जैकी श्रॉफ के लाडले 'जय हेमंत' बचपन की किस अनोखी आदत की वजह से बन गए बॉलीवुड के असली 'टाइगर'
बॉलीवुड में जब भी हैरतअंगेज मार्शल आर्ट्स, बिजली जैसी फुर्ती और खतरनाक एक्शन स्टंट्स की बात होती है, तो सबसे पहला नाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ का दिमाग में कौंधता है। साल 2014 में फिल्म 'हीरोपंती' से अपने करियर की धमाकेदार शुरुआत करने वाले इस युवा अभिनेता ने बहुत कम समय में एक्शन जॉनर में अपनी एक अमिट और विशिष्ट पहचान स्थापित की है। दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक उन्हें केवल 'टाइगर' के नाम से जानते हैं और उनके नाम का यह रौब उनके एक्शन किरदारों पर बिल्कुल सटीक बैठता है। हालांकि, बहुत कम लोग इस दिलचस्प सच्चाई से वाकिफ हैं कि 'टाइगर' उनका जन्म का नाम नहीं है। अभिनेता के आधिकारिक दस्तावेजों, पासपोर्ट और स्कूल-कॉलेज के रिकॉर्ड्स में उनका असली और कानूनी नाम कुछ और ही दर्ज है, जिसे खुद उनके पिता जैकी श्रॉफ ने बड़े प्यार और पारिवारिक विरासत को ध्यान में रखकर रखा था।
फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों द्वारा अपना स्क्रीन नाम बदलना या किसी आकर्षक उपनाम से पहचान बनाना कोई नई बात नहीं है। दिलीप कुमार से लेकर अक्षय कुमार और अमिताभ बच्चन तक कई दिग्गजों के आधिकारिक नाम अलग रहे हैं। इसी कड़ी में जब जैकी श्रॉफ और आयशा श्रॉफ के घर 2 मार्च 1990 को बेटे का जन्म हुआ, तो परिवार ने उनका नाम 'जय हेमंत श्रॉफ' रखा। इस नाम के पीछे परिवार की एक गहरी भावनात्मक और पारिवारिक पृष्ठभूमि जुड़ी हुई थी, लेकिन वक्त के साथ यह नाम घर की चारदीवारी और कागजों तक ही सीमित रह गया और दुनिया के सामने जो चेहरा उभरा, वह केवल और केवल 'टाइगर' कहलाया।
'जय हेमंत श्रॉफ' के नाम के पीछे की भावुक कहानी, जैकी श्रॉफ ने दिवंगत भाई को समर्पित किया था नाम
जैकी श्रॉफ के परिवार में 'हेमंत' नाम का एक अत्यंत संवेदनशील और भावनात्मक महत्व है। मुंबई की चॉल से निकलकर स्टारडम की बुलंदियों को छूने वाले जैकी श्रॉफ अपने बड़े भाई हेमंत से बेइंतहा प्यार करते थे। जैकी के शुरुआती जीवन में उनके बड़े भाई उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक और संबल थे। एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में समुद्र में डूबने से जैकी के बड़े भाई हेमंत का असमय निधन हो गया था, जिसने युवा जैकी को भीतर तक झकझोर कर रख दिया था। जैकी श्रॉफ ने कई साक्षात्कारों में यह साझा किया है कि वे अपने भाई को कभी भुला नहीं पाए और जब उनके अपने घर में पहले बेटे की किलकारी गूंजी, तो उन्होंने बिना किसी हिचक के अपने दिवंगत भाई की याद को अमर करने के लिए बेटे के नाम में 'हेमंत' शब्द जोड़ा।
इसके साथ ही 'जय' नाम जोड़कर उनका पूरा नाम 'जय हेमंत श्रॉफ' रखा गया। परिवार का मानना था कि यह नाम परंपरा, सम्मान और पारिवारिक जड़े मजबूत रखने का एक सुंदर प्रतीक है। बचपन के शुरुआती दिनों में स्कूल के दाखिले से लेकर खेल-कूद की प्रतियोगिताओं तक, वे इसी नाम से जाने जाते थे। अभिनेता की मां आयशा श्रॉफ भी मानती हैं कि यह नाम उनके दिल के बेहद करीब रहा है, क्योंकि इसमें श्रॉफ परिवार का पूरा इतिहास और उनकी भावनाएं रची-बसी थीं।
बचपन में इंसानों को काटते और नोचते थे नन्हें जय, पिता जैकी श्रॉफ ने तंग आकर रख दिया था 'टाइगर'
अब सबसे बड़ा और दिलचस्प सवाल यह उठता है कि आखिर 'जय हेमंत' से इस स्टार का नाम 'टाइगर' कैसे पड़ा। इसके पीछे की दास्तान किसी फिल्मी पटकथा से कम मनोरंजक नहीं है। खुद टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ ने कई राष्ट्रीय टेलीविजन शो और मीडिया साक्षात्कारों में इस राज से पर्दा उठाया है। जब टाइगर महज दो या तीन साल के थे, तो वे बेहद चंचल, आक्रामक और अनोखे स्वभाव के बच्चे थे। आम बच्चों की तरह रोने या खिलौनों से खेलने के बजाय, उन्हें लोगों को दांतों से काटने और नाखूनों से नोचने की एक अजीब आदत पड़ गई थी।
घर में आने वाले मेहमान हों, परिवार के रिश्तेदार हों या खुद घर के सदस्य, नन्हें जय किसी को भी मौका मिलते ही बाघ की तरह झपटकर दांत गड़ा देते थे। जैकी श्रॉफ ने एक बार मजाकिया लहजे में बताया था कि उनका बेटा उस समय किसी जंगली बिल्ली या छोटे शावक जैसा व्यवहार करता था, जो हर वक्त अपने पंजों और दांतों का इस्तेमाल करने को तैयार रहता था। घर आने वाली आया और स्कूल की टीचर तक उनकी इस आदत से परेशान हो चुकी थीं। बेटे की इसी काटने और नोचने की प्रवृत्ति को देखते हुए जैकी श्रॉफ ने तंग आकर प्यार से उन्हें 'टाइगर' पुकारना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे परिवार और दोस्तों के बीच 'जय' नाम पीछे छूट गया और हर कोई उन्हें 'टाइगर-टाइगर' कहकर बुलाने लगा।
डेब्यू से पहले नाम बदलने पर हुआ था लंबा विचार, स्कूल में टीचर को काटने का किस्सा आज भी है मशहूर
टाइगर श्रॉफ ने खुद एक इंटरव्यू में अपने बचपन का एक बेहद मजेदार वाकया सुनाया था। उन्होंने बताया कि जब वे किंडरगार्टन में पढ़ते थे, तब उन्होंने अपनी क्लास टीचर को इतनी जोर से काट लिया था कि स्कूल प्रशासन को उनके माता-पिता को बुलाना पड़ा था। अभिनेता ने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया था कि वे बचपन में सचमुच खुद को एक जंगली शिकारी समझते थे और अपनी ऊर्जा को नियंत्रित नहीं कर पाते थे। घर में जैकी श्रॉफ का 'जग्गू दादा' वाला बिंदास अंदाज हमेशा से रहा है, इसलिए उन्होंने इस नाम को पूरी तरह सहजता से अपना लिया और बेटे की पहचान इसी नाम से पक्की कर दी।
जब टाइगर अपनी पढ़ाई पूरी करके फिल्मों में कदम रखने की तैयारी कर रहे थे, तब उनके सामने यह सवाल आया कि वे पर्दे पर किस नाम के साथ उतरना चाहते हैं। आमतौर पर स्टार किड्स अपने पुश्तैनी या क्लासिक नामों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन टाइगर का मानना था कि 'जय हेमंत' नाम बहुत औपचारिक लगता है, जबकि उनका व्यक्तित्व, उनकी फिजिक और उनका मार्शल आर्ट्स का हुनर 'टाइगर' नाम के साथ पूरी तरह मेल खाता है। निर्देशक साजिद नाडियाडवाला और शब्बीर खान ने भी जब उनकी पहली फिल्म 'हीरोपंती' की योजना बनाई, तो उन्होंने सहमति जताई कि 'टाइगर श्रॉफ' नाम में जो ताजगी, आकर्षण और ऊर्जा है, वह युवाओं को सीधे तौर पर कनेक्ट करेगी। इसके बाद आधिकारिक तौर पर फिल्म के पोस्टरों और क्रेडिट्स में 'टाइगर श्रॉफ' नाम दर्ज कर दिया गया।
नाम की तरह ही बनाया अपना खूंखार और अनुशासित अंदाज, बॉलीवुड में गढ़ा एक्शन का नया मुकाम
नाम 'टाइगर' रख लेना एक बात थी, लेकिन उस नाम के वजन को पर्दे पर साबित करना एक कठिन चुनौती थी। टाइगर श्रॉफ ने इस नाम को केवल एक उपनाम नहीं रहने दिया, बल्कि अपने काम और जीवनशैली से इसे पूरी तरह सार्थक कर दिखाया। ताइक्वांडो में फिफ्थ डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले टाइगर ने बॉलीवुड में एक्शन दृश्यों की पूरी परिभाषा ही बदल दी। बिना किसी बॉडी डबल के खतरनाक स्टंट करना, छत से कूदना, 360-डिग्री किक्स और जिमनास्टिक के हैरतअंगेज करतब दिखाना उनकी पहचान बन गया। 'बागी' फ्रेंचाइजी, 'वॉर' और 'हीरोपंती' जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने शरीर को चीते जैसी फुर्ती और बाघ जैसी ताकत में ढालकर दिखाया।
इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि अगर वे अपने पारंपरिक नाम 'जय श्रॉफ' के साथ आते, तो शायद दर्शकों के दिमाग में उनकी वह छवि इतनी तेजी से न बनती। 'टाइगर' नाम सुनते ही दर्शकों के जेहन में एक खूंखार, अनुशासित और कभी न थकने वाले योद्धा का अक्स उभरता है। बचपन की एक नटखट और काटने-नोचने वाली आदत से शुरू हुआ यह उपनाम आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद एक्शन ब्रांड्स में शुमार हो चुका है। जैकी श्रॉफ के बेटे ने यह साबित कर दिया है कि नाम भले ही बचपन के किसी मजाक या आदत से मिला हो, लेकिन उस नाम को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए खून-पसीना एक करना पड़ता है।