दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान को 3 घंटे रोका, ₹50,000 का चालान; भड़की आप ने बताया पंजाबियत का अपमान

दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान को 3 घंटे रोका, ₹50,000 का चालान; भड़की आप ने बताया पंजाबियत का अपमान

फ्रांस की राजधानी पैरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेले (SIAL Paris 2026) में भाग लेकर स्वदेश लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कथित दुर्व्यवहार का मामला गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि विदेश से लौटते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा और कस्टम जांच के नाम पर मुख्यमंत्री मान को करीब तीन घंटे तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा गया। इतना ही नहीं, जब मुख्यमंत्री बाहर निकलने लगे तो उन पर ₹50,000 का जुर्माना (चालान) ठोक दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक नया संवैधानिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई किसी सामान्य यात्री पर की गई नियमित प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के एक संवैधानिक पद पर बैठे पूर्ण राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री और समस्त पंजाबियत का खुला अपमान है। पार्टी का तर्क है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में आज तक किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस तरह का अशोभनीय और अपमानजनक सुलूक नहीं किया गया।

बलतेज पन्नू का दावा: 'ऊपर से भारी दबाव था, इसलिए काटा गया ₹50,000 का चालान'

पंजाब सरकार के मीडिया इन-चार्ज और आप नेता बलतेज पन्नू ने एक विस्तृत वीडियो बयान जारी कर दिल्ली एयरपोर्ट के पूरे वाकये का पर्दाफाश किया। पन्नू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विमान के उतरते ही अधिकारियों ने उनके और उनके आधिकारिक स्टाफ के सामान की जांच के नाम पर समय खींचना शुरू कर दिया। जब सभी औपचारिक जांच प्रक्रियाएं पूरी हो गईं और मुख्यमंत्री अपने वाहन की ओर बढ़ने लगे, तभी कुछ अधिकारी दौड़ते हुए उनके पास पहुंचे।

पन्नू के अनुसार, एयरपोर्ट अधिकारियों ने व्यक्तिगत बातचीत में स्वीकार किया कि उनके ऊपर केंद्र की 'शीर्ष सत्ता से बेहद भारी दबाव' है और उन्हें हर हाल में कार्रवाई करने का आदेश मिला है। इसके तुरंत बाद अधिकारियों ने ₹50,000 का चालान थमा दिया। बलतेज पन्नू ने सवाल दागते हुए कहा कि क्या केंद्र सरकार यह भूल चुकी है कि एक मुख्यमंत्री राज्य की तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधि होता है? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार इस बात को हजम नहीं कर पा रही है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के कृषि उत्पादों, बासमती और औद्योगिक निवेश को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने पैरिस गए थे।

हाई कोर्ट की फटकार के बाद मिली थी विदेश यात्रा की मंजूरी

इस पूरे विवाद की जड़ें भगवंत मान के पैरिस दौरे की शुरुआत से जुड़ी हुई हैं। केंद्र के विदेश मंत्रालय ने शुरुआत में मुख्यमंत्री मान को पैरिस जाने के लिए अनिवार्य राजनीतिक मंजूरी (Political Clearance) देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने केंद्र के इस मनमाने फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने केंद्र के आदेश को अनुचित मानते हुए मुख्यमंत्री को पैरिस जाने की हरी झंडी दी थी और यात्रा के दौरान राजनयिक प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।

आप नेताओं का कहना है कि हाई कोर्ट से मात खाने के बाद केंद्र सरकार बौखलाहट में थी। यही कारण रहा कि पैरिस स्थित भारतीय दूतावास ने मुख्यमंत्री को जरूरी राजनयिक प्रोटोकॉल देने में आनाकानी की और जैसे ही वह दिल्ली की जमीन पर उतरे, एयरपोर्ट पर उन्हें प्रताड़ित करने की पूरी पटकथा पहले से तैयार रखी गई थी। सौरभ भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि अहंकार किसी का भी हमेशा नहीं रहता और केंद्र की यह तानाशाही जनता सब देख रही है।

कस्टम सूत्रों का तर्क और राजनीतिक बदले की भावना का सवाल

दूसरी ओर, दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम्स से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया है कि विदेश से लौटते समय लगेज में कुछ वस्तुओं के औपचारिक डिक्लेरेशन (Declaration) को लेकर तकनीकी ड्यूटी या पेनाल्टी लगाई गई है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक खोखला बहाना करार दिया है। आप प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी निजी सैर-सपाटे पर नहीं, बल्कि राज्य के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ वैश्विक प्रदर्शनी में राज्य का प्रतिनिधित्व करने गए थे।

पार्टी का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार पहले पंजाब का ग्रामीण विकास फंड (RDF) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का हजारों करोड़ रुपया रोककर राज्य की आर्थिक नाकेबंदी कर रही थी, फिर किसानों के आंदोलन के समय पंजाब को निशाना बनाया गया, और अब मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। आप ने चेतावनी दी है कि पंजाब का स्वाभिमान ऐसी ओछी हरकतों से झुकने वाला नहीं है और केंद्र की इस मनमानी के खिलाफ कानूनी व लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर आवाज बुलंद की जाएगी।