मोदी के सामने विपक्ष का बेहतर PM फेस कौन? CM उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के नाम पर लगाई मुहर
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले विपक्ष के सबसे उपयुक्त और स्वाभाविक प्रधानमंत्री चेहरे के रूप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम आगे किया है। एक हालिया पॉडकास्ट साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष की तरफ से बेहतर विकल्प कौन हो सकता है, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के राहुल गांधी का चयन किया। उमर अब्दुल्ला ने इस चयन को केवल राजनीतिक मित्रता नहीं, बल्कि देश के जमीनी चुनावी ढांचे और राजनीतिक वास्तविकता पर आधारित बताया।
'सिर्फ दो पार्टियां हैं पैन-इंडिया, बाकी क्षेत्रीय दलों को बड़ा होने का भ्रम'
उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी को सबसे उपयुक्त चेहरा बताने के पीछे मुख्य रूप से देश में दलों की राष्ट्रीय उपस्थिति का तर्क दिया:
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देश में केवल दो राष्ट्रीय दल: उमर अब्दुल्ला ने कहा, "भारत में केवल दो ही पार्टियां हैं जिनकी पूरे देश में वास्तविक मौजूदगी है—एक कांग्रेस और दूसरी भाजपा। सीटें कम या ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर राज्य में है। बाकी सभी दलों को यह केवल भ्रम है कि वे बड़े राष्ट्रीय दल हैं। हम राज्यों के एक छोटे हिस्से को नियंत्रित करते हैं और खुद को राष्ट्रीय समझ बैठते हैं, लेकिन वास्तविकता ऐसी नहीं है। मैं खुद को राष्ट्रीय नेता नहीं मानता, मैं जम्मू-कश्मीर तक सीमित हूं। राहुल गांधी एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और यही बात उन्हें सबसे बड़ा स्वाभाविक लाभ देती है। "
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क्षेत्रीय नेताओं की सीमाएं: उन्होंने रेखांकित किया कि कोई भी क्षेत्रीय दल का नेता चाहे अपने राज्य में कितना भी मजबूत क्यों न हो, पूरे देश में मतदाताओं को एक साझा राष्ट्रीय विकल्प देने की क्षमता सिर्फ एक अखिल भारतीय (Pan-India) दल के नेता में ही हो सकती है।
"बेहतर इंसान और तेजी से परिपक्व होते राजनेता": राहुल गांधी की कार्यशैली की तारीफ
उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के व्यक्तिगत और राजनीतिक गुणों की भी खुलकर सराहना की:
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गहन संवाद का तरीका: जब उनसे पूछा गया कि वे राहुल गांधी को एक बेहतर राजनेता मानते हैं या एक बेहतर इंसान, तो उमर ने कहा कि वे एक बहुत अच्छे इंसान हैं और साथ ही तेजी से खुद को तैयार करते हुए राजनेता भी हैं। उन्होंने कहा, "आप देखिए कि वे आम लोगों से कैसे मिलते हैं, बैठते हैं और बात करते हैं। वे लोगों की समस्याओं को गहराई से सुनने के लिए समय निकालते हैं, जो शायद हम में से कई नेताओं के पास नहीं होता। "
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बढ़ा हुआ राजनीतिक ग्राफ: मुख्यमंत्री ने माना कि हाल के वर्षों में राहुल गांधी की राजनीतिक स्वीकार्यता और ग्राफ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इससे इनकार करना गलत होगा। अब सरकार और विरोधी खेमा भी उन्हें पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीरता से लेता है।