'हनुमान अंश' बनने से पहले हुआ था ये रोंगटे खड़े कर देने वाला चमत्कार: नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा अम्मा ने 15 बार देखी फिल्म

'हनुमान अंश' बनने से पहले हुआ था ये रोंगटे खड़े कर देने वाला चमत्कार: नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा अम्मा ने 15 बार देखी फिल्म

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों आस्था, आध्यात्मिकता और दिव्य विश्वास की एक ऐसी सुनामी देखने को मिल रही है, जिसने भारतीय सिनेमा के बड़े-बड़े दिग्गजों को चौंका दिया है। 20वीं सदी के महान संत कैंची धाम वाले नीम करोली बाबा के दिव्य जीवन और चमत्कारों पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। महज़ 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी और शुरुआती दिनों में सिनेमाघरों में संघर्ष करने वाली यह फिल्म अब तक दुनियाभर में 347 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक कारोबार कर चुकी है। लेकिन इस फिल्म की व्यावसायिक सफलता से भी ज्यादा चर्चा इसके निर्माण के दौरान घटे उन रहस्यमयी और अलौकिक अनुभवों की हो रही है, जिन्हें सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने हाल ही में खुलासा किया है कि फिल्म निर्माण से पहले नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा जी (अम्मा जी) के साथ एक ऐसा अकल्पनीय चमत्कार हुआ था, जिसने उन्हें यह यकीन दिला दिया कि यह फिल्म केवल इंसानी कोशिश नहीं, बल्कि साक्षात बाबा की ईश्वरीय इच्छा का परिणाम है।

फोन कॉल पर हुआ ऐसा चमत्कार कि कांप उठीं प्रोड्यूसर: 50 साल पुराना सच आया सामने

फिल्म की निर्माता रागिनी सोना ने बताया कि फिल्म बनाने की शुरुआत में निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और वह खुद चाहते थे कि किसी भी तरह नीम करोली बाबा के परिवार का आशीर्वाद लिया जाए। काफी कोशिशों के बाद उन्हें बाबा जी की बेटी गिरिजा जी (जिन्हें सब अम्मा जी कहते हैं) का संपर्क नंबर मिला। विशाल चतुर्वेदी और रागिनी सोना ने फोन पर अम्मा जी से बात की और उनसे पूछा कि क्या वे अपनी पिता की गाथा पर बन रही इस फिल्म को देखना चाहेंगी। अम्मा जी ने बहुत ही शांत स्वर में कहा कि हां, जब उन्हें लगेगा कि सही समय आ गया है, तब वे इसे जरूर देखेंगी।

इसके बाद अम्मा जी ने रागिनी सोना से पूछा कि उन्हें यह फिल्म बनाने की प्रेरणा कहां से मिली और उनका बाबा से क्या नाता रहा है। रागिनी ने बताया कि जब वह छह साल की थीं, तब उन्होंने नीम करोली बाबा के दर्शन किए थे, क्योंकि उनके पिता नैनीताल में प्रशासनिक सेवा में तैनात थे। रागिनी इतना ही कह पाई थीं कि दूसरी तरफ से अम्मा जी ने ऐसा कुछ कहा जिससे रागिनी के होश उड़ गए। अम्मा जी ने तुरंत बिना किसी के बताए रागिनी के पिता का पूरा नाम ले लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने करीब 50 साल पहले आगरा में स्थित उनके पैतृक घर का सटीक पता और रागिनी के बड़े भाई का नाम भी बोल दिया।

'मैं सब कुछ अपनी आंखों से देख सकती हूं': जब रोने लगीं रागिनी सोना

रागिनी सोना ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये को याद करते हुए बताया कि कॉल के दौरान निर्देशक विशाल चतुर्वेदी भी लाइन पर मौजूद थे और वे इस पूरे चमत्कार के साक्षात गवाह हैं। जब अम्मा जी ने परिवार का वह गुप्त ब्योरा सामने रख दिया जो सिर्फ परिवार के लोग ही जानते थे, तो रागिनी बुरी तरह रोने लगीं। उन्होंने कांपती आवाज में अम्मा जी से पूछा कि आपको यह सब कैसे पता?

इस पर नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा जी ने बेहद सहजता से उत्तर दिया कि उनके पास इस सवाल का कोई बौद्धिक जवाब नहीं है, लेकिन वे वर्तमान में अपनी आंखों के सामने सब कुछ घटित होते हुए साफ-साफ देख सकती हैं। रागिनी ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा चमत्कार था। उसी पल उनके मन का सारा संशय मिट गया और उन्हें अटल विश्वास हो गया कि इस फिल्म को बनाने का काम खुद नीम करोली बाबा ने उनके जिम्मे सौंपा है।

नीम करोली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश': हर बार बहे आंसू

फिल्म रिलीज होने के बाद जब अम्मा जी ने इसे देखा, तो वे भावविभोर हो उठीं। प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया कि बाबा की बेटी अब तक 'हनुमान अंश' को कम से कम 15 बार देख चुकी हैं। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने जब-जब यह फिल्म देखी, हर बार उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली। फिल्म में बाबा के त्याग, उनकी करुणा, भक्तों के प्रति उनके वात्सल्य और हनुमान भक्ति के जिस जीवंत स्वरूप को पर्दे पर उतारा गया है, उसने अम्मा जी के हृदय को गहराई से स्पर्श किया है।

रागिनी ने अम्मा जी से अपनी व्यक्तिगत मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे उनसे मिलने उनके घर पहुंचीं, तो उन्हें लगा जैसे वे साक्षात नीम करोली बाबा के सामने खड़ी हों। अम्मा जी का चेहरा, उनका व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली पूरी तरह से बाबा जैसी है। वे आज भी बाबा के मूल मंत्र—'सबको प्यार करो, सबको खाना खिलाओ और ईश्वर का स्मरण करो' का पूरी निष्ठा से पालन करती हैं। रागिनी ने बताया कि अम्मा जी के घर पर परोसे गए भोजन में एक अलग ही दिव्य स्वाद था, और वहां बैठकर ऐसा लगा मानो बाबा की उपस्थिति कमरे के कोने-कोने में महसूस हो रही हो।

29 शोज़ से 347 करोड़ का सफर: बॉक्स ऑफिस पर ऐसे पलटी किस्मत

'हनुमान अंश' की बॉक्स ऑफिस यात्रा भी किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं रही है। जब यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो पहले हफ्ते में इसे महज कुछ लाख रुपये की ओपनिंग मिली थी। एक समय ऐसा भी आया जब 14 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में इस फिल्म के सिर्फ 29 शोज़ बचे थे और थिएटर मालिक इसे हटाने की तैयारी कर रहे थे। बड़ी फिल्मों के टकराव के सामने इस छोटी फिल्म का टिकना असंभव लग रहा था।

लेकिन मेकर्स और भक्तों ने बाबा पर भरोसा बनाए रखा। फिल्म में अभिनेता शोभिनव सत्य द्वारा निभाया गया नीम करोली बाबा का किरदार और 13 वर्षीय विहान शेज द्वारा निभाया गया बाल रूप दर्शकों के दिलों में घर कर गया। नेत्रहीन गायक सुनील लोधी द्वारा गाए भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' ने सोशल मीडिया और रील्स पर ऐसा प्रभाव डाला कि 17वें दिन से फिल्म ने अचानक रफ्तार पकड़ी। धीरे-धीरे माउथ पब्लिसिटी के दम पर हर सिनेमाघर में 'जय श्री राम' और 'हनुमान चालीसा' के जयकारे गूंजने लगे। फिल्म ने 45वें दिन भी करोड़ों का कलेक्शन करते हुए इतिहास रच दिया और 347 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।

आस्था और समर्पण की अमर कहानी बनी 'हनुमान अंश'

नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग और विराट कोहली तक बाबा के चरणों में नतमस्तक हो चुके हैं। ऐसे में 'हनुमान अंश' का यह दिव्य सफर साबित करता है कि सच्ची आस्था और प्रामाणिक भावना से बनाई गई रचना कभी विफल नहीं होती। अम्मा जी का आशीर्वाद और फिल्म के पीछे घटी यह अलौकिक घटना आज हर सनातनी और बाबा के भक्त के बीच श्रद्धा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।