'जुबान फिसल गई थी, मेरा वो मतलब नहीं था', दशहरे पर 'बुराई पर अच्छाई' की जगह उलटा बोल गए थे रणबीर कपूर

'जुबान फिसल गई थी, मेरा वो मतलब नहीं था', दशहरे पर 'बुराई पर अच्छाई' की जगह उलटा बोल गए थे रणबीर कपूर

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर अक्सर अपनी शांत प्रकृति और विवादों से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में दशहरे के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उनके मुंह से निकले एक गलत वाक्य ने इंटरनेट पर बड़ा बखेड़ा खड़ा कर दिया था। रावण दहन के मौके पर मंच से दर्शकों को संबोधित करते हुए रणबीर की जुबान फिसल गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खिंचाई शुरू हो गई। अब इस पूरे मामले पर अभिनेता ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बेहद शालीनता से माफी मांगी है और साफ किया है कि यह केवल एक मानवीय भूल थी, उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना बिल्कुल नहीं था।

क्या था पूरा मामला? मंच से क्या बोल गए थे रणबीर?

दरअसल, यह वाकया दशहरे के पावन अवसर पर आयोजित एक भव्य सार्वजनिक रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम का है, जहां रणबीर कपूर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। मंच पर माइक संभालते हुए उन्होंने अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय के सनातन संदेश पर बोलना शुरू किया।

उत्साह और हड़बड़ाहट के बीच अभिनेता के मुंह से सही वाक्य की जगह गलत शब्द निकल गए। उन्हें कहना था कि "चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है और बुराई का अंत निश्चित है", लेकिन गलती से उनकी जुबान ऐसी फिसली कि उन्होंने कह दिया—"चाहे कुछ भी हो जाए, अंत अच्छाई का ही होगा"(बुराई का अंत बोलने के बजाय अच्छाई का अंत बोल गए)। हालांकि, मंच पर मौजूद बहुत से लोग उस वक्त इसे सामान्य तौर पर ले गए, लेकिन जैसे ही इस भाषण की छोटी क्लिप सोशल मीडिया पर आई, यूजर्स ने इसे पकड़ लिया और यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।

सोशल मीडिया पर शुरू हो गई थी ट्रोलिंग, मीम्स की आई बाढ़

वीडियो क्लिप के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कुछ लोगों ने इसे सामान्य स्लिप ऑफ टंग (Slip of the Tongue) मानकर नजरअंदाज करने की सलाह दी, तो वहीं कुछ आलोचकों ने इसे भारतीय संस्कृति और त्योहारों के प्रति लापरवाही बताकर उन्हें घेरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते इस क्लिप पर कई मीम्स और रील्स बनने लगीं, जिससे विवाद और बड़ा रूप लेने लगा था।

रणबीर ने दिया स्पष्टीकरण: 'वह केवल जुबान फिसलने का मामला था'

बढ़ते विवाद और गलतफहमी को भांपते हुए रणबीर कपूर ने आगे आकर स्थिति स्पष्ट की। अभिनेता ने अपने हालिया इंटरेक्शन में कहा कि वह उस दिन के अपने शब्दों के लिए दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब आप हजारों लोगों की भीड़ के सामने मंच पर लाइव बोल रहे होते हैं, तो कई बार घबराहट या गति के कारण जुबान फिसल जाती है।

रणबीर ने कहा, "मैं भगवान श्री राम और दशहरे के मूल संदेश को भली-भांति समझता हूं। मेरा पूरा आशय यही था कि अंत में हमेशा बुराई का ही विनाश होता है और सत्य व अच्छाई की जीत होती है। लेकिन शब्दों के हेरफेर से अर्थ का अनर्थ हो गया। यदि मेरी इस अनजाने में हुई गलती से किसी भी व्यक्ति या श्रद्धालु की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं इसके लिए हाथ जोड़कर क्षमाप्रार्थी हूं।"

नितेश तिवारी की 'रामायण' को लेकर पहले से ही सुर्खियों में हैं रणबीर

रणबीर कपूर का यह बयान और माफी इसलिए भी अधिक चर्चा में आ गई क्योंकि वह इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित और महत्वाकांक्षी पैन-इंडिया फिल्म 'रामायण' (Ramayana) को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म में रणबीर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में भगवान राम के किरदार की तैयारी और मर्यादा से जुड़े रहने के कारण लोग उनके हर सार्वजनिक बयान को बेहद गंभीरता और बारीकी से तौल रहे हैं। अभिनेता द्वारा समय रहते बिना किसी अहंकार के मांगी गई इस माफी की उनके प्रशंसकों ने सराहना की है और इस विवाद पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।