'PM दक्ष योजना में भी दक्षता नहीं', जयराम रमेश बोले- 240 सीटों पर सिमटने का SC, ST और OBC से बदला ले रही मोदी सरकार

'PM दक्ष योजना में भी दक्षता नहीं', जयराम रमेश बोले- 240 सीटों पर सिमटने का SC, ST और OBC से बदला ले रही मोदी सरकार

वंचित और पिछड़े वर्गों के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही' (PM-DAKSH) योजना के क्रियान्वयन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि पिछले दो वर्षों से यह योजना जमीनी स्तर पर पूरी तरह ठप पड़ी है और इसके तहत आवंटित बजट का खर्च लगभग शून्य रहा है।

कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि जिस सरकार की प्रधानमंत्री के नाम वाली योजना में ही कोई 'दक्षता' नजर नहीं आ रही, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

'240 सीटों पर सिमटने का बदला ले रही सरकार': जयराम रमेश के तीखे बोल

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर वंचित वर्गों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों से इसे जोड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी 2024 के आम चुनावों में अपने दम पर बहुमत न पाकर 240 सीटों पर सिमट जाने का बदला देश के पिछड़े और वंचित तबकों से ले रही है?

उन्होंने लिखा:

"जो सरकार पीएम के नाम वाली दक्ष योजना को—जिसे बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू किया गया था—दक्षता से लागू तक नहीं कर सकती, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मोदी जी, देश की जनता की नजरों में आपकी सरकार विश्वास खो चुकी है। सरकार की एक्सपायरी डेट नजदीक आ चुकी है और अब झोला उठाने का समय आ गया है। आखिर कब तक मोदी सरकार देश की जेन-जी (Gen-Z) के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रहेगी? क्या सरकार देश के अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और विमुक्त, घुमंतू व अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) से 240 सीटों पर सिमट जाने का बदला निकाल रही है?"

क्या है पीएम-दक्ष (PM-DAKSH) योजना और क्या हैं आरोप?

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2020-21 में 'पीएम-दक्ष' योजना की शुरुआत की गई थी।

  • योजना का मुख्य उद्देश्य: अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS), कचरा बीनने वालों, सफाई कर्मचारियों और विमुक्त व घुमंतू जनजातियों के युवाओं को शॉर्ट-टर्म स्किल ट्रेनिंग, अप-स्किलिंग, री-स्किलिंग और आंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना।

  • कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस ने रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में योजना के लिए निर्धारित वित्तीय आवंटन का उपयोग नहीं किया गया और मैदानी स्तर पर ट्रेनिंग प्रक्रिया ठप रही। इसके चलते लाखों वंचित युवाओं को मिलने वाला कौशल विकास का अवसर छिन गया।

  • विपक्ष का तंज: कांग्रेस ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ आकर्षक नारों, बड़े-बड़े विज्ञापनों और अखबारी सुर्खियों तक सीमित है, जबकि हकीकत में नीतियां जमीन पर दम तोड़ रही हैं।

सामाजिक कल्याण और बजट उपयोग पर गरमाई राजनीति

वंचित वर्गों के आरक्षण, जातिगत जनगणना और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेरती रही है। अब पीएम-दक्ष योजना के कथित रूप से निष्क्रिय रहने के मुद्दे ने इस बहस को और हवा दे दी है। कांग्रेस का कहना है कि बजट आवंटित होने के बावजूद फंड को खर्च न करना यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता में हाशिए पर खड़े समाज का आर्थिक सशक्तीकरण नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक सामाजिक न्याय मंत्रालय या सत्ताधारी दल की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।