1.43 लाख रुपये के पार पहुंचे भाव; दिल्ली, यूपी और बिहार में खरीदारी से पहले जानिए 24K और 22K का ताजा भाव

1.43 लाख रुपये के पार पहुंचे भाव; दिल्ली, यूपी और बिहार में खरीदारी से पहले जानिए 24K और 22K का ताजा भाव

नई दिल्ली: लोक आस्था और समृद्धि के महापर्व धनतेरस से ऐन पहले भारतीय सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों ने एक बार फिर लंबी छलांग लगा दी है। हाल के हफ्तों में आई हल्की नरमी के बाद पीली धातु ने जबर्दस्त वापसी करते हुए घरेलू और वायदा बाजार दोनों जगह ग्राहकों और निवेशकों को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आई तेजी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग के चलते 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक बार फिर उछलकर ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं आभूषणों के निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट सोने की दरें भी ₹1.31 लाख से ₹1.32 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच चुकी हैं। धनतेरस पर शगुन का सोना और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के लिए यह उछाल बजट की चुनौती जरूर लेकर आया है, लेकिन सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि आस्था और परंपरा के चलते बाजारों में खरीदारी की चमक बरकरार रहेगी।

धनतेरस से पहले एमसीएक्स और हाजिर बाजार में सोने का नया उछाल

घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर कारोबारी सत्र के दौरान सोने के भावों में 2 फीसदी से अधिक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे कीमतें उछलकर ₹1,42,800 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गईं। हाजिर बाजार (Spot Market) में भी इस उछाल का सीधा असर देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के थोक व खुदरा सर्राफा बाजार में 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) सोने की दरें ₹1,42,900 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में पहुंच गईं। महज एक दिन पहले ₹1.39 लाख के स्तर पर टिका सोना अचानक लगभग ₹3,000 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया है। इस तेजी के साथ ही 22 कैरेट सोने का भाव भी बढ़कर ₹1,30,900 से ₹1,31,040 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेत, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को मिला सहारा घरेलू कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के सर्राफा बाजारों में ताजा दरें

उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में त्योहारी खरीदारी अपने चरम पर है, लेकिन बढ़ी हुई दरों ने ग्राहकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।

राज्य / शहर 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) 18 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)
नई दिल्ली ₹1,42,950 ₹1,31,040 ₹1,07,210
लखनऊ / कानपुर (उत्तर प्रदेश) ₹1,43,100 ₹1,31,190 ₹1,07,350
पटना (बिहार) ₹1,43,050 ₹1,31,140 ₹1,07,300

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने की खुदरा दरें ₹1,43,100 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की जा रही हैं। वहीं बिहार की राजधानी पटना के बाकरगंज, गया और मुजफ्फरपुर के बाजारों में भी 24 कैरेट का भाव ₹1.43 लाख के स्तर पर मजबूती से बना हुआ है। सर्राफा संघों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुद्ध धातु का बेस प्राइस है; जब कोई ग्राहक आभूषण खरीदता है, तो इस पर 3% जीएसटी (GST) और ज्वैलर्स का मेकिंग चार्ज (घड़ाई शुल्क) अलग से जुड़ता है, जिससे अंतिम बिल ₹1.55 लाख से ₹1.65 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच जाता है।

आखिर धनतेरस के ठीक पहले सोने के दाम में क्यों आई इतनी तेजी?

सोने की कीमतों में आई इस ताजा तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक एक साथ सक्रिय हैं:

  • वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता: पश्चिम एशिया और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बना रहने के कारण दुनिया भर के संस्थागत निवेशक इक्विटी जैसे जोखिम भरे साधनों से पैसा निकालकर सोने को सुरक्षित ठिकाना (Safe Haven) मानकर निवेश कर रहे हैं।

  • केंद्रीय बैंकों की निरंतर लिवाली: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी शामिल है, अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोने की खरीदारी लगातार बढ़ा रहे हैं।

  • रुपये में कमजोरी: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। चूंकि भारत सोने का एक बड़ा आयातक देश है और इसका आयात डॉलर में होता है, इसलिए रुपये के कमजोर होने से भारत में सोना आयात करना सीधे तौर पर महंगा हो जाता है।

  • त्योहारी और शादियों का पीक सीजन: धनतेरस और दिवाली के तुरंत बाद भारत में देवउठनी एकादशी के साथ ही शादियों का भारी सीजन शुरू हो जाता है। घरेलू ज्वैलर्स की ओर से स्टॉक पूरा करने के लिए की जा रही थोक खरीदारी ने भी मांग को अचानक बढ़ा दिया है।

ज्वैलरी, कॉइन या डिजिटल गोल्ड: धनतेरस पर खरीदारी की सही रणनीति

सोने के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण खरीदार इस बार अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं। यदि आपका उद्देश्य केवल त्योहारी शगुन या निवेश है, तो फिजिकल आभूषणों के बजाय 24 कैरेट के गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार या डिजिटल विकल्पों पर विचार करना अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है।

  • सोने के आभूषण (Jewellery): आभूषणों पर 10% से 20% तक मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी लगता है। भविष्य में इसे दोबारा बेचने या एक्सचेंज करने पर मेकिंग चार्ज की रकम वापस नहीं मिलती।

  • सोने के सिक्के (Coins / Bars): 24 कैरेट शुद्धता वाले सिक्कों पर मेकिंग चार्ज नगण्य या बहुत कम (1% से 3%) होता है, जिससे आपकी पूंजी का अधिकांश हिस्सा शुद्ध सोने में ही लगता है।

  • गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के जरिए गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) खरीदना उन लोगों के लिए सबसे किफायती है जो केवल निवेश से रिटर्न चाहते हैं। इसमें न तो मेकिंग चार्ज लगता है और न ही चोरी या लॉकर में रखने का कोई जोखिम रहता है।

धनतेरस पर खरीदारी करते समय इन 3 सावधानियों का रखें ध्यान

त्योहारी भीड़-भाड़ के दौरान सोने की खरीदारी करते समय ग्राहकों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके:

  • BIS हॉलमार्क अनिवार्य रूप से जांचें: किसी भी हाल में बिना हॉलमार्क वाला सोना न खरीदें। असली हॉलमार्क में तीन निशान होते हैं—पहला बीआईएस (BIS) का त्रिकोणीय लोगो, दूसरा शुद्धता का पैमाना (जैसे 22K916 या 24K999), और तीसरा 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड।

  • 'BIS Care App' पर HUID कोड वेरीफाई करें: सरकार के आधिकारिक 'BIS Care' मोबाइल ऐप पर जाकर आभूषण पर छपे 6 अंकों के HUID नंबर को दर्ज करके आप खुद जांच सकते हैं कि वह आभूषण किस तारीख को और किस हॉलमार्किंग केंद्र पर प्रमाणित किया गया है।

  • पक्का टैक्स इनवॉइस (बिल) जरूर लें: खरीदारी के बाद हमेशा पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें सोने का सटीक वजन, उस दिन का लागू कैरेट भाव, मेकिंग चार्ज और जीएसटी की अलग-अलग स्पष्ट प्रविष्टि हो। पक्का बिल भविष्य में आभूषण को बेचने या एक्सचेंज करने पर शुद्धता के कानूनी प्रमाण के रूप में काम आता है।