हनुमान जी के अनन्य सखा बनेंगे रवि किशन, फिल्म 'मेरा यार बजरंगी' से प्रभास की 'स्पिरिट' को देंगे सीधी टक्कर
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय सांसद रवि किशन अपने अभिनय करियर की एक बेहद अनोखी और आध्यात्मिक यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। 'लापता लेडीज' और वेब सीरीज 'मामला लीगल है' में अपने शानदार अभिनय से पूरे देश में वाहवाही लूटने के बाद अब रवि किशन एक बड़े कैनवास वाली पैन-इंडिया फिल्म 'मेरा यार बजरंगी' में मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कहानी का केंद्रीय विचार है, जिसमें रवि किशन संकटमोचन भगवान हनुमान के एक बेहद करीबी और अनन्य मानवीय मित्र के रूप में पर्दे पर दिखाई देंगे। आस्था, मित्रता और आधुनिक जीवन के संघर्षों को जोड़ती यह कहानी दर्शकों के भीतर एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा भरने का दावा कर रही है।
आस्था और इंसानी जज्बातों का अनूठा संगम होगी फिल्म
'मेरा यार बजरंगी' की पटकथा पारंपरिक भक्ति फिल्मों से बिल्कुल अलग मिजाज की बताई जा रही है। इसमें एक साधारण इंसान और भगवान हनुमान के बीच केवल पूजा-अर्चना का औपचारिक संबंध नहीं, बल्कि एक सच्चे सखा, मार्गदर्शक और ढाल जैसा रिश्ता दिखाया जाएगा। जब मुख्य किरदार अपने जीवन के सबसे अंधकारमय दौर और सामाजिक अन्याय से जूझ रहा होता है, तब 'बजरंगी' किस तरह अदृश्य और कभी प्रत्यक्ष रूप में उसका सहारा बनते हैं, यह फिल्म का मूल आधार है। फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय दर्शकों का झुकाव हमेशा से आस्था और भावनात्मक कहानियों की तरफ मजबूती से रहा है और 'कांतारा' व 'हनु-मैन' जैसी फिल्मों की ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय आस्था पर आधारित सिनेमा बड़े-बड़े एक्शन तमाशों को पछाड़ने का दम रखता है।
क्या प्रभास की 'स्पिरिट' से टकराएगी रवि किशन की यह भक्ति गाथा
सिनेमाई गलियारों और ट्रेड सर्कल्स में सबसे ज्यादा हलचल इस बात को लेकर मची है कि 'मेरा यार बजरंगी' के निर्माता इसे साल की सबसे बड़ी पैन-इंडिया फिल्मों में शुमार प्रभास स्टारर 'स्पिरिट' (Spirit) के साथ या उसके ठीक आसपास रिलीज करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। संदीप रेड्डी वांगा द्वारा निर्देशित 'स्पिरिट' में प्रभास एक बेहद एग्रेसिव और क्रूर पुलिस अधिकारी के डार्क किरदार में नजर आने वाले हैं, जिसका बजट और एक्शन दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। ऐसे में यदि दोनों फिल्में एक ही रिलीज विंडो में आमने-सामने आती हैं, तो बॉक्स ऑफिस पर दो बिल्कुल विपरीत शैलियों का दिलचस्प महासंग्राम देखने को मिलेगा—एक तरफ होगा वांगा का खूंखार, डार्क और वायलेंट एक्शन, तो दूसरी तरफ रवि किशन का आस्था, संस्कार और परिवार से जुड़ा भावनात्मक भक्ति ड्रामा।
कंटेंट बनाम भारी भरकम बजट: कौन मारेगा बाजी
बॉक्स ऑफिस का इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी बड़ी एक्शन फिल्म के सामने कोई मजबूत आस्था या पारिवारिक मूल्यों वाली फिल्म रिलीज हुई है, उसने दर्शकों के एक बड़े वर्ग को अपनी ओर खींचा है। प्रभास की 'स्पिरिट' जहां युवाओं और एक्शन प्रेमियों की पहली पसंद होगी, वहीं रवि किशन की 'मेरा यार बजरंगी' महिला दर्शकों, वरिष्ठ नागरिकों और पारिवारिक दर्शकों को थिएटर्स तक लाने की पूरी क्षमता रखती है। विशेष रूप से हिंदी पट्टी, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के सिंगल स्क्रीन्स पर रवि किशन की जमीनी फैन फॉलोइंग किसी भी बड़े बजट की फिल्म के लिए कड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है।
नए और प्रयोगधर्मी किरदारों में रवि किशन का दूसरा स्वर्णिम दौर
रवि किशन के लिए यह समय उनके करियर का दूसरा और सबसे रचनात्मक स्वर्णिम काल माना जा रहा है। वे अब घिसे-पिटे फॉर्मूलों से बाहर निकलकर ऐसे किरदारों को चुन रहे हैं जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को चुनौती देते हैं। अभिनेता का कहना है कि भगवान हनुमान से उनका निजी जुड़ाव बचपन से रहा है और इस किरदार को पर्दे पर जीना उनके जीवन के सबसे बड़े आध्यात्मिक अनुभवों में से एक है। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन और वीएफएक्स वर्क जोर-शोर से जारी है और मेकर्स जल्द ही इसके आधिकारिक पोस्टर, टीजर और रिलीज डेट की घोषणा करने वाले हैं, जिस पर पूरे फिल्म उद्योग की निगाहें टिकी हुई हैं।