सावधान! यह ऐप पलक झपकते खाली कर सकती है आपका बैंक खाता; साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

सावधान! यह ऐप पलक झपकते खाली कर सकती है आपका बैंक खाता; साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन यूपीआई लेनदेन के बढ़ते दौर में साइबर अपराधियों ने आम स्मार्टफोन यूजर्स को निशाना बनाने का बेहद खतरनाक तरीका निकाल लिया है। सुरक्षा शोधकर्ताओं और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे खतरनाक बैंकिंग ट्रोजन (Banking Trojan) और फर्जी यूटिलिटी ऐप को लेकर हाई-अलर्ट जारी किया है, जो फोन में इंस्टॉल होते ही चुपके से आपके बैंक खाते में सेंध लगा देता है।

यह दुर्भावनापूर्ण ऐप (Malicious App) खुद को बेहद उपयोगी टूल—जैसे कि 'सिस्टम क्लीनर', 'पीडीएफ रीडर', 'मुफ्त वीपीएन' या 'बैटरी सेवर'—के तौर पर पेश करता है। लेकिन यूजर जैसे ही इसे डाउनलोड करता है, यह बैकग्राउंड में सक्रिय होकर डिवाइस का पूरा रिमोट कंट्रोल हासिल कर लेता है। इसके बाद यूजर को भनक लगे बिना उसके बैंक खातों से लाखों रुपये ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।

कैसे काम करता है यह खतरनाक फ्रॉड? समझिए पूरा खेल

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस मैलवेयर की कार्यप्रणाली बेहद शातिर और स्वचालित है:

  • एक्सेसिबिलिटी परमिशन की मांग: ऐप इंस्टॉल होते ही यह सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन का बहाना बनाकर 'Accessibility Services' की अनुमति मांगता है। यह परमिशन मिलते ही ऐप स्क्रीन पर होने वाली हर हलचल को रिकॉर्ड और कंट्रोल करने में सक्षम हो जाता है।

  • एसएमएस और ओटीपी पर कब्जा: यह मैलवेयर यूजर के इनकमिंग मैसेज पढ़ने की अनुमति चुरा लेता है। बैंक से आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को यह यूजर के देखने से पहले ही हैकर्स के सर्वर पर भेज देता है और मैसेज को फोन से डिलीट कर देता है।

  • फर्जी ओवरले स्क्रीन (Fake Overlay): जैसे ही आप अपना बैंक ऐप या यूपीआई ऐप खोलते हैं, यह मैलवेयर असली ऐप के ऊपर एक हूबहू दिखने वाली फर्जी लॉगिन स्क्रीन चिपका देता है। यूजर द्वारा डाला गया यूजरनेम, पासवर्ड और यूपीआई पिन सीधे साइबर ठगों के पास पहुंच जाता है।

  • बिना अलर्ट के फंड ट्रांसफर: रात के समय जब यूजर सो रहा होता है, तो हैकर्स रिमोटली बैकग्राउंड में बैंक से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं और एसएमएस अलर्ट डिलीट होने के कारण यूजर को सुबह तक भनक भी नहीं लगती।

आपके फोन में भी हो सकता है खतरा: इन 5 संकेतों से तुरंत पहचानें

यदि आपके स्मार्टफोन में ऐसा कोई संदेहास्पद ऐप मौजूद है, तो डिवाइस आमतौर पर ये असामान्य संकेत देने लगता है:

  • फोन का अत्यधिक गर्म होना: बिना कोई गेम खेले या भारी काम किए भी फोन का लगातार गर्म रहना।

  • बैटरी का तेजी से खत्म होना: बैकग्राउंड में लगातार डेटा चोरी और लोकेशन ट्रैकिंग चलने के कारण बैटरी का असामान्य रूप से ड्रेन होना।

  • मोबाइल डेटा की बेतहाशा खपत: वाई-फाई या मोबाइल डेटा का इस्तेमाल न करने पर भी भारी इंटरनेट डेटा खर्च होना।

  • अचानक अनचाहे विज्ञापनों की भरमार: होम स्क्रीन, लॉक स्क्रीन या किसी अन्य ऐप को खोलते ही फुल-स्क्रीन पॉप-अप ऐड्स दिखना।

  • अजीबोगरीब अनजान कॉल्स या मैसेज जाना: आपके नंबर से संपर्क सूची में मौजूद लोगों को अपने आप अजीब लिंक्स वाले मैसेज चले जाना।

अगर फोन में है संदेहास्पद ऐप, तो तुरंत उठाएं ये 4 जरूरी कदम

यदि आपको संदेह है कि आपने हाल ही में कोई अनजान ऐप इंस्टॉल किया है, तो बिना देर किए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • तुरंत फोन को डिस्कनेक्ट करें: सबसे पहले मोबाइल डेटा, वाई-फाई और ब्लूटूथ को बंद करें या फोन को 'एयरोप्लेन मोड' (Flight Mode) पर डाल दें ताकि डेटा ट्रांसमिशन रुक जाए।

  • सेफ मोड (Safe Mode) में जाकर अनइंस्टॉल करें: फोन को सेफ मोड में रीस्टार्ट करें और सेटिंग्स में जाकर 'Apps' सूची से उस अनजान ऐप को ढूंढकर अनइंस्टॉल करें। अगर ऐप डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर बना हुआ है, तो पहले 'Device Admin Apps' में जाकर उसकी परमिशन हटाएं।

  • बैंकिंग पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें: किसी अन्य सुरक्षित डिवाइस या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके अपने सभी बैंक खातों, नेट बैंकिंग और यूपीआई के पासवर्ड तुरंत रीसेट करें।

  • फैक्ट्री रीसेट करें: यदि मैलवेयर पूरी तरह डिलीट न हो रहा हो, तो अपनी जरूरी फाइल्स (फोटो/डॉक्यूमेंट्स) का सुरक्षित बैकअप लेकर फोन को पूरी तरह 'Factory Data Reset' कर दें।

अनजान सोर्सेज से ऐप डाउनलोड करने से बचें

हमेशा ध्यान रखें कि गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर के बाहर किसी अनजान व्हाट्सएप लिंक, टेलीग्राम ग्रुप या ब्राउजर वेबसाइट से एपीके (APK) फाइल डाउनलोड न करें। किसी भी ऐप को इंस्टॉल करते समय यह जरूर देखें कि क्या एक साधारण टॉर्च या कैलकुलेटर ऐप आपसे कॉन्टैक्ट्स, एसएमएस और स्टोरेज जैसी संवेदनशील अनुमतियां तो नहीं मांग रहा। सतर्कता ही डिजिटल दुनिया में वित्तीय धोखाधड़ी से बचने का सबसे मजबूत कवच है।