धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ थाने पहुंचे सांसद पप्पू यादव: भड़काऊ बयानबाजी और नफरत फैलाने के आरोप में दर्ज कराई शिकायत

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ थाने पहुंचे सांसद पप्पू यादव: भड़काऊ बयानबाजी और नफरत फैलाने के आरोप में दर्ज कराई शिकायत

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हाल के दिनों में दिए गए बयानों और उनकी पदयात्राओं के संदर्भ में सांसद पप्पू यादव ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर उनके खिलाफ औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सांसद का आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री अपने प्रवचनों और सार्वजनिक मंचों के जरिए देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत व कटुता पैदा करने का काम कर रहे हैं।

थाने में शिकायत की कॉपी सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पप्पू यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति को धर्म या आस्था के नाम पर देश के संविधान और कानून से ऊपर जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

थाने में दी गई शिकायत में क्या-क्या आरोप लगाए गए?

सांसद पप्पू यादव द्वारा पुलिस प्रशासन को सौंपी गई शिकायत में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

  • भड़काऊ और विभाजनकारी भाषा का प्रयोग: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धीरेंद्र शास्त्री के भाषणों में बहुलतावादी समाज और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति आक्रामक व उकसाने वाले शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा होता है।

  • अंधविश्वास और धार्मिक ध्रुवीकरण: सांसद ने कहा कि 'चमत्कार' और 'दिव्य दरबार' के नाम पर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है और राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का सहारा लेकर समाज को बांटने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।

  • संविधान और भाईचारे पर प्रहार: शिकायत में उल्लेख किया गया कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता और सौहार्द का अधिकार देता है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी सीधे तौर पर गंगा-जमुनी तहजीब पर सीधा हमला है।

"बाबा हों या कोई भी, नफरत बर्दाश्त नहीं की जाएगी": मीडिया से बोले पप्पू यादव

थाने से बाहर आने के बाद पप्पू यादव ने कहा, "हम संतों और सनातन का दिल से सम्मान करते हैं। हमारी संस्कृति संतों के त्याग, प्रेम और करुणा पर टिकी है, लेकिन जो लोग धर्म के चोले में केवल नफरत, राजनीति और बंटवारे का जहर घोल रहे हैं, वे संत नहीं हो सकते। बिहार और देश गांधी, बुद्ध और कबीर का है। यहां किसी को भी सांप्रदायिक आग भड़काने की छूट नहीं मिलेगी। हमने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।"

धीरेंद्र शास्त्री समर्थकों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

पप्पू यादव की इस कानूनी पहल के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है:

  • बागेश्वर धाम समर्थकों का रुख: धीरेंद्र शास्त्री के समर्थकों और कई हिंदू संगठनों ने सांसद के इस कदम को 'सस्ती लोकप्रियता' और 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार दिया है। उनका कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री केवल सनातन एकता और सामाजिक समरसता की बात करते हैं और उन्हें निशाना बनाना हिंदू आस्था पर हमला है।

  • विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया: वहीं दूसरी ओर, कई विपक्षी और सामाजिक संगठनों ने पप्पू यादव के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों से नफरत फैलाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सांसद की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त कर लिया गया है और विधि विशेषज्ञों की राय लेकर पूरे मामले की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।