एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में जीता ब्रॉन्ज, एक ही संस्करण में तीन पदक जीतकर रचा इतिहास
जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। ट्रैक और फील्ड के मुकाबलों में भारत के स्टार लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। मंगलवार को खेले गए पुरुषों की 5000 मीटर (5000m) रेस के फाइनल मुकाबले में गुलवीर सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) अपने नाम किया। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है, क्योंकि वह महान एथलीट पीटी उषा के बाद एशियाई खेलों के एक ही संस्करण में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट बन गए हैं।
गुलवीर सिंह ने इस बेहद कड़ी और प्रतिस्पर्धी रेस को 13 मिनट 32.75 सेकंड के समय में पूरा किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक बहरीन के बिरहानहु बालेव (13:30.79) के नाम रहा, जबकि जापान के टोमोनोरी यामागुची (13:31.43) ने रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि पोडियम फिनिश हासिल करने के बाद भी गुलवीर पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा का इजहार करते हुए कहा कि उनका सपना देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रगान बजवाने का था, जिसे वे अगली बार जरूर पूरा करेंगे।
पदक जीतने के बावजूद गोल्ड न मिलने का मलाल
रेस समाप्त होने के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए गुलवीर सिंह ने अपनी भावनाएं खुलकर साझा कीं। उन्होंने कहा कि वह इस कांस्य पदक से पूरी तरह खुश नहीं हैं, क्योंकि मैदान पर उतरने से पहले उनका एकमात्र लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना था ताकि पोडियम पर तिरंगे के साथ राष्ट्रगान गूंज सके। उन्होंने कहा, "मेरा बस यही सपना था कि पोडियम पर राष्ट्रगान बजे। हालांकि इस बार ऐसा नहीं हो सका, लेकिन हम और अधिक कड़ी मेहनत करके अगली बार इससे भी मजबूत वापसी करेंगे।"
यह इस महाकुंभ में गुलवीर का तीसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने इन खेलों में पुरुषों की 10,000 मीटर और 1500 मीटर दौड़ स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत (सिल्वर) पदक अपने नाम किए थे। एक ही एशियन गेम्स में तीन अलग-अलग लंबी दूरी की स्पर्धाओं में पदक जीतना उनकी असाधारण फिटनेस, स्टैमिना और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। दूसरी ओर, इसी स्पर्धा में भाग ले रहे उनके हमवतन और स्टार एथलीट अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में 8:21.67 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और फाइनल की रेस में नहीं उतर सके।
पूजा सिंह ने महिलाओं की हाई जंप में भी दिलाया कांस्य पदक
एथलेटिक्स के मैदान से भारत के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई। देश की युवा एथलीट पूजा ने महिलाओं की हाई जंप (ऊंची कूद) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और कांस्य पदक जीत लिया। पूजा ने कड़े मुकाबले के दौरान 1.84 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की। उन्होंने अपनी शुरुआत 1.70 मीटर के मार्क से की थी और बिना किसी बड़ी परेशानी के 1.84 मीटर का आंकड़ा छू लिया। इसके बाद उन्होंने पदक का रंग बदलने के प्रयास में बार को 1.87 मीटर तक ऊंचा उठाया, हालांकि वे अपने तीनों प्रयासों में उसे पार करने में असफल रहीं।
बावजूद इसके, काउंटबैक के नियमों के आधार पर उनका 1.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उन्हें पोडियम पर तीसरा स्थान दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। इस स्पर्धा में उज्बेकिस्तान की बरनोखोन सैफुल्लेवा ने 1.90 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान की क्रिस्टीना ओविचिनिकोवा ने 1.87 मीटर की कूद के साथ रजत पदक अपने नाम किया। भारत की एक अन्य एथलीट सुप्रिया बसवराजू 1.80 मीटर की ऊंचाई पर तीन बार असफल होने के बाद पदक की दौड़ से बाहर हो गई थीं। कुल मिलाकर, एथलेटिक्स ट्रैक पर भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों के लिए बेहद उत्साहजनक है।