'पापा अब मुख्यमंत्री बन गए हैं तो...', थलापति विजय नहीं करेंगे बेटे जेसन संजय की डेब्यू फिल्म का प्रमोशन

'पापा अब मुख्यमंत्री बन गए हैं तो...', थलापति विजय नहीं करेंगे बेटे जेसन संजय की डेब्यू फिल्म का प्रमोशन

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शुमार थलापति विजय (Thalapathy Vijay) का परिवार इन दिनों दोहरी वजहों से सुर्खियों में है। एक तरफ जहां विजय ने पूर्णकालिक राजनीति में कदम रखकर अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) के जरिए राज्य की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे जेसन संजय (Jason Sanjay) भी सिनेमाई दुनिया में अपनी पहली पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। हालांकि, जेसन अपने पिता के नक्शेकदम पर चलकर कैमरे के सामने एक्टिंग करने के बजाय कैमरे के पीछे रहकर बतौर निर्देशक अपनी पहली फीचर फिल्म लेकर आ रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट को लेकर फैंस में भारी उत्सुकता थी कि सुपरस्टार पिता अपने बेटे की पहली फिल्म को किस तरह सपोर्ट करेंगे। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जेसन संजय ने खुद खुलासा किया है कि उनके पिता उनकी इस डेब्यू फिल्म का किसी भी प्रकार से प्रमोशन नहीं करेंगे, और इसके पीछे की वजह बेहद व्यावहारिक और दिलचस्प है।

कैमरे के पीछे करियर की शुरुआत, लाइका प्रोडक्शंस के साथ बड़ा दांव

थलापति विजय के बेटे जेसन संजय ने टोरंटो फिल्म स्कूल से फिल्म निर्माण और निर्देशन की बाकायदा पढ़ाई पूरी की है। कई स्टारकिड्स जहां एक्टिंग में आसान एंट्री चुनते हैं, वहीं जेसन ने शुरू से ही स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन में अपनी गहरी रुचि दिखाई।

उनकी पहली फिल्म को तमिल सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस 'लाइका प्रोडक्शंस' (Lyca Productions) प्रोड्यूस कर रहा है। फिल्म में मुख्य भूमिका संदीप किशन निभा रहे हैं। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग के ऐलान के साथ ही कॉलीवुड में चर्चाएं तेज थीं कि क्या विजय इस फिल्म के ऑडियो लॉन्च या टीजर रिलीज में शामिल होकर इसे पैन-इंडिया स्तर पर हाइप दिलाएंगे। लेकिन जेसन ने साफ कर दिया है कि वे अपने दम पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं और उनके पिता भी इसी विचार का पूरा समर्थन करते हैं।

'पापा अब सीएम बन गए हैं...': जेसन संजय का बेबाक बयान

हाल ही में एक मीडिया बातचीत के दौरान जब जेसन संजय से पूछा गया कि क्या उनके पिता विजय उनकी फिल्म के प्रमोशनल इवेंट्स का हिस्सा बनेंगे, तो जेसन ने मुस्कुराते हुए पूरी स्थिति साफ कर दी।

जेसन ने कहा, "पापा अब सक्रिय राजनीति में हैं और उनका पूरा ध्यान जनता की सेवा और आने वाले चुनावों पर है। लोग मजाक में या उम्मीद से कह देते हैं कि 'पापा तो अब मुख्यमंत्री बन रहे हैं या उस स्तर के नेता बन गए हैं, तो वे बेटे की फिल्म क्यों प्रमोट करेंगे!' लेकिन हकीकत यह है कि यह फैसला किसी राजनीतिक छवि का नहीं, बल्कि हमारी आपसी समझ का है। मेरे पिता ने अपने करियर के पहले दिन से ही मुझे सिखाया है कि अपनी लड़ाई खुद लड़नी चाहिए। अगर वे मेरी फिल्म का प्रमोशन करने मंच पर आएंगे, तो सारी चर्चा फिल्म की कहानी और मेरे निर्देशन के बजाय सिर्फ उन पर और उनकी राजनीति पर सिमट जाएगी। मैं चाहता हूं कि दर्शक मेरी फिल्म को मेरे काम, मेरी विजन और एक्टर्स की परफॉर्मेंस के आधार पर आंकें, न कि इस वजह से कि मैं किसका बेटा हूं।"

थलापति विजय की राजनीतिक प्रतिबद्धता और कड़ा अनुशासन

गौरतलब है कि थलापति विजय ने अपनी 69वीं और आखिरी फिल्म 'थलपति 69' (Thalapathy 69) के बाद सिनेमा को पूरी तरह अलविदा कहने का ऐलान कर दिया था, ताकि वे अपनी राजनीतिक पार्टी टीवीके (Tamilaga Vettri Kazhagam) के जरिए पूरी तरह जनसेवा में समर्पित हो सकें।

विजय ने राजनीति में कदम रखते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे अब किसी भी फिल्म इंडस्ट्री के कमर्शियल आयोजनों, ब्रांड एंडोर्समेंट्स या पारिवारिक प्रचार-प्रसार से खुद को दूर रखेंगे। विजय का मानना है कि एक राजनेता और भावी प्रशासनिक नेतृत्वकर्ता के रूप में उनकी निष्पक्षता और जनता के प्रति जवाबदेही सबसे ऊपर होनी चाहिए। बेटे के प्रोजेक्ट से दूरी बनाए रखने का उनका यह कदम उनके सख्त राजनीतिक अनुशासन और नैतिक मूल्यों को भी दर्शाता है।

स्टारडम की छाया से बाहर निकलकर खुद की जमीन तलाशने की चुनौती

सिनेमा इंडस्ट्री में अक्सर नेपोटिज्म और स्टारकिड्स को मिलने वाले आसान प्रिविलेज को लेकर बहस छिड़ती रहती है। ऐसे माहौल में जेसन संजय का अपने पिता के विशाल स्टारडम का सहारा न लेना एक बेहद परिपक्व कदम माना जा रहा है।

जेसन ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार अपने पिता को इस फिल्म की स्क्रिप्ट की मूल रूपरेखा सुनाई थी, तो विजय ने केवल एक दर्शक की तरह कुछ सुझाव दिए थे, लेकिन किसी भी रचनात्मक फैसले में दखल नहीं दिया। जेसन की इस फिल्म को एक हाई-ऑक्टेन एक्शन-ड्रामा बताया जा रहा है, जिसमें तकनीकी टीम भी युवाओं की है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर जेसन बिना अपने पिता के प्रचार के इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर हिट कराने में सफल रहते हैं, तो वे तमिल सिनेमा के सबसे सम्मानित युवा निर्देशकों की कतार में मजबूती से खड़े हो जाएंगे।