दुबई में सोना खरीदना कितना सस्ता? भारत के मुकाबले वहां 10 ग्राम गोल्ड पर मिल रही है भारी छूट
सोने के प्रति भारतीय प्रेम जगजाहिर है और जब भी बात निवेश या गहने खरीदने की आती है, तो लोगों की नजरें हमेशा अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर टिकी रहती हैं। भारत में सोने की कीमतों में हाल ही में भले ही मामूली उतार-चढ़ाव और गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन इसके बावजूद दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां सोना भारत की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध है। इनमें सबसे पहला नाम खाड़ी देश 'दुबई' का आता है, जिसे दुनिया भर में 'गोल्ड सिटी' के नाम से भी जाना जाता है। दुबई के एयरपोर्ट पर कदम रखते ही यात्रियों का स्वागत सोने की अनगिनत दुकानों की लंबी कतारों से होता है, जहां चमकते आभूषण, कंगन, चेन और सोने के सिक्के आकर्षक दरों पर मिलते हैं।
दुबई से सोना खरीदने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहां सोने की खरीद पर किसी तरह का भारी-भरकम वैट (0% VAT) या अतिरिक्त टैक्स नहीं वसूला जाता, जिससे यह खरीदारों के लिए बेहद किफायती सौदा बन जाता है। इसके अलावा, दुबई में बिकने वाले सोने की शुद्धता पर 100% सरकारी गारंटी होती है, जिसके कारण दुनिया भर के पर्यटक और भारतीय खरीदार वहां से जमकर सोने की खरीदारी करते हैं।
दुबई में क्या है 10 ग्राम सोने का मौजूदा भाव और कितना है अंतर?
मौजूदा समय में दुबई के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 497.25 भारतीय दिरहम (AED) प्रति ग्राम के आसपास चल रही है। यदि इसे भारतीय मुद्रा में बदला जाए (लगभग 26.16 रुपये प्रति दिरहम के हिसाब से), तो यह करीब 13,008 रुपये प्रति ग्राम बैठता है। इस हिसाब से दुबई में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कुल कीमत लगभग 1,30,080 रुपये होती है।
तुलना की जाए तो भारत में आज 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 14,798 रुपये प्रति ग्राम यानी 1,47,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस तरह दोनों देशों के बीच सोने की बेस प्राइस में लगभग 12.6 प्रतिशत का स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि जब भारतीय लोग दुबई जाते हैं, तो उन्हें वहां का सोना काफी सस्ता और आकर्षक लगता है। हालांकि, इसमें मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता है, जो दुकानों और डिजाइन के हिसाब से अलग हो सकता है।
भारत लाते वक्त क्यों महंगा हो जाता है दुबई से खरीदा गया सोना?
दुबई से सोना खरीदना भले ही आपको शुरुआती दौर में बहुत सस्ता लगे, लेकिन उसे कानूनी रूप से भारत की सीमा में लेकर आना और एयरपोर्ट के नियमों को पार करना पूरी तरह से एक अलग गणित है। कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि वे विदेश से जितना चाहें उतना सोना बिना किसी रोक-टोक के ला सकते हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। जब भी आप दुबई या किसी अन्य देश से हवाई यात्रा करके भारत लौटते हैं, तो आपके लिए यह अनिवार्य होता है कि आप एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कस्टम विभाग (Customs Department) के 'रेड चैनल' (Red Channel) पर जाएं और वहां विधिवत डिक्लेरेशन दें।
यात्रियों को कस्टम काउंटर पर एक फॉर्म भरना होता है, जिसमें उन्हें विदेश से खरीदी गई हर कीमती वस्तु, उसका सटीक वजन और उसकी कीमत का पूरा ब्योरा देना पड़ता है। यदि आप इस प्रक्रिया से बचने की कोशिश करते हैं और पकड़े जाते हैं, तो यह तस्करी की श्रेणी में आ सकता है, जिसके तहत भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पुरुषों और महिलाओं के लिए क्या हैं ड्यूटी-फ्री सोने लाने के नियम?
भारत सरकार के नियमों के अनुसार, विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री (Duty-Free) सोना लाने की सीमा तय की गई है, जो महिला और पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग है:
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महिला यात्री: महिलाएं अपने साथ बिना किसी कस्टम ड्यूटी के अधिकतम 40 ग्राम तक सोना (जिसकी कुल कीमत 1,00,000 रुपये तक हो) भारत ला सकती हैं।
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पुरुष यात्री: पुरुष यात्री अपने साथ अधिकतम 20 ग्राम तक सोना (जिसकी कुल कीमत 50,000 रुपये तक हो) बिना टैक्स के ला सकते हैं।
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विवाहित जोड़े: यदि पति और पत्नी एक साथ यात्रा कर रहे हैं, तो वे संयुक्त रूप से तय नियमों के तहत छूट का लाभ उठा सकते हैं।
कस्टम ड्यूटी और टैक्स का गणित: क्या वाकई बचते हैं पैसे?
मान लीजिए कि आप दुबई से 13,080 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर सोना खरीदकर भारत लौट रहे हैं। यदि आप तय सीमा से अधिक मात्रा में सोना लाते हैं, तो आपको भारतीय एयरपोर्ट पर लगभग 15% से 18% तक की भारी-भरकम कस्टम ड्यूटी और अन्य कर चुकाने होंगे। यदि इस पर 15% का टैक्स (लगभग 1,962 रुपये प्रति ग्राम) जोड़ दिया जाए, तो उस सोने की वास्तविक कीमत बढ़कर लगभग 15,042 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच जाती है।
तुलना करें तो भारत के स्थानीय बाजारों में सोने का खुदरा मूल्य इसके आसपास ही रहता है। इसके अलावा, मौजूदा समय में सोने के दाम इतने अधिक बढ़ चुके हैं कि पुरुषों के लिए निर्धारित 50,000 रुपये की वैल्यू लिमिट में केवल 3.5 से 4 ग्राम सोना ही बिना टैक्स के आ सकता है। इसलिए, यदि आप बहुत सीमित मात्रा में और सही नियमों का पालन करते हुए सोना ला रहे हैं तभी आपको फायदा मिल सकता है, अन्यथा भारी टैक्स और नियमों के फेर में सस्ता सोना भी अंततः भारत आते-आते महंगा साबित हो जाता है।