'लॉक अप: सच या सज़ा' सीजन 2 की धमाकेदार वापसी: नेटफ्लिक्स पर फिर से खुलेंगे जेल के दरवाजे
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भूचाल लाने वाले भारत के सबसे बोल्ड और अनूठे रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' (Lock Upp: Sach ya Saza) के दूसरे सीजन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। नेटफ्लिक्स ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि दर्शकों का चहेता और विवादों से घिरा यह अनूठा जेल रियलिटी शो एक बार फिर से नए कैदियों, नए रहस्यों और पहले से कहीं ज्यादा ड्रामे के साथ लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस शो का पहला सीजन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर जबरदस्त चर्चा का केंद्र बन गया था, और अब मेकर्स एक बार फिर दर्शकों को 'लॉक अप' की इस अनोखी और सनसनीखेज दुनिया में वापस लाने के लिए कमर कस चुके हैं।
शो के निर्माताओं ने अभी तक इस नए सीजन में कैद होने वाले सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स के नामों से पर्दा नहीं उठाया है, जिससे फैंस के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। दर्शकों को यह जानने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा कि इस बार कौन-कौन से मशहूर चेहरे इस जेल की सलाखों के पीछे नजर आएंगे। हालांकि, शो का मूल फॉर्मेट वही पुराना और रोमांचक रहने वाला है—नए कैदी, नए खुलासे और बिल्कुल नए समीकरण, लेकिन जेल वही पुरानी और सख्त नियमों वाली होगी।
फराह खान और रितेश देशमुख की जोड़ी एक बार फिर संभालगी जेलर की कुर्सी
इस नए सीजन की सबसे बड़ी और रोमांचक खासियत यह है कि पहले सीजन की तरह ही बॉलीवुड की मशहूर डायरेक्टर-कोरियोग्राफर फराह खान और लोकप्रिय अभिनेता-मेजबान रितेश देशमुख एक बार फिर 'जेलर' की दमदार और मनोरंजक भूमिका में वापस लौट रहे हैं। इन दोनों की कॉमिक टाइमिंग, तीखे सवाल और कंटेस्टेंट्स की क्लास लगाने का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया था।
बालाजी टेलीफिल्म्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक और शो की क्रिएटर एकता कपूर ने इस वापसी पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नेटफ्लिक्स पर 'लॉक अप' का सफर उम्मीदों से कहीं बढ़कर रहा है। उन्होंने कहा, "फराह और रितेश एक ऐसी जबरदस्त जेलर जोड़ी के तौर पर शो को आगे बढ़ाएंगे, जो अपनी एनर्जी, अनप्रेडिक्टेबिलिटी और शानदार डायनामिक्स के साथ इस अगले चैप्टर को और अधिक रोमांचक बना देगी।"
सीजन 1 ने बनाए थे रिकॉर्ड, सोशल मीडिया पर मिले थे 5 बिलियन से ज्यादा व्यूज
'लॉक अप' के पहले सीजन ने व्यूअरशिप और पॉपुलैरिटी के मामले में कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। नेटफ्लिक्स के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस शो को सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और वर्ड-ऑफ-मउथ पब्लिसिटी के जरिए 5 बिलियन (500 करोड़) से भी अधिक व्यूज मिले थे। यह एक ऐसा फॉर्मेट बन गया था जिस पर दर्शक एपिसोड खत्म होने के बाद भी सोशल मीडिया पर एक्टिवली बहस करते थे और अपनी राय रखते थे।
पहला सीजन कंटेस्टेंट्स के अपने अतीत के काले सच का सामना करने, अपनी कमजोरियों से लड़ने और समाज की दबी-छिपी सोच को चुनौती देने के इर्द-गिर्द बुना गया था। शो के दौरान किए गए कन्फेशन (कबूतरबाजी और खुलासे) रातों-रात सुर्खियां बन गए थे, और आपसी झगड़ों ने देश भर में तीखी चर्चाएं छेड़ दी थीं। तमाम उतार-चढ़ाव और कड़े मुकाबलों को पार करते हुए श्रेया कालरा ने पहले सीजन की विजेता का खिताब अपने नाम किया था।
नेटफ्लिक्स और बालाजी टेलीफिल्म्स का नया धमाका, दर्शकों को मिलेंगे कई बड़े सरप्राइज
नेटफ्लिक्स इंडिया की वीपी-कंटेंट मोनिका शेरगिल ने दूसरे सीजन की घोषणा पर बात करते हुए कहा कि 'लॉक अप' रातों-रात एक ऐसा शो बन गया था जिसे लोग लगातार देखना पसंद करते थे। उन्होंने कहा, "दर्शकों ने इसमें गहरा निवेश किया, इस पर तीखी बहस की और बार-बार लौटकर आए। इसने जमाने की नब्ज को पकड़ा—सिर्फ एक मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह के रूप में जहां सेलिब्रिटीज ने उन विषयों पर खुलकर बात की जिन पर वे आम तौर पर कभी चर्चा नहीं करते।"
मोनिका शेरगिल ने आगे कहा कि सीजन 2 का उद्देश्य दर्शकों के लिए कई नए और रोमांचक सरप्राइज़ के साथ उसी 'नेटफ्लिक्स इफ़ेक्ट' को एक बार फिर से दोहराना है। एकता कपूर के बोल्ड और अनूठे देसी विचारों के साथ नेटफ्लिक्स के व्यापक प्लेटफॉर्म ने इस मनोरंजन को चरम पर पहुंचा दिया था। अब देखना यह होगा कि 'लॉक अप: सच या सज़ा' का यह दूसरा सीजन दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और इस बार जेल के अंदर क्या-क्या नए सियासी और फिल्मी भूचाल देखने को मिलते हैं।