पंजाब दौरे पर अमित शाह से AAP मंत्री अमन अरोड़ा के 4 तीखे सवाल: साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई पर घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच राज्य की सियासत में जोरदार उबाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता, पंजाब के कैबिनेट मंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने गृह मंत्री के आगमन पर उनका औपचारिक स्वागत करते हुए कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को लेकर चार बेहद तीखे सवाल दाग दिए हैं। राजधानी चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की महान धरती अपनी ऐतिहासिक मेहमाननवाजी और खुले दिल के लिए दुनिया भर में पहचानी जाती है। अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और वे पंजाब में आ रहे हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन पंजाब की जनता के मन में जो गंभीर सुरक्षा संबंधी सवाल उठ रहे हैं, केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को उनका ठोस और पारदर्शी जवाब देना ही होगा।
543 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF का पहरा, फिर कैसे आ रहे हैं नशा और आधुनिक हथियार?
अमन अरोड़ा ने सीमा सुरक्षा का संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की अग्रिम चौकसी का पूर्ण जिम्मा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कंधों पर है। केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक विस्तृत किया था। इसके बावजूद सीमा पार पाकिस्तान से आए दिन ड्रोनों के जरिए हेरोइन की खेप और घातक विदेशी हथियार पंजाब की सरजमीं पर कैसे पहुंच रहे हैं? कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की प्रथम सुरक्षा पंक्ति बीएसएफ है, जबकि पंजाब पुलिस राज्य के भीतर दूसरी रक्षा पंक्ति के रूप में काम करती है। यदि सीमा पर ही चौकसी अभेद्य रहे तो पंजाब के भीतर नशा और अवैध हथियार प्रवेश ही नहीं कर सकते। ऐसे में केंद्र और उसकी सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर होने वाली इस घुसपैठ की सीधी जिम्मेदारी लेनी होगी।
गुजरात की साबरमती जेल में क्यों बंद है लॉरेंस बिश्नोई? अमन अरोड़ा ने भाजपा से मांगा स्पष्टीकरण
गैंगस्टर नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलता दायरा उठाते हुए आप नेता ने कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि देश भर में रंगदारी, हत्याओं और विदेशी सिंडिकेट संचालित करने के आरोपों से घिरा लॉरेंस बिश्नोई आखिर भाजपा शासित गुजरात की साबरमती जेल में क्यों सुरक्षित रखा गया है? अरोड़ा ने सवाल किया कि क्या कारण है कि केंद्र सरकार और गुजरात प्रशासन उसे वहां विशेष सुरक्षा घेरे में रखे हुए हैं, जबकि उसके नाम पर लगातार धमकियों और वारदातों के आरोप सामने आते रहे हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता जब भी पंजाब आते हैं तो वे यहां की कानून-व्यवस्था पर उंगली उठाने लगते हैं, लेकिन उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में खूंखार अपराधियों के खिलाफ किस तरह की नरमी बरती जा रही है और साबरमती जेल से जुड़े सवालों पर केंद्र सरकार पूरी तरह चुप्पी क्यों साध लेती है।
मुंबई में खुलेआम अपराध और भाजपा शासित राज्यों की स्थिति पर भी गृह मंत्री दें जवाब
अमन अरोड़ा ने देश के अन्य राज्यों, विशेषकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा व एनडीए शासित राज्यों की आंतरिक सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जिस तरह से दिनदहाड़े आपराधिक वारदातों और गोलीबारी की घटनाएं घटी हैं, उस पर भाजपा नेतृत्व क्या जवाब देगा? मुंबई पंजाब के भीतर नहीं आती, बल्कि वहां भाजपा गठबंधन की सरकार है। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, लेकिन भाजपा के नेता अन्य राज्यों की बदतर कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज कर केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों को बदनाम करने की संकीर्ण राजनीति में जुटे रहते हैं। गृह मंत्री को पूरे देश का निष्पक्ष संरक्षक बनकर इन दोहरे मानकों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच पर बोले: पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है मान सरकार
मानसा में नशा विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की नृशंस हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झोटा के परिजनों की मांग किसी के इस्तीफे की नहीं, बल्कि इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की थी। परिवार की इसी भावना और न्याय की मांग का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमित शाह के दौरे से पहले ही इस पूरे केस को सीबीआई (CBI) को सौंपने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। अरोड़ा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली या प्रतिबंधित दवाएं बेचता पाया जाए, तो उसकी तुरंत गोपनीय सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे समाजविरोधी तत्वों पर सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जा सके।