मुश्ताक खान के निधन से 2 घंटे पहले मिले थे राजपाल यादव, नम आंखों से बयां किया आखिरी मुलाकात का दर्दनाक मंजर

मुश्ताक खान के निधन से 2 घंटे पहले मिले थे राजपाल यादव, नम आंखों से बयां किया आखिरी मुलाकात का दर्दनाक मंजर

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के अचानक निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री गहरे सदमे में है। 75 वर्ष की उम्र में उनके दुनिया को अलविदा कह देने से उनके तमाम साथी कलाकार टूट गए हैं। इसी बीच बॉलीवुड के जाने-माने हास्य अभिनेता राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को लेकर एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला खुलासा किया है। राजपाल यादव ने नम आंखों से बताया कि मुश्ताक खान के निधन से महज दो घंटे पहले ही वह उनसे मिले थे, और उस वक्त उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।

निधन से ठीक दो घंटे पहले का वो मंजर

राजपाल यादव ने मीडिया और शुभचिंतकों से बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्हें मुश्ताक खान की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी, तो वह फौरन उनसे मिलने पहुंचे थे। दोनों के बीच कई दशकों का पुराना दोस्ताना और पेशेवर रिश्ता था। राजपाल यादव ने कहा कि जब वह उनसे मिले, तो मुश्ताक खान काफी कमजोर नजर आ रहे थे, लेकिन उनके चेहरे पर वही पुरानी सादगी और विनम्रता बरकरार थी। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और कुछ पल पुरानी यादों को साझा किया। राजपाल के मुताबिक, मुश्ताक भाई उस वक्त भी हिम्मत दिखा रहे थे और उनका यूं अचानक चले जाना दिल को झकझोर देने वाला है।

आखिरी पलों में काम और पुराने दिनों की बातें

राजपाल यादव ने भावुक होते हुए साझा किया कि आखिरी बातचीत के दौरान भी मुश्ताक खान सिनेमा, पुरानी फिल्मों और थिएटर के दिनों को याद कर रहे थे। उन्होंने दोनों की साथ की गई फिल्मों और शूटिंग सेट्स पर होने वाले हंसी-मजाक का जिक्र किया। मुश्ताक खान हमेशा अपने जूनियर और साथी कलाकारों को बहुत प्यार और सम्मान देते थे। राजपाल ने कहा कि बातचीत खत्म होने के बाद वह यह सोचकर वहां से निकले थे कि भाई जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे, लेकिन महज दो घंटे बाद ही उनके देहांत की मनहूस खबर आ गई, जिसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी।

'मैंने एक बड़ा भाई और सच्चा मार्गदर्शक खो दिया'

मुश्ताक खान के जाने से राजपाल यादव बेहद व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में बहुत कम ऐसे लोग होते हैं जो बिना किसी ईर्ष्या के दूसरों की कामयाबी पर खुश होते हैं, और मुश्ताक खान उन्हीं फरिश्ता सिफत इंसानों में से एक थे। 'वेलकम' से लेकर तमाम कॉमेडी फिल्मों में उनके साथ बिताया गया एक-एक पल अब सिर्फ यादों में सिमट कर रह गया है। राजपाल यादव ने सिनेमा प्रेमियों से अपील की कि वे मुश्ताक खान को उनके शानदार काम, उनकी जिंदादिली और उनके चेहरे की उस मुस्कान के लिए हमेशा याद रखें, जिसे उन्होंने ताउम्र अपने दर्शकों में बांटा।