बड़ा मुनाफा दे सकता है अडानी ग्रुप का यह दिग्गज शेयर, दो नामी ब्रोकरेज फर्म्स ने एक साथ दी ‘BUY’ रेटिंग

बड़ा मुनाफा दे सकता है अडानी ग्रुप का यह दिग्गज शेयर, दो नामी ब्रोकरेज फर्म्स ने एक साथ दी ‘BUY’ रेटिंग

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अडानी समूह की कंपनियों को लेकर संस्थागत निवेशकों और ब्रोकरेज फर्म्स का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता नजर आ रहा है। समूह की सबसे मजबूत बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) वाली और लगातार भारी कैश फ्लो जनरेट करने वाली कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (Adani Ports and SEZ Ltd - APSEZ) पर दो प्रमुख रिसर्च व ब्रोकरेज फर्म्स ने एक साथ खरीदारी (BUY) की मजबूत रेटिंग जारी की है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल भारत के आर्थिक और व्यापारिक विकास से सीधे जुड़ा हुआ है और हालिया बाजार करेक्शन के बाद इस शेयर का वैल्यूएशन काफी आकर्षक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों को मध्यम से लंबी अवधि में बड़ा कैपिटल गेन मिलने की प्रबल संभावना है।

दो प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स का क्या है रुख और टारगेट प्राइस

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने कंपनी के हालिया परिचालन आंकड़ों और भविष्य के कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) की समीक्षा करने के बाद अपने टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की है।

  • मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal): घरेलू ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने अडानी पोर्ट्स पर 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखते हुए शेयर के लिए ₹2,130 प्रति शेयर का आक्रामक टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा बाजार भाव से यह शेयर लगभग 20 से 25 प्रतिशत से अधिक का सीधा अपसाइड दिखाने की क्षमता रखता है।

  • वैश्विक रिसर्च फर्म्स और कंसेंसस आउटलुक: प्रमुख वैश्विक विश्लेषकों ने भी कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, कर्ज में कमी की रणनीति और नए घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के अधिग्रहण को देखते हुए ₹1,950 से ₹2,100 के दायरे में खरीदारी की सिफारिश जारी रखी है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का फ्री कैश फ्लो और लगातार सुधरता रिटर्न रेश्यो इसे ग्रुप के सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद शेयरों में शीर्ष पर रखता है।

किन मजबूत कारणों से बन रहा है शेयर में तेजी का माहौल

अडानी पोर्ट्स को लेकर ब्रोकरेज के अति-उत्साहित होने के पीछे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और लगातार बढ़ता बाजार हिस्सा (Market Share) है।

  • कार्गो वॉल्यूम में दोहरे अंकों की वृद्धि: भारत के कुल समुद्री कार्गो हैंडलिंग में अडानी पोर्ट्स की हिस्सेदारी 25% से अधिक है। कंपनी के पोर्ट्स पर कंटेनर, ड्राई बल्क और लिक्विड कार्गो की आवाजाही सालाना आधार पर 12 से 15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है।

  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का विस्तार: केवल बंदरगाहों तक सीमित न रहकर कंपनी अब एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, रेल फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स (MMLP) का तेजी से जाल बिछा रही है, जिससे इसका रेवेन्यू मॉडल पूरी तरह डाइवर्सिफाई हो चुका है।

  • अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति: श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट टर्मिनल, इजराइल के हाइफा पोर्ट और तंजानिया में कंटेनर टर्मिनल के संचालन से कंपनी की डॉलर आधारित आय में लगातार इजाफा हो रहा है, जो वैश्विक मुद्रा जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करता है।

  • मजबूत बैलेंस शीट और नियंत्रित डेट-टू-ईबीआईटीडीए (Debt-to-EBITDA): समूह पर पहले लगे कर्ज के आरोपों के बाद कंपनी ने आक्रामक तरीके से अपना कर्ज घटाया है और इसका शुद्ध कर्ज अनुपात अब उद्योग में सबसे स्वस्थ स्तरों में गिना जाता है।

निवेशकों के लिए तकनीकी स्तर और निवेश रणनीति

चार्ट पैटर्न और तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अडानी पोर्ट्स अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (200 DMA) के ऊपर मजबूत बेस बनाकर ट्रेड कर रहा है। हालिया गिरावट में संस्थागत निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर को लगातार सपोर्ट दिया है, जो इसके संचय (Accumulation) का स्पष्ट संकेत देता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जो निवेशक डिफेंसिव और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर थीम पर दांव लगाना चाहते हैं, वे इस शेयर में एकमुश्त भारी रकम लगाने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' (हर गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपना सकते हैं। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए स्टॉपलॉस का सख्त पालन करना अनिवार्य है, जबकि 1 से 2 साल का नजरिया रखने वाले लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएटर्स के लिए यह शेयर पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान करने वाला साबित हो सकता है।