नों को वेंडर नेटवर्क और ऑटोमेशन के जरिए हल किया जा रहा है, जबकि केवल जटिल मामलों की निगरानी इन-हाउस कोर टीम द्वारा की जा रही है।
सेवरेंस पैकेज और मेडिकल सपोर्ट: प्रभावित कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
छंटनी का शिकार हुए 250 कर्मचारियों को मानवीय और वित्तीय आधार पर राहत देने के लिए जोमैटो प्रबंधन ने एक व्यापक सेवरेंस पैकेज (Separation Package) की घोषणा की है:
-
अगस्त माह का पूरा वेतन: प्रभावित कर्मचारियों को अगस्त 2026 की पूरी सैलरी का भुगतान किया जाएगा।
-
चार महीने का अतिरिक्त वेतन: सेवरेंस पैकेज के तौर पर कंपनी कर्मचारियों को 4 महीने का वेतन देगी, जिसमें कॉन्ट्रैक्चुअल नोटिस पे (Notice Period Pay) और एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया (Ex-gratia Payment) राशि शामिल होगी।
-
स्वास्थ्य बीमा की निरंतरता: छंटनी के बाद भी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलने वाली मेडिकल इंश्योरेंस (Health Insurance) की सुविधा 31 मार्च 2027 तक बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
-
मानसिक परामर्श सहायता: नौकरी जाने के इस तनावपूर्ण समय में कर्मचारियों को मानसिक संबल प्रदान करने के लिए कंपनी की काउंसलिंग और वेलनेस सपोर्ट की सुविधा भी 31 मार्च 2027 तक उपलब्ध कराई जाएगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य स्टार्टअप छंटनी के मुकाबले जोमैटो का यह सेवरेंस और मेडिकल कवरेज पैकेज अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षात्मक है, जिससे प्रभावित प्रोफेशनल्स को नई नौकरी तलाशने के लिए पर्याप्त समय और आर्थिक सहारा मिल सकेगा।
टेक और ई-कॉमर्स सेक्टर में ऑटोमेशन व AI का बढ़ता प्रभाव
हैदराबाद सेंटर का बंद होना और कर्मचारियों की यह कटौती केवल जोमैटो तक सीमित कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया भर की कंज्यूमर इंटरनेट कंपनियों में चल रहे व्यापक 'ऑटोमेशन और एआई क्रांति' का सीधा परिणाम है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) और मशीन लर्निंग टूल्स के आने के बाद से फूड डिलीवरी, फिनटेक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर 70 से 80 प्रतिशत नियमित कस्टमर क्वेरीज (जैसे रिफंड, लेट डिलीवरी, ऑर्डर ट्रैकिंग और कैंसिलेशन) बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से सुलझाई जा रही हैं।
जब अधिकांश बुनियादी काम आधुनिक एल्गोरिदम द्वारा संभाले जा रहे हैं, तो कंपनियों के लिए सैकड़ों लोगों की बड़ी इन-हाउस सपोर्ट टीमें बनाए रखना आर्थिक रूप से अलाभकारी साबित हो रहा है। जोमैटो ने इससे पहले अप्रैल 2025 में भी अपने जूनियर स्तर के लगभग 500 कर्मचारियों की छंटनी की थी। स्विगी, जेप्टो, फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसी अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स भी इसी तरह के लीन ऑपरेशंस और एआई-संचालित सपोर्ट स्ट्रक्चर को तेजी से अपना रहे हैं।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में लीन मॉडल और भविष्य की चुनौतियां
शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद से जोमैटो पर अपने हर तिमाही मुनाफे (EBITDA Margin) को बढ़ाने और ऑपरेशंस को अत्यधिक सक्षम (Lean Infrastructure) बनाए रखने का निवेशकों का भारी दबाव है। कंपनी अपनी मुख्य फूड डिलीवरी सेवाओं के साथ-साथ क्विक-कॉमर्स वर्टिकल 'ब्लिंकइट' (Blinkit) और गोइंग-आउट बिजनेस 'डिस्ट्रिक्ट' (District) के विस्तार में भारी निवेश कर रही है। ऐसे में गैर-प्रमुख (Non-core) ऑपरेशंस पर होने वाले फिक्स्ड खर्चों में कटौती करना कंपनी की वित्तीय रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।
हालांकि, कॉर्पोरेट विश्लेषकों का यह भी कहना है कि कस्टमर सपोर्ट को बड़े पैमाने पर थर्ड-पार्टी वेंडर्स और ऑटोमेशन पर छोड़ने से कई बार ग्राहकों के सेवा अनुभव और विश्वास (Customer Satisfaction) पर नकारात्मक असर पड़ने का जोखिम रहता है। ऐसे में जोमैटो के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती होगी कि हैदराबाद सेंटर को बंद करने और कार्यबल घटाने के बावजूद वह अपने लाखों सक्रिय उपयोगकर्ताओं को त्वरित, सटीक और संवेदनशील कस्टमर केयर सेवा कैसे मुहैया करा पाता है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि जोमैटो का यह नया ढांचागत पुनर्गठन उसके कारोबारी मुनाफे और ग्राहक निष्ठा के संतुलन को साधने में कितना सफल सिद्ध होता है।