'उनका माफी मांगना अभी बाकी है', दलेर मेहंदी के कबूतरबाजी केस पर छलका मीका सिंह का दर्द

'उनका माफी मांगना अभी बाकी है', दलेर मेहंदी के कबूतरबाजी केस पर छलका मीका सिंह का दर्द

बॉलीवुड और पंजाबी संगीत जगत के मशहूर सिंगर मीका सिंह अक्सर अपने बेबाक बयानों और बिंदास मिजाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट और मीडिया साक्षात्कार के दौरान मीका सिंह ने अपने बड़े भाई और भांगड़ा किंग दलेर मेहंदी के जीवन के सबसे काले दौर—वर्ष 2003 के चर्चित गैरकानूनी मानव तस्करी यानी 'कबूतरबाजी' (Human Trafficking) मामले—पर खुलकर बात की। मीका सिंह ने उस कठिन समय को याद करते हुए मीडिया ट्रायल, समाज के दोहरे रवैये और पुलिसिया जांच पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने बेहद भावुक और कड़े लहजे में कहा कि अदालत से पूरी तरह निर्दोष साबित होने के बावजूद, जिन लोगों ने उनके परिवार को वर्षों तक अपमानित किया और बदनाम किया, उनका माफी मांगना अभी भी बाकी है।

15 साल तक झेला बदनामी का दंश, मीका ने पूछा- 'कौन लौटाएगा वह सम्मान?'

मीका सिंह ने बातचीत के दौरान बताया कि जब साल 2003 में दलेर मेहंदी पर विदेश में शो के बहाने लोगों को गैरकानूनी तरीके से भेजने के झूठे आरोप लगे थे, तब पूरी दुनिया ने बिना किसी अदालती फैसले के उनके भाई को दोषी मान लिया था। रातों-रात एक वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले गायक की छवि को तार-तार कर दिया गया था।

मीका ने सवाल उठाते हुए कहा, "मेरे भाई दलेर पाजी ने सालों तक मानसिक प्रताड़ना झेली, उनके शोज रद्द हुए और पूरे परिवार ने सार्वजनिक रूप से जिल्लत सही। लेकिन जब अदालत ने सबूतों के अभाव और निष्पक्ष जांच के बाद उन्हें पूरी तरह बाइज्जत बरी कर दिया, तो किसी ने उस खबर को प्रमुखता से नहीं दिखाया। जिन लोगों ने स्टूडियो में बैठकर चिल्ला-चिल्लाकर उन्हें गुनहगार ठहराया था, क्या उनमें से किसी एक ने भी सामने आकर माफी मांगी? क्या कोई उनके जीवन के वह 15 साल और छीना गया सम्मान लौटा सकता है?"

क्या था दलेर मेहंदी से जुड़ा पूरा मामला?

दरअसल, यह पूरा मामला वर्ष 2003 का है, जब पटियाला पुलिस ने बख्शीश सिंह नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर दलेर मेहंदी और उनके दिवंगत भाई शमशेर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि दोनों भाई अपने म्यूजिक ट्रूप (मंडली) के सदस्यों के रूप में गैरकानूनी तरीके से लोगों को विदेश ले जाते हैं और भारी रकम वसूलते हैं।

हालांकि, बाद में हुई विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह बात सामने आई कि मुख्य लेन-देन और संलिप्तता शमशेर सिंह के स्तर पर थी और दलेर मेहंदी के खिलाफ सीधे तौर पर कोई ठोस दस्तावेजी या प्रत्यक्ष सबूत मौजूद नहीं था। लंबी अदालती लड़ाई के बाद पंजाब की अदालत ने दलेर मेहंदी को सभी गंभीर आरोपों से मुक्त करते हुए राहत प्रदान की थी।

'सेलिब्रिटी होने की भारी कीमत चुकानी पड़ती है'

मीका सिंह ने व्यवस्था और मीडिया के अति-सक्रियता पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में किसी भी बड़े सेलिब्रिटी या मशहूर हस्ती को झूठे मामलों में फंसाना बहुत आसान हो गया है। एक छोटी सी शिकायत पर बिना किसी प्रारंभिक जांच के एफआईआर दर्ज हो जाती है और मीडिया में हेडलाइंस बनने लगती हैं।

उन्होंने कहा कि जब किसी स्टार पर आरोप लगता है तो हर कोई उसकी धज्जियां उड़ाने में आगे रहता है, लेकिन जब वही इंसान अदालत से साफ और बेदाग बाहर निकलता है, तो सब खामोशी अख्तियार कर लेते हैं। मीका ने कहा कि दलेर मेहंदी ने भारतीय पॉप संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई, लेकिन बदले में उन्हें सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़े।

परिवार की एकजुटता और दलेर मेहंदी का संगीत सफर

मीका ने यह भी साझा किया कि इतने बड़े संकट और सामाजिक बहिष्कार के बावजूद उनका परिवार एकजुट रहा और भगवान पर भरोसा नहीं खोया। आज दलेर मेहंदी एक बार फिर संगीत की दुनिया में सक्रिय हैं और देश-विदेश में अपनी आवाज का जादू बिखेर रहे हैं। मीका सिंह का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहां फैंस और संगीत प्रेमी मीका की बात का समर्थन करते हुए सेलिब्रिटीज के खिलाफ चलने वाले गैर-जिम्मेदाराना मीडिया ट्रायल पर सवाल उठा रहे हैं।