SBI Q2 Results: 14% उछलकर ₹23,038 करोड़ पर पहुंचा SBI का शुद्ध मुनाफा, हिस्सेदारी बिक्री से मिला ₹7,288 करोड़ का अप्रत्याशित फायदा

SBI Q2 Results: 14% उछलकर ₹23,038 करोड़ पर पहुंचा SBI का शुद्ध मुनाफा, हिस्सेदारी बिक्री से मिला ₹7,288 करोड़ का अप्रत्याशित फायदा

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 'भारतीय स्टेट बैंक' (State Bank of India - SBI) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाते हुए ₹23,038 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹20,160 करोड़ दर्ज किया गया था। कंसोलिडेटेड स्तर पर पूरे एसबीआई ग्रुप का शुद्ध लाभ भी 20 प्रतिशत बढ़कर ₹25,361 करोड़ हो गया है। बैंक की कुल आय पिछले साल के ₹1,34,979 करोड़ से बढ़कर ₹1,43,796 करोड़ रही, जबकि इस दौरान ब्याज से होने वाली कमाई ₹1.19 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.32 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। लोन बुक में लगातार दोहरे अंकों की मजबूत वृद्धि और डूबे कर्जों (Bad Loans) के लिए प्रोविजनिंग में तेज कटौती ने बैंक के बॉटमलाइन प्रदर्शन को ऐतिहासिक मजबूती प्रदान की है।

हिस्सेदारी बिक्री से मिला ₹7,288 करोड़ का बंपर फायदा

इस तिमाही में बैंक के मुनाफे को सबसे बड़ा सहारा एकमुश्त असाधारण लाभ (Exceptional Gain) से मिला। एसबीआई ने अपनी प्रमुख म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट सहायक कंपनी 'एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड' (SBI Funds Management Limited) में अपनी 6.30% हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री (Divestment) पूरी की है। इस हिस्सेदारी की बिक्री से बैंक को कर-पूर्व ₹7,288 करोड़ का भारी-भरकम एकमुश्त मुनाफा हासिल हुआ। इस पूंजी प्रवाह ने न केवल बैंक की अन्य आय और लाभप्रदता को बढ़ाया, बल्कि बैंक के पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई, जो पिछले साल के 14.62% से सुधरकर 16.09% के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹49,143 करोड़ पर, मार्जिन में भी सुधार

बैंक के मुख्य बैंकिंग परिचालन और ब्याज आय के मोर्चे पर भी ठोस प्रगति देखी गई है:

  • शुद्ध ब्याज आय (NII): चालू तिमाही में एसबीआई की शुद्ध ब्याज आय 14.3% बढ़कर ₹49,143 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹42,984 करोड़ थी।

  • नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): जमा लागत में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.11% पर पहुंच गया, जो पिछली जून तिमाही के 3.00% के मुकाबले 11 बेसिस प्वाइंट्स बेहतर है। समग्र बैंक का निम भी 8 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 2.94% रहा।

  • ऑपरेटिंग प्रॉफिट: बैंक का परिचालन लाभ सालाना आधार पर 7% की वृद्धि के साथ ₹31,904 करोड़ से बढ़कर ₹34,226 करोड़ हो गया।

एसेट क्वालिटी में ऐतिहासिक सुधार: ग्रॉस एनपीए घटकर 1.39% पर

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में लगातार सुधार का सिलसिला इस तिमाही में भी मजबूती से जारी रहा:

  • ग्रॉस एनपीए (Gross NPA): बैंक का सकल एनपीए अनुपात गिरकर 1.39% पर आ गया है, जो एक साल पहले 1.73% और जून 2026 तिमाही में 1.47% था।

  • नेट एनपीए (Net NPA): शुद्ध एनपीए अनुपात घटकर महज 0.36% रह गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 0.42% के स्तर पर था।

  • प्रोविजनिंग में 33% की कमी: बैड लोन्स के सुधरते आंकड़ों के चलते बैंक को फंसे कर्जों के लिए केवल ₹2,759 करोड़ का प्रोविजन अलग रखना पड़ा, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के ₹4,132 करोड़ के मुकाबले 33 प्रतिशत कम है।

52 लाख करोड़ के पार पहुंचा कुल लोन, होम और कॉर्पोरेट लोन में तेजी

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत तक एसबीआई का ग्रॉस एडवांस (कुल ऋण वितरण) सालाना आधार पर 18% की छलांग लगाते हुए ₹52.08 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। घरेलू ऋण में 17% और विदेशी अग्रिम में 23% की तेज बढ़त दर्ज की गई। कृषि क्षेत्र को दिए गए ऋणों में 23% और एसएमई (SME) सेक्टर के ऋण में 22% की वृद्धि देखने को मिली। इसके अलावा, रिटेल पर्सनल लोन 14% बढ़कर ₹18.25 लाख करोड़ पहुंच गए, जिसमें होम लोन पोर्टफोलियो 11.9% की वृद्धि के साथ ₹9.86 लाख करोड़ दर्ज किया गया। निजी पूंजीगत व्यय में तेजी के चलते कॉर्पोरेट लोन बुक भी 16.1% बढ़कर ₹14.39 लाख करोड़ पर पहुंच गई। बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹62.78 लाख करोड़ हो गया है, जिससे बैंक का कुल एकीकृत कारोबार ₹115 लाख करोड़ के विशाल लैंडमार्क के करीब पहुंच गया है।